अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, कच्चे तेल की कीमत फिर उछली, जानें असर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक कच्चे तेल के बाजार पर दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड की कीमतों में तेजी के साथ निवेशकों की नजर अब मध्य पूर्व की स्थिति और तेल आपूर्ति पर बनी हुई है।

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी, ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के पार

अमेरिका-ईरान तनाव से तेल बाजार में बढ़ी हलचल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिला है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए सैन्य हमले हैं। इन हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद भी फिलहाल कमजोर पड़ गई है। युद्ध से पहले दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती थी।

कच्चे तेल की ताजा स्थिति

🛢️ कच्चे तेल का ताजा अपडेट

  • ब्रेंट क्रूड: 78.80 डॉलर प्रति बैरल
  • WTI क्रूड: 74.26 डॉलर प्रति बैरल
  • दैनिक बढ़त: लगभग 1 प्रतिशत
  • मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव
  • प्रमुख चिंता: होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति जोखिम
  • बाजार की नजर: मध्य पूर्व की स्थिति पर

ताजा कारोबार में ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 78.80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले भी बुधवार देर रात अमेरिका के नए सैन्य अभियान की खबर आने के बाद तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अंतरिम समझौता खत्म होने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हमलों की पुष्टि की। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात सुरक्षित रखने के लिए की गई है। वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल आपूर्ति

⚠️ बढ़ता भू-राजनीतिक जोखिम

  • मुख्य क्षेत्र: होर्मुज जलडमरूमध्य
  • वैश्विक आपूर्ति: करीब 20% कच्चा तेल इसी मार्ग से
  • शिपिंग कंपनियां: सतर्क रुख अपनाया
  • बीमा कंपनियां: जोखिम की समीक्षा जारी
  • संभावित असर: तेल आपूर्ति में बाधा
  • चिंता: कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी तेजी

आगे क्या रह सकती है स्थिति

तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं। कई बीमा कंपनियों ने जहाजों को फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से बचने की सलाह दी है। कुछ कंपनियां युद्ध से जुड़े जोखिम को देखते हुए अपनी बीमा शर्तों की दोबारा समीक्षा कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रहता है या तेल आपूर्ति में और बाधा आती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। इसका असर पेट्रोल, डीजल और वैश्विक महंगाई पर भी देखने को मिल सकता है।

About the Author

I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

Leave a Comment