भारत में डिजिटल भुगतान का तरीका तेजी से बदल रहा है। UPI, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के उपयोग से जुड़ी यह रिपोर्ट बताती है कि देश में भुगतान और क्रेडिट लेने की आदतों में किस तरह बदलाव आ रहा है।
क्रेडिट कार्ड की जगह UPI और पर्सनल लोन बना रहे हैं जगह, भारत में अभी भी कम है क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
भारत में क्रेडिट कार्ड की पहुंच अभी भी सीमित
भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और अब लोगों की जेब में क्रेडिट कार्ड की जगह UPI और पर्सनल लोन जैसी सुविधाएं ज्यादा उपयोग में आने लगी हैं। ट्रांसयूनियन सिबिल की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा जरूर है, लेकिन अभी भी दूसरे कई देशों की तुलना में इसकी पहुंच काफी कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 5.2 करोड़ लोगों के पास क्रेडिट कार्ड है, जबकि देश में लगभग 25 करोड़ लोग किसी न किसी तरह का क्रेडिट इस्तेमाल करते हैं। यानी केवल करीब 25 प्रतिशत क्रेडिट उपयोगकर्ताओं के पास ही क्रेडिट कार्ड है। इसके मुकाबले कई विकसित और विकासशील देशों में यह संख्या काफी अधिक है।
क्रेडिट कार्ड से बदल रहा उधार लेने का तरीका
💳 भारत में क्रेडिट कार्ड की स्थिति
- क्रेडिट कार्ड धारक: लगभग 5.2 करोड़
- कुल क्रेडिट उपयोगकर्ता: लगभग 25 करोड़
- क्रेडिट कार्ड पहुंच: करीब 25%
- मुख्य बदलाव: UPI और पर्सनल लोन का तेजी से बढ़ता उपयोग
- रिपोर्ट: ट्रांसयूनियन सिबिल
- निष्कर्ष: भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन वैश्विक स्तर की तुलना में अभी भी कम है।
सिबिल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भव्येश जैन ने बताया कि अब क्रेडिट कार्ड नए ग्राहकों को औपचारिक कर्ज प्रणाली से जोड़ने का मुख्य माध्यम नहीं रह गया है। पहले बड़ी संख्या में लोग पहली बार क्रेडिट कार्ड के जरिए वित्तीय व्यवस्था से जुड़ते थे, लेकिन अब ऐसा कम हो रहा है। नए जारी होने वाले क्रेडिट कार्ड में पहली बार कर्ज लेने वाले ग्राहकों की हिस्सेदारी भी काफी घट गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले जहां क्रेडिट कार्ड बिना गारंटी वाले कर्ज का सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता था, वहीं अब UPI और पर्सनल लोन जैसे विकल्प तेजी से लोगों की पसंद बन रहे हैं। आसान डिजिटल भुगतान और तुरंत मिलने वाले छोटे कर्ज की सुविधा के कारण लोग इन विकल्पों का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
UPI और पर्सनल लोन की बढ़ती लोकप्रियता
पिछले दस वर्षों में क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कुल बकाया राशि में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। इसी दौरान कार्ड रखने वाले ग्राहकों और जारी किए गए कुल क्रेडिट कार्डों की संख्या में भी अच्छा इजाफा हुआ है। कई लोग अब एक से अधिक क्रेडिट कार्ड भी रखते हैं और तीन या उससे ज्यादा कार्ड रखने वालों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं में क्रेडिट कार्ड रखने का चलन ज्यादा है। पहले जहां इसका उपयोग मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित था, वहीं अब छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी लोग क्रेडिट कार्ड अपना रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद भारत में क्रेडिट कार्ड का प्रसार अभी भी कई देशों की तुलना में काफी कम है।
📱 UPI और डिजिटल भुगतान का बढ़ता प्रभाव
- लोकप्रिय विकल्प: UPI और पर्सनल लोन
- मुख्य कारण: आसान डिजिटल भुगतान
- छोटे कर्ज: तुरंत उपलब्ध
- युवाओं में चलन: तेजी से बढ़ रहा
- छोटे शहरों तक पहुंच: लगातार विस्तार
- भविष्य: डिजिटल वित्तीय सेवाओं का उपयोग और बढ़ने की संभावना
डिजिटल भुगतान की बदलती आदतें
फिलहाल क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर व्यापारियों को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना पड़ता है, जबकि ग्राहकों को रिवॉर्ड पॉइंट और अन्य लाभ मिलते हैं। वहीं UPI का बढ़ता उपयोग और आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा लोगों की भुगतान करने की आदतों को तेजी से बदल रही है। इससे आने वाले समय में भी UPI और अन्य डिजिटल वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

