TCS बनाएगी 8,900 AI इंजीनियरों की टीम, बदलेगा IT सेक्टर

टीसीएस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी एआई इंजीनियरों की नई टीम तैयार करने के साथ-साथ एआई, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों में अधिग्रहण के अवसर भी तलाश रही है।

टीसीएस की एआई रणनीति: हजारों इंजीनियरों की टीम तैयार करने की योजना

टीसीएस एआई पर बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी आने वाले समय में लगभग 5,900 से 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉयड एआई इंजीनियरों की टीम तैयार करने की योजना बना रही है। इन इंजीनियरों का काम ग्राहकों के साथ सीधे काम करके उनकी जरूरत के अनुसार एआई तकनीक को लागू करना और मौजूदा सिस्टम के साथ जोड़ना होगा। इसके साथ ही कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों के अधिग्रहण (एक्विजिशन) के अवसर भी तलाश रही है। लंबे समय तक केवल अपनी आंतरिक क्षमता पर भरोसा करने वाली टीसीएस अब बदलते बाजार को देखते हुए नई रणनीति अपना रही है।

भारत का आईटी उद्योग इस समय तेजी से बदल रहा है। कई निवेशकों को चिंता है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग कम हो सकती है। हालांकि, टीसीएस का मानना है कि एआई नौकरियां खत्म करने के बजाय नए अवसर पैदा करेगा। कंपनी के अनुसार, सिर्फ एआई मॉडल बनाना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें किसी कंपनी के मौजूदा सिस्टम, डेटा और काम करने के तरीके के साथ सही तरह से जोड़ना भी जरूरी होता है। यही वह क्षेत्र है जहां टीसीएस अपने अनुभव और बड़ी इंजीनियरिंग टीम की वजह से खुद को मजबूत मानती है।

🤖 टीसीएस की एआई योजना की मुख्य बातें

  • एआई इंजीनियर: 5,900 से 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉय्ड इंजीनियरों की योजना
  • मुख्य काम: ग्राहकों के सिस्टम में एआई समाधान लागू करना
  • फोकस क्षेत्र: एआई, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी
  • रणनीति: अधिग्रहण के नए अवसरों की तलाश
  • उद्देश्य: भविष्य के एआई बाजार में मजबूत स्थिति बनाना

एआई इंटीग्रेशन में टीसीएस देख रही बड़ा अवसर

कंपनी का कहना है कि आज कई संस्थान एक साथ अलग-अलग एआई मॉडल का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें ऐसे तकनीकी साझेदार की जरूरत होती है जो इन सभी सिस्टम को आसानी से जोड़ सके और डेटा का सही प्रबंधन कर सके। इसी कारण टीसीएस अपने कर्मचारियों को लगातार नई एआई तकनीकों की ट्रेनिंग दे रही है और हर साल कौशल विकास पर करीब 1 अरब डॉलर का निवेश कर रही है। कंपनी जरूरत पड़ने पर नए विशेषज्ञों की भर्ती भी करेगी।

हालांकि, टीसीएस के एआई कारोबार की वृद्धि पिछली तिमाही की तुलना में कुछ धीमी रही है। कंपनी का कहना है कि एआई से जुड़े प्रोजेक्ट आमतौर पर एक या दो तिमाही तक ही चलते हैं, इसलिए लगातार नए प्रोजेक्ट हासिल करना जरूरी होता है। इसके बावजूद टीसीएस को भरोसा है कि आने वाले वर्षों में एआई सेवाओं की मांग लगातार बढ़ेगी और यह कारोबार कंपनी की भविष्य की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

📈 टीसीएस के एआई कारोबार का भविष्य

  • ट्रेनिंग निवेश: हर साल करीब 1 अरब डॉलर का कौशल विकास निवेश
  • चुनौती: एआई प्रोजेक्ट की सीमित अवधि
  • मौका: एआई सेवाओं की बढ़ती मांग
  • क्षमता: बड़ी इंजीनियरिंग टीम और तकनीकी अनुभव
  • लक्ष्य: भविष्य की डिजिटल जरूरतों को पूरा करना

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना उचित रहेगा।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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