भारत के उद्योगों में बिजली, automation और आधुनिक मशीनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में केवल सामान्य तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं रह गई है। कंपनियों को ऐसे कर्मचारियों की जरूरत है जो औद्योगिक उपकरणों, ऊर्जा तकनीक और स्वचालित प्रणालियों को समझ सकें। इसी जरूरत को देखते हुए Schneider Electric India Foundation ने तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर राज्य के सरकारी Industrial Training Institutes यानी ITI में 70 advanced skill training centres स्थापित करने की योजना बनाई है। यह जानकारी 30 अक्टूबर 2026 को जारी की गई।
🎓 70 ITI Skill Centres: मुख्य बातें
- घोषणा: 30 अक्टूबर 2026
- साझेदार: Schneider Electric India Foundation और तमिलनाडु सरकार
- कुल केंद्र: 70 सरकारी ITI
- पहला चरण: 30 केंद्रों का उद्घाटन
- आगे का चरण: 40 अतिरिक्त केंद्र
- लक्ष्य: लगभग 25,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
तमिलनाडु में 70 प्रशिक्षण केंद्र क्यों बनाए जा रहे हैं?
इस योजना का मुख्य ध्यान electrical technology और industrial automation पर है। आज फैक्ट्रियों में मोटर, कंट्रोल पैनल, सेंसर, ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली और स्वचालित मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है। इन प्रणालियों को चलाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन जरूरी होते हैं। यदि ITI के विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही ऐसे उपकरणों पर अभ्यास करने का अवसर मिलता है, तो उन्हें नौकरी के वास्तविक काम को समझने में मदद मिल सकती है।
सरकारी ITI कई छोटे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। लेकिन कुछ संस्थानों में आधुनिक मशीनों और अभ्यास उपकरणों की कमी हो सकती है। उद्योग के साथ साझेदारी से प्रशिक्षण केंद्रों में नए उपकरण, अभ्यास सामग्री और प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने का अवसर बनता है। इसका फायदा केवल बड़े शहरों के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, इसके लिए केंद्रों का अलग-अलग ITI में सही ढंग से संचालन जरूरी होगा।
पहले चरण में 30 केंद्र शुरू, 40 और बनेंगे
जारी जानकारी के मुताबिक पहले चरण में 30 advanced skill centres का उद्घाटन किया गया है। इसके बाद 40 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस तरह योजना का कुल दायरा 70 सरकारी ITI तक पहुंचेगा। Schneider Electric India Foundation और राज्य सरकार के बीच इस काम के लिए समझौता ज्ञापन यानी MoU भी हुआ है। इस साझेदारी को Directorate of Employment and Training के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
इस पहल से लगभग 25,000 युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह संख्या योजना की अपेक्षित पहुंच को दर्शाती है। वास्तविक रूप से कितने विद्यार्थी प्रशिक्षण पूरा करेंगे और उनमें से कितनों को नौकरी या अप्रेंटिसशिप मिलेगी, यह आगे के परिणामों से स्पष्ट होगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योगों की भागीदारी इस लक्ष्य को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
विद्यार्थियों को किस तरह का प्रशिक्षण मिल सकता है?
केंद्रों का मुख्य क्षेत्र energy technology और industrial automation होगा। इसका मतलब है कि प्रशिक्षण में बिजली से जुड़े उपकरणों, औद्योगिक नियंत्रण, मशीनों के संचालन और स्वचालित उत्पादन प्रक्रियाओं से संबंधित विषयों पर ध्यान दिया जा सकता है। किसी भी तकनीकी पाठ्यक्रम का वास्तविक लाभ तब बढ़ता है जब विद्यार्थी केवल किताबों से जानकारी लेने के बजाय उपकरणों पर अभ्यास भी कर सकें।
प्रशिक्षण केंद्रों की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वहां इस्तेमाल होने वाला पाठ्यक्रम उद्योग की वर्तमान जरूरतों से कितना मेल खाता है। यदि विद्यार्थियों को पुराने उपकरणों और पुरानी प्रक्रियाओं तक सीमित रखा गया, तो नौकरी के समय उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए प्रशिक्षण सामग्री को समय-समय पर अपडेट करना और स्थानीय उद्योगों से प्रतिक्रिया लेना जरूरी होगा।
🛠️ युवाओं और उद्योगों को संभावित लाभ
- विद्यार्थी: आधुनिक उपकरणों पर अभ्यास का अवसर
- प्रशिक्षक: नई तकनीक और शिक्षण क्षमता का विकास
- कंपनियां: जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित तकनीशियन
- राज्य: तकनीकी कौशल का मजबूत आधार
- चुनौती: प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ना
प्रशिक्षकों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
यदि प्रशिक्षक नई तकनीक से परिचित होंगे तो वे विद्यार्थियों को मशीनों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा प्रक्रिया और समस्या समाधान का अभ्यास बेहतर तरीके से करा सकेंगे। इससे प्रशिक्षण केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को काम की जगह पर आने वाली चुनौतियों का सामना करने की तैयारी मिल सकती है। प्रशिक्षकों के लिए नियमित refresher courses और तकनीकी अपडेट भी जरूरी होंगे।
Deepak Sharma, Zone President, Greater India और Schneider Electric India के Managing Director एवं CEO ने कहा कि उद्योग और सरकार के सहयोग से भविष्य के लिए तैयार workforce बनाना जरूरी है। उनका कहना है कि प्रशिक्षण ढांचे और प्रशिक्षकों की क्षमता को मजबूत करके युवाओं को energy technology से जुड़े कौशल दिए जा सकते हैं। यह बयान कंपनी की ओर से जारी जानकारी में शामिल है।
भारत के उद्योगों में automation से कौशल की मांग
भारत में उत्पादन, बिजली वितरण, भवन प्रबंधन, परिवहन और ऊर्जा क्षेत्रों में automation का उपयोग बढ़ रहा है। कई उद्योग उत्पादन की गति, सुरक्षा और ऊर्जा की बचत बेहतर करने के लिए डिजिटल नियंत्रण प्रणालियों का सहारा लेते हैं। ऐसे में electrical maintenance, industrial control और automation से जुड़े तकनीशियनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
राज्य में automobile, electronics, engineering और ऊर्जा से जुड़े उद्योगों की मौजूदगी के कारण तकनीकी प्रशिक्षण का उपयोग स्थानीय रोजगार में हो सकता है। फिर भी किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम से नौकरी की गारंटी नहीं मिलती। उम्मीदवारों को अपनी तकनीकी समझ, सुरक्षा नियमों, संवाद क्षमता और काम के अनुभव को भी मजबूत करना होगा। कंपनियों को भी प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेंटिसशिप और शुरुआती नौकरी के अवसर देने चाहिए।
युवाओं को आवेदन से पहले क्या देखना चाहिए?
