अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियों और Strait of Hormuz में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर International oil market पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए नए हवाई हमले और ईरानी तेल बिक्री पर दोबारा लगाए गए प्रतिबंध हैं। इन घटनाओं के बाद बाजार में यह चिंता बढ़ गई है कि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई फिर प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।
अमेरिका-ईरान तनाव से International oil market में हलचल
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 1.9 प्रतिशत बढ़कर 75.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल डब्ल्यूटीआई भी करीब 1.9 प्रतिशत की तेजी के साथ 71.81 डॉलर per barrel तक चढ़ गया। इससे पहले मंगलवार को भी दोनों प्रमुख तेल बेंचमार्क में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी। बाजार में यह उछाल ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और तेल सप्लाई को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
🛢️ कच्चे तेल की कीमतों में ताजा तेजी
- ब्रेंट क्रूड: 1.9% बढ़कर 75.54 डॉलर प्रति बैरल
- WTI क्रूड: 1.9% तेजी के साथ 71.81 डॉलर per barrel
- मंगलवार की चाल: दोनों बेंचमार्क में करीब 3% उछाल
- मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान तनाव और नए प्रतिबंध
- बाजार चिंता: पश्चिम एशिया से तेल सप्लाई प्रभावित होने का डर
- संकेत: International oil market में अस्थिरता बढ़ी
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान पर यह कार्रवाई Strait of Hormuz से गुजरने वाले तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है और पश्चिम एशिया से दुनिया के कई देशों तक तेल पहुंचाने में इसकी बड़ी भूमिका है। ऐसे में इस इलाके में किसी भी तरह का तनाव या हमला वैश्विक तेल बाजार को तुरंत प्रभावित करता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के एक एलएनजी टैंकर और सऊदी झंडे वाले एक तेल टैंकर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
Strait of Hormuz पर बढ़ा जोखिम और सप्लाई चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है और कीमतों में और तेजी आ सकती है। इससे पहले बाजार में यह उम्मीद बन रही थी कि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई सामान्य होने लगेगी और दाम नीचे आ सकते हैं, लेकिन ताजा घटनाओं ने इस धारणा को बदल दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे कितना बढ़ता है और इसका असर तेल की वैश्विक सप्लाई पर कितना पड़ता है।
⚠️ Strait of Hormuz पर दुनिया की नजर क्यों?
- अहम जलमार्ग: दुनिया के प्रमुख तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है
- हालिया हमला: तीन व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद तनाव बढ़ा
- रिपोर्ट: कतर के एलएनजी टैंकर और सऊदी तेल टैंकर को भी नुकसान
- मुख्य असर: समुद्री सुरक्षा और तेल सप्लाई पर बढ़ती चिंता
- जोखिम: जहाजों की आवाजाही बाधित हुई तो कीमतों में और तेजी संभव
- फोकस: अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया की स्थिरता
तेल सप्लाई पर असर और आगे क्या हो सकता है
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव, Strait of Hormuz में जहाजों पर हमले और ईरानी तेल पर सख्ती ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में फिर से हलचल बढ़ा दी है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय तनाव, सप्लाई और बाजार स्थितियों के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए ताजा अपडेट पर नजर रखें।

