शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों, महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों पर रहेगी।
शेयर बाजार में इस सप्ताह किन चीजों पर रहेगी नजर
शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह कई बड़े घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों के कारण काफी अहम रहने वाला है। बाजार की नजर कंपनियों के जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों, महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका व चीन से आने वाले आर्थिक संकेतों पर रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव नहीं बढ़ता है, तो भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख बना रह सकता है।
इस सप्ताह 140 से ज्यादा कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, विप्रो, टेक महिंद्रा, JSW स्टील, HDFC लाइफ और जियो फाइनेंशियल जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों का असर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस सप्ताह शेयर बाजार के बड़े ट्रिगर
- तिमाही नतीजे: 140 से ज्यादा कंपनियों के Q1 FY27 परिणाम
- बड़ी कंपनियां: रिलायंस, HDFC बैंक, ICICI बैंक सहित अन्य दिग्गज
- महंगाई आंकड़े: CPI और WPI डेटा
- वैश्विक संकेत: अमेरिका और चीन की आर्थिक रिपोर्ट
- कच्चा तेल: कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर
कच्चे तेल और महंगाई आंकड़ों का असर
निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी। पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत तथा पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों का असर सीधे बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
घरेलू स्तर पर 13 जुलाई को जून महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और 14 जुलाई को थोक महंगाई (WPI) के आंकड़े जारी होंगे। इसके अलावा बेरोजगारी दर, व्यापार संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। वैश्विक स्तर पर अमेरिका की महंगाई, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श का बयान और चीन की दूसरी तिमाही की GDP रिपोर्ट निवेशकों के लिए अहम संकेत दे सकती है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बाजार संकेत
- FII निवेश: पिछले सप्ताह करीब ₹4,670 करोड़ की खरीदारी
- DII निवेश: करीब ₹8,276 करोड़ की खरीदारी
- IPO गतिविधि: SBI फंड्स मैनेजमेंट, अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के IPO
- समर्थन स्तर: निफ्टी के लिए 24,000 अंक
- प्रतिरोध स्तर: 24,500 से 24,600 अंक
FII निवेश और IPO बाजार पर नजर
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। पिछले सप्ताह FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 4,670 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी 8,276 करोड़ रुपये की खरीदारी की। लगातार निवेश से बाजार को मजबूती मिली है।
प्राइमरी मार्केट भी अगले सप्ताह काफी व्यस्त रहेगा। SBI फंड्स मैनेजमेंट, अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के IPO निवेशकों के लिए खुलेंगे। वहीं कुछ अन्य कंपनियों के IPO बंद होंगे और कई नई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी होगी।
निफ्टी के तकनीकी स्तर और आगे की रणनीति
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 अंक के आसपास मजबूत समर्थन और 24,500 से 24,600 अंक के बीच प्रमुख रुकावट दिखाई दे रही है। यदि निफ्टी 24,600 के ऊपर टिकता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि 23,800 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए निवेशकों को इस सप्ताह कंपनियों के नतीजों, महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी बाजार विश्लेषण पर आधारित है, निवेश निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।

