भारत की प्रमुख Steel कंपनियां इस समय निवेशकों की नजर में बनी हुई हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इस क्षेत्र के कई शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह मजबूत मांग, बेहतर बिक्री और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार माना जा रहा है। खासकर वाहन, निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े क्षेत्रों में मांग बनी रहने से स्टील कंपनियों को अच्छा समर्थन मिला है।
स्टील कंपनियों के शेयर क्यों बने हुए हैं निवेशकों की नजर में?
हाल ही में जारी कारोबारी अपडेट के अनुसार, जेएसडब्ल्यू स्टील ने जून तिमाही में अब तक की सबसे अधिक पहली तिमाही बिक्री दर्ज की। कंपनी की कुल स्टील बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 62.5 लाख टन रही। घरेलू बाजार में भी कंपनी की बिक्री मजबूत रही और संस्थागत ग्राहकों के साथ-साथ ऑटो, नवीकरणीय ऊर्जा और घरेलू उपकरण क्षेत्र से अच्छी मांग देखने को मिली। इससे यह संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में औद्योगिक मांग फिलहाल मजबूत बनी हुई है।
कंपनी की आय में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बेहतर स्टील कीमतों और ज्यादा बिक्री की वजह से राजस्व में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लागत पर नियंत्रण रखने के कारण परिचालन लाभ में भी सुधार आया और शुद्ध मुनाफा पिछले साल की तुलना में दोगुने से अधिक बढ़ गया। इससे निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हुआ है।
जेएसडब्ल्यू स्टील का मजबूत प्रदर्शन
जेएसडब्ल्यू स्टील अपनी उत्पादन क्षमता भी लगातार बढ़ा रही है। कर्नाटक के विजयनगर संयंत्र में विस्तार का काम पूरा होने के बाद आने वाली तिमाहियों में अतिरिक्त उत्पादन मिलने की उम्मीद है। इससे कंपनी की बिक्री और आय दोनों में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है।
दूसरी ओर टाटा स्टील ने भी जून तिमाही में घरेलू बाजार में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत में कंपनी की स्टील डिलीवरी लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर 51.7 लाख टन पहुंच गई। हालांकि यूरोप के कारोबार में कुछ चुनौतियां बनी रहीं, फिर भी कुल वैश्विक डिलीवरी में वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के तिमाही नतीजों पर अब निवेशकों की नजर बनी हुई है।
टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील की तुलना
अगर दोनों कंपनियों की तुलना करें तो टाटा स्टील का P/E अनुपात जेएसडब्ल्यू स्टील की तुलना में कम है, जिससे कुछ निवेशकों को यह मूल्यांकन के लिहाज से आकर्षक लग सकती है। वहीं जेएसडब्ल्यू स्टील की मजबूत कमाई, बढ़ती उत्पादन क्षमता और बेहतर लाभ मार्जिन इसे विकास के नजरिए से मजबूत विकल्प बनाते हैं। दोनों कंपनियों का RoE भी संतोषजनक स्तर पर है, जो पूंजी के बेहतर उपयोग का संकेत देता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में घरेलू मांग मजबूत रहती है और स्टील की कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं आती, तो इस क्षेत्र की कंपनियां अच्छा प्रदर्शन जारी रख सकती हैं। सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर बढ़ता खर्च और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी भी इस उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
स्टील सेक्टर पर आगे क्या रहेगी नजर?
लंबी अवधि के नजरिए से देखा जाए तो स्टील क्षेत्र अभी भी निवेशकों की निगरानी सूची में बना रह सकता है। हालांकि किसी भी Stock में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, बाजार की स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य का अच्छी तरह आकलन करना जरूरी है। Market में जोखिम हमेशा मौजूद रहता है, इसलिए सोच-समझकर फैसला लेना ही बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाह और स्वयं का विश्लेषण अवश्य करें।

