अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वें International Tourism Mart की शुरुआत के साथ Northeast India के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की कोशिश तेज हुई है। 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम में 22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हुए हैं। इसके साथ 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 42 घरेलू खरीदार तथा 81 विक्रेता भी भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, स्थानीय उत्पाद और पर्यटन कारोबार को नए बाजारों से जोड़ना है।
🏔️ Tawang Tourism Mart की मुख्य बातें
- आयोजन: 14वां International Tourism Mart
- स्थान: तवांग, अरुणाचल प्रदेश
- तारीख: 29 से 31 अक्टूबर 2026
- अंतरराष्ट्रीय खरीदार: 22 देशों से 43
- घरेलू खरीदार: 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 42
- विक्रेता: 81
- मुख्य उद्देश्य: Northeast Tourism और व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा
तवांग में पर्यटन कार्यक्रम क्यों खास है?
International Tourism Mart पर्यटन मंत्रालय का वार्षिक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत को देश और विदेश के यात्रियों के सामने एक आकर्षक पर्यटन क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत करना है। तवांग में इस आयोजन की वापसी 13 साल बाद हुई है। इससे पहले शहर ने 2013 में इस कार्यक्रम के दूसरे संस्करण की मेजबानी की थी। पिछला संस्करण नवंबर 2025 में सिक्किम के गंगटोक में आयोजित हुआ था।
इस बार आयोजन में पर्यटन कारोबारी, टूर ऑपरेटर, सेवा प्रदाता, सरकारी प्रतिनिधि और मीडिया से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं। अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधि अपने पर्यटन स्थलों, यात्रा अनुभवों और स्थानीय उत्पादों की जानकारी साझा कर रहे हैं। इससे खरीदारों और विक्रेताओं को नए कारोबारी संबंध बनाने का अवसर मिल सकता है।
22 देशों से आए खरीदारों की भागीदारी
सरकारी जानकारी के अनुसार 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार 22 देशों से तवांग पहुँचे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, भूटान, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मलेशिया, फिलीपींस, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इतनी विविध भागीदारी से पूर्वोत्तर के पर्यटन उत्पादों को अलग-अलग बाजारों तक पहुँचाने में मदद मिल सकती है।
आयोजन में 42 घरेलू खरीदार और 81 विक्रेता भी शामिल हैं। खरीदारों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के बीच Business-to-Business बैठकें रखी गई हैं। इन बैठकों में होटल, टूर पैकेज, स्थानीय गाइड, परिवहन, सांस्कृतिक अनुभव और साहसिक पर्यटन से जुड़े अवसरों पर बातचीत हो सकती है।
🌿 Northeast के आठ राज्यों की खासियत
- अरुणाचल प्रदेश: पहाड़, मठ और साहसिक यात्रा
- असम: चाय बागान, वन्यजीव और नदी पर्यटन
- मेघालय: झरने, गुफाएँ और हरियाली
- सिक्किम: हिमालयी दृश्य और मठ
- नागालैंड: जनजातीय संस्कृति और उत्सव
- मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: झीलें, पहाड़, विरासत और स्थानीय परंपराएँ
पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों को मिलेगा मंच
कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों की पर्यटन प्रस्तुतियाँ रखी गई हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों और अनुभवों को सामने रख रहे हैं। इन राज्यों में पहाड़, जंगल, झीलें, झरने, मठ, जनजातीय परंपराएँ और स्थानीय भोजन जैसे कई आकर्षण मौजूद हैं।
तवांग में प्रतिनिधियों के लिए कई प्रमुख स्थानों का भ्रमण भी तय किया गया है। इनमें तवांग मठ, जसवंतगढ़ वॉर मेमोरियल, जंग वॉटरफॉल, बुद्धा पार्क और पांगकांग त्सो झील जैसे स्थल शामिल हैं। ऐसे भ्रमण से विदेशी खरीदारों को केवल प्रस्तुति नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों का वास्तविक अनुभव भी मिलता है।
स्थानीय लोगों और कारोबार को क्या लाभ हो सकता है?
