भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अपने शानदार करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके 54वें जन्मदिन पर आईसीसी ने उन्हें हॉल ऑफ फेम में शामिल कर एक और बड़ा सम्मान दिया है।
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उन्हें एक बड़ी उपलब्धि भी मिली है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उन्हें अपने प्रतिष्ठित हॉल ऑफ फेम में शामिल किया है। इसके साथ ही गांगुली यह सम्मान पाने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर और 10वें भारतीय पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं।
सौरव गांगुली को मिला आईसीसी हॉल ऑफ फेम का सम्मान
🏏 सौरव गांगुली को मिला बड़ा सम्मान
- मौका: 54वां जन्मदिन
- सम्मान: ICC Hall of Fame में शामिल
- उपलब्धि: 12वें भारतीय क्रिकेटर
- पुरुष क्रिकेटर: 10वें भारतीय पुरुष खिलाड़ी
- विशेष: भारतीय क्रिकेट में योगदान के लिए सम्मानित
इस सम्मान पर खुशी जताते हुए सौरव गांगुली ने आईसीसी और इसके चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि हॉल ऑफ फेम में जगह मिलना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के कई महान खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम जुड़ना उनके लिए बेहद खास पल है।
सौरव गांगुली से पहले भारत के कई दिग्गज खिलाड़ी इस सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। इनमें सुनील गावस्कर, बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, वीनू मांकड़, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, अनिल कुंबले, डायना एडुल्जी, नीतू डेविड और महेंद्र सिंह धोनी शामिल हैं। साल 2009 में सुनील गावस्कर, बिशन सिंह बेदी और कपिल देव इस सूची में शामिल होने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।
भारत के हॉल ऑफ फेम खिलाड़ियों की सूची
📊 सौरव गांगुली का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रिकॉर्ड
- करियर: 1992 से 2007
- टेस्ट मैच: 113
- वनडे मैच: 311
- टेस्ट रन: 7,212 | विकेट: 32
- वनडे रन: 11,363 | विकेट: 100
- उपलब्धि: 16 टेस्ट और 22 वनडे शतक
सौरव गांगुली ने 1992 से 2007 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उन्होंने 113 टेस्ट और 311 वनडे मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 7,212 रन और 32 विकेट दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 11,363 रन बनाने के साथ 100 विकेट भी लिए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 16 शतक और 35 अर्धशतक लगाए, जबकि वनडे में उनके बल्ले से 22 शतक और 72 अर्धशतक निकले।
गांगुली ने साल 1996 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाकर शानदार शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने 2000 से 2005 तक भारतीय टीम की कप्तानी संभाली और टीम को नई पहचान दिलाई। उनकी कप्तानी में भारत ने 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उन्होंने खेल से जुड़ाव बनाए रखा। वह 2019 से 2022 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे और फिलहाल आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स तथा दक्षिण अफ्रीका की टी20 लीग SA20 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के साथ अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
कप्तानी से प्रशासन तक का शानदार सफर
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