Stock Market Crash: सेंसेक्स-निफ्टी 2% गिरे, जानें बड़ी वजह

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ गई और बाजार में जोरदार बिकवाली हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 गिरकर 23,882 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स करीब 2.14 फीसदी टूटकर 76,503 अंक पर पहुंच गया। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों की मार्च के बाद सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट रही।

अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में भारी गिरावट

बाजार में गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टरों पर देखने को मिला। निफ्टी के ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव सरकारी बैंकों के शेयरों पर रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 2.27 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा केमिकल, सीमेंट, प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी, मीडिया, ऑटो और ऑयल एंड गैस जैसे सेक्टर भी नुकसान में रहे।

बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ता तनाव माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका से वैश्विक बाजारों में भी दबाव बना। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम समझौते को लेकर दिए गए बयान के बाद निवेशकों में चिंता और बढ़ी। इससे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी।

बैंकिंग, ऑटो और ऑयल सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव

बिकवाली के दौरान कई बड़े शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें कुछ शेयर 5 फीसदी तक नीचे आ गए। कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित होने वाली कंपनियों पर भी दबाव रहा। एविएशन कंपनी इंडिगो के शेयर करीब 5 फीसदी गिर गए, जबकि टायर कंपनियों जैसे एमआरएफ, जेके टायर और बालकृष्ण इंडस्ट्रीज में भी गिरावट आई।

📉 शेयर बाजार गिरावट की बड़ी वजहें

  • मुख्य कारण: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
  • सेंसेक्स: करीब 2.14 फीसदी गिरकर 76,503 अंक पर बंद
  • निफ्टी 50: गिरकर 23,882 के स्तर पर पहुंचा
  • सबसे ज्यादा दबाव: सरकारी बैंक शेयरों पर
  • प्रभावित सेक्टर: बैंक, ऑटो, एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और आईटी

आईटी और कैपिटल मार्केट कंपनियों के शेयर भी फिसले

आईटी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। एमफैसिस और कोफोर्ज जैसे शेयरों में गिरावट आई। इसके अलावा कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों जैसे 360 वन डब्ल्यूएएम, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, सीडीएसएल और सीएएमएस के शेयर भी दबाव में रहे।

हालांकि, बाजार में भारी गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। कल्याण ज्वेलर्स इंडिया का शेयर करीब 5.5 फीसदी बढ़कर 374 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के जून तिमाही अपडेट के बाद विश्लेषकों का भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा एथर एनर्जी के शेयर में भी तेजी रही और यह करीब 5.2 फीसदी चढ़ गया। एमसीएक्स के शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली।

गिरते बाजार में इन शेयरों ने दिया बेहतर प्रदर्शन

अन्य बढ़ने वाले शेयरों में चेन्नई पेट्रोलियम, नाल्को, प्रीमियर एनर्जीज, अक्यूटास केमिकल्स, ऑयल इंडिया, इंफो एज, एक्साइड इंडस्ट्रीज, आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया, बीएसई और इंडस टावर्स शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में 1.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

📊 निवेशकों की नजर किन बातों पर?

  • वैश्विक घटनाएं: अमेरिका-ईरान तनाव का असर
  • कच्चे तेल की कीमत: बाजार की दिशा तय करने वाला अहम फैक्टर
  • तिमाही नतीजे: कंपनियों के प्रदर्शन पर फोकस
  • सेक्टर ट्रेंड: बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों की चाल
  • बाजार धारणा: निवेशकों की सतर्कता बनी रह सकती है

आगे वैश्विक घटनाओं और तिमाही नतीजों पर रहेगी नजर

कुल मिलाकर, बुधवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी कमजोर रहा। अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय बाजार पर दबाव बना रहा। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाओं और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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