विद्यार्थियों को यह भी पूछना चाहिए कि प्रशिक्षण में कितने घंटे practical work होगा, किस प्रकार के उपकरण उपलब्ध होंगे और कोर्स पूरा होने पर प्रमाणपत्र कौन जारी करेगा। यदि किसी उद्योग के साथ internship या apprenticeship का अवसर है, तो उसकी शर्तें भी समझनी चाहिए। प्रशिक्षण की गुणवत्ता जानने के लिए पुराने विद्यार्थियों और संस्थान के अधिकारियों से जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है।
इलेक्ट्रिकल और automation प्रशिक्षण में सुरक्षा का विशेष महत्व है। बिजली के उपकरणों पर अभ्यास प्रशिक्षक की निगरानी में होना चाहिए। विद्यार्थियों को protective equipment, सही wiring, बिजली बंद करने की प्रक्रिया और emergency response की जानकारी दी जानी चाहिए। बिना प्रशिक्षण के किसी live electrical panel पर काम करना खतरनाक हो सकता है। अभ्यास के लिए multimeter जैसे उपकरण उपयोगी होते हैं; Amazon पर Digital Multimeter विकल्प देखें। यह affiliate link है।
आगे इस योजना की सफलता कैसे मापी जाएगी?
योजना की वास्तविक सफलता केवल 70 केंद्र स्थापित करने से नहीं मापी जानी चाहिए। यह देखना होगा कि कितने केंद्र नियमित रूप से चल रहे हैं, कितने विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण लिया, कितनों ने कोर्स पूरा किया और कितने युवाओं को नौकरी या apprenticeship मिली। कंपनियों से यह प्रतिक्रिया भी जरूरी होगी कि प्रशिक्षित उम्मीदवारों के कौशल उनकी जरूरतों के अनुरूप हैं या नहीं।
इस पहल की जानकारी India Technology News की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में प्रकाशित हुई है। आगे के प्रवेश और पाठ्यक्रम संबंधी विवरण के लिए संबंधित सरकारी ITI और Directorate of Employment and Training की आधिकारिक सूचना देखना बेहतर होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Schneider Electric कितने ITI में skill centres बनाएगा?
Schneider Electric India Foundation और तमिलनाडु सरकार की साझेदारी में कुल 70 सरकारी ITI में advanced skill training centres स्थापित किए जाएंगे। पहले 30 केंद्रों का उद्घाटन हो चुका है और बाकी 40 केंद्र आगे तैयार किए जाने हैं।
2. इस योजना से कितने युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है?
इस पहल का लक्ष्य लगभग 25,000 युवाओं के लिए electrical technology और industrial automation में कौशल विकास के अवसर बनाना है। यह अनुमानित पहुंच है। वास्तविक प्रशिक्षण और रोजगार के नतीजे आगे केंद्रों के संचालन पर निर्भर करेंगे।
3. इन केंद्रों में कौन से विषय पढ़ाए जाएंगे?
केंद्रों का मुख्य ध्यान energy technology और industrial automation पर होगा। इसमें बिजली के उपकरण, औद्योगिक नियंत्रण, मशीन संचालन और स्वचालित प्रणालियों से जुड़े कौशल शामिल हो सकते हैं। अंतिम पाठ्यक्रम की जानकारी संबंधित ITI से लेनी चाहिए।
4. क्या इन केंद्रों में प्रशिक्षकों को भी ट्रेनिंग मिलेगी?
हां, Schneider Electric India Foundation ने सभी 70 ITI में trainers को प्रशिक्षण देने की बात कही है। इसका उद्देश्य उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का उपयोग करना और विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरत के अनुसार पढ़ाना सिखाना है।
5. क्या इस ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी मिलेगी?
उपलब्ध घोषणा में नौकरी की गारंटी का उल्लेख नहीं है। प्रशिक्षण से तकनीकी कौशल और रोजगार की तैयारी बेहतर हो सकती है, लेकिन नौकरी उम्मीदवार की योग्यता, उपलब्ध पदों, अनुभव और कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
तमिलनाडु के 70 ITI में आधुनिक skill centres बनाने की पहल तकनीकी शिक्षा को उद्योग से जोड़ सकती है। इसकी सफलता प्रशिक्षकों की तैयारी, practical training और युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर निर्भर करेगी।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। प्रवेश, पात्रता और रोजगार संबंधी अंतिम जानकारी संबंधित सरकारी ITI से जांचें। Amazon लिंक affiliate है।
