पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय रेलवे के ‘जीरो स्क्रैप अभियान’ के तहत करीब 5,000 मीट्रिक टन कबाड़ की नीलामी की है। इस प्रक्रिया से मंडल को ₹26.96 करोड़ का राजस्व मिला। इस अभियान का उद्देश्य बेकार पड़े सामान को हटाकर रेलवे परिसर का बेहतर उपयोग करना और अनुपयोगी संपत्तियों से आय जुटाना है।
Ratlam Division को कबाड़ की नीलामी से बड़ी कमाई
नीलाम किए गए सामान में दो खराब घोषित WAG-5 इलेक्ट्रिक इंजन, दो यात्री कोच, एक टावर वैगन और रतलाम के लोकोमोटिव केयर सेंटर में पड़े अनुपयोगी उपकरण शामिल थे। इसके अलावा रास्तों और रेलवे परिसर में जमा अन्य कबाड़ सामग्री को भी नीलामी के जरिए हटाया गया।
इस कार्रवाई से केवल राजस्व ही नहीं मिला, बल्कि रेलवे यार्ड और मरम्मत केंद्रों में जरूरी जगह भी खाली हुई। खाली जगह का इस्तेमाल परिचालन और रखरखाव से जुड़े कामों के लिए किया जा सकता है।
🚆 नीलामी से रेलवे को फायदा
- कुल राजस्व: ₹26.96 करोड़
- नीलाम कबाड़: करीब 5,000 मीट्रिक टन
- मुख्य सामान: पुराने इंजन, यात्री कोच और अनुपयोगी उपकरण
- मुख्य उद्देश्य: कबाड़ हटाकर आय बढ़ाना
अभियान की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में
रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार और वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक अमीर यादव के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसका लक्ष्य अनुपयोगी सामग्री की पहचान करना, रेलवे परिसर में उपलब्ध जगह का सही उपयोग करना और बेकार संपत्तियों से अधिकतम राजस्व प्राप्त करना है।
मुकेश कुमार ने बताया कि लगभग 5,000 मीट्रिक टन अनुपयोगी सामग्री हटने से रेलवे यार्ड और मरम्मत सुविधाओं में काफी जगह खाली हुई है। वित्त वर्ष के बाकी समय में भी बेकार सामग्री की पहचान और नीलामी जारी रहेगी, ताकि परिसर साफ-सुथरे और व्यवस्थित बने रहें।
🌿 रेलवे परिसर को मिलेगा अधिक स्थान
- खाली जगह: रेलवे यार्ड और मरम्मत केंद्रों में स्थान बढ़ा
- बेहतर व्यवस्था: अनुपयोगी सामान को हटाने में मदद
- आगे की योजना: पूरे वित्त वर्ष में नीलामी जारी रहेगी
- लक्ष्य: साफ और व्यवस्थित रेलवे परिसर
भारतीय रेलवे की अन्य पहलों की जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
निष्कर्ष
रतलाम मंडल की यह पहल कबाड़ प्रबंधन और रेलवे परिसर के बेहतर उपयोग का उदाहरण है। नीलामी से ₹26.96 करोड़ की कमाई हुई और जरूरी जगह खाली हुई। अभियान जारी रहने से सफाई, व्यवस्था और संसाधनों के उपयोग में आगे भी सुधार हो सकता है।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आंकड़ों या विवरण में बदलाव के लिए आधिकारिक रेलवे सूचना देखें।