पर्यटन बढ़ने से होटल, होमस्टे, टैक्सी, स्थानीय गाइड, रेस्तरां, हस्तशिल्प विक्रेता और छोटे कारोबारियों को काम के अवसर मिल सकते हैं। यदि पर्यटक अधिक समय तक किसी क्षेत्र में रुकते हैं, तो स्थानीय बाजार में खर्च बढ़ सकता है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आजीविका के नए साधन विकसित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि पर्यटन का विकास स्थानीय पर्यावरण और संस्कृति को ध्यान में रखकर होना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन, पानी की उपलब्धता, सड़क सुरक्षा और प्राकृतिक स्थलों की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। सरकार ने भी कार्यक्रम में टिकाऊ पर्यटन, बेहतर कनेक्टिविटी और स्थानीय समुदायों की आजीविका पर जोर दिया है।
पूर्वोत्तर में घरेलू पर्यटन का बढ़ता रुझान
पर्यटन मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में घरेलू पर्यटकों की संख्या 2019 में लगभग 95.65 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर करीब 1.51 करोड़ हो गई। यह बढ़ोतरी इस क्षेत्र में घरेलू यात्रियों की रुचि बढ़ने का संकेत देती है। बेहतर सड़क, हवाई संपर्क, डिजिटल प्रचार और यात्रा सुविधाएँ इस रुझान को आगे बढ़ा सकती हैं।
तवांग जैसे स्थानों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में पहचान दिलाने के लिए कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधा अहम है। मौसम, सड़क की स्थिति और कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में लागू अनुमति नियमों की जानकारी पहले से लेना जरूरी होता है। पर्यटकों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट से ताजा दिशा-निर्देश जाँचने चाहिए।
इस आयोजन में लाइव इवेंट, संगीत कार्यक्रम और अनुभव आधारित यात्राओं को भी पर्यटन के नए अवसर के रूप में देखा जा रहा है। यदि स्थानीय समुदायों को योजना और कमाई में उचित भागीदारी मिले, तो पर्यटन से रोजगार और क्षेत्रीय विकास दोनों को लाभ हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. International Tourism Mart 2026 कहाँ आयोजित हो रहा है?
14वां International Tourism Mart अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह पर्यटन मंत्रालय का कार्यक्रम है, जिसे पूर्वोत्तर राज्यों की पर्यटन क्षमता को देश और विदेश के बाजारों में बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है।
2. इस आयोजन में कितने देशों के खरीदार शामिल हुए?
सरकारी जानकारी के अनुसार 22 देशों से 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार इस आयोजन में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 42 घरेलू खरीदार तथा 81 विक्रेता शामिल हैं। इनकी भागीदारी से पर्यटन कारोबार में नए संपर्क बन सकते हैं।
3. तवांग में कौन-कौन से पर्यटन स्थल दिखाए जा रहे हैं?
प्रतिनिधियों के लिए तवांग मठ, जसवंतगढ़ वॉर मेमोरियल, जंग वॉटरफॉल, बुद्धा पार्क और पांगकांग त्सो झील जैसे स्थानों के भ्रमण की योजना बनाई गई है। इन जगहों से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी मिलती है।
4. International Tourism Mart से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
पर्यटन बढ़ने पर होटल, होमस्टे, टैक्सी, गाइड, रेस्तरां और हस्तशिल्प कारोबार को नए ग्राहक मिल सकते हैं। इससे स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों को मदद मिल सकती है। लाभ टिकाऊ पर्यटन, पर्यावरण सुरक्षा और समुदाय की भागीदारी पर भी निर्भर करेगा।
5. पूर्वोत्तर के कितने राज्य इस कार्यक्रम में शामिल हैं?
इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्य शामिल हैं: अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा। ये राज्य अपने पर्यटन स्थलों, स्थानीय संस्कृति, खानपान और यात्रा अनुभवों को घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।
निष्कर्ष
तवांग में Tourism Mart पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का अवसर है। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी से स्थानीय कारोबार को नए संपर्क मिल सकते हैं। टिकाऊ पर्यटन और बेहतर सुविधाएँ इस अवसर को लंबे समय का लाभ बना सकती हैं।
Disclaimer: यह लेख पर्यटन मंत्रालय की जानकारी पर आधारित है। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम, सड़क और अनुमति संबंधी आधिकारिक निर्देश अवश्य जाँचें।
आधिकारिक स्रोत: पर्यटन मंत्रालय | प्रेस विज्ञप्ति: PIB
