US Stock Market Rally: चार साल में बाजार में 120% की तेजी

अमेरिका के शेयर बाजार में पिछले चार वर्षों से जारी तेजी ने निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा किया है। इस तेजी के पीछे नई तकनीक और उससे जुड़ी कंपनियों में बढ़ता निवेश एक बड़ा कारण रहा है। अक्टूबर 2022 में बाजार में आई गिरावट के बाद शुरू हुई इस तेजी ने प्रमुख कंपनियों का मूल्य बढ़ाया और निवेशकों के बीच नए अवसरों की उम्मीद जगाई। हालांकि, बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह तेजी लंबे समय तक जारी रहेगी या भविष्य में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।

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अमेरिकी शेयर बाजार में चार साल की तेजी का सफर

अक्टूबर 2022 में अमेरिका के प्रमुख शेयर सूचकांक एसएंडपी 500 में बड़ी गिरावट आई थी। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ी थीं। इसके अलावा, कोरोना महामारी के दौरान ब्याज दरों में कटौती के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति को सख्त करना शुरू कर दिया था। इन परिस्थितियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी। 12 अक्टूबर 2022 को सूचकांक 3,577.03 अंकों पर बंद हुआ। इसके बाद बाजार में तेजी का लंबा दौर शुरू हुआ, जिसने कई बार नए उच्च स्तर बनाए और कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में लगभग 40 लाख करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी की।

इस तेजी में तकनीकी कंपनियों की भूमिका सबसे अधिक रही है। एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट जैसी बड़ी कंपनियों का बाजार मूल्य तेजी से बढ़ा। इनमें से प्रत्येक कंपनी का बाजार पूंजीकरण चार लाख करोड़ डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। पिछले चार वर्षों में एसएंडपी 500 में लगभग 120 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि नैस्डैक सूचकांक में 165 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि नई तकनीक से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई है।

मुख्य आंकड़े: अक्टूबर 2022 के निचले स्तर से अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी तेजी आई। इस दौरान एसएंडपी 500 और नैस्डैक में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, सूचकांक की तेजी का बड़ा हिस्सा कुछ प्रमुख तकनीकी कंपनियों के प्रदर्शन से जुड़ा रहा।

एआई और एनवीडिया ने बाजार को कैसे बढ़ावा दिया?

नवंबर 2022 में चैटजीपीटी की शुरुआत के बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कारोबार में निवेश की होड़ तेज हो गई। बड़ी तकनीकी कंपनियों ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भारी रकम लगानी शुरू की। माइक्रोसॉफ्ट का ओपनएआई में निवेश इस बदलाव के शुरुआती प्रमुख उदाहरणों में शामिल रहा। इसके बाद एनवीडिया की बढ़ती मांग ने इस तेजी को और गति दी। कंपनी के विशेष कंप्यूटर चिप और आंकड़ों को संसाधित करने वाले उपकरणों की मांग बढ़ने से उसके कारोबार में उल्लेखनीय विस्तार हुआ।

वर्ष 2024 में एनवीडिया ने अपने तिमाही नतीजों के माध्यम से यह संकेत दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरणों की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी की आय में तेज बढ़ोतरी हुई और उसके आंकड़ों को सुरक्षित रखने तथा संसाधित करने वाले केंद्रों से होने वाली कमाई ने पहली बार उसके गेमिंग कारोबार को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद कंपनी का बाजार मूल्य तेजी से बढ़ा। अक्टूबर 2026 तक उसका बाजार पूंजीकरण छह लाख करोड़ डॉलर के करीब पहुंच गया। इस घटनाक्रम ने निवेशकों को भरोसा दिया कि नई तकनीक आने वाले वर्षों में बड़ी कंपनियों की कमाई बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत: एआई से जुड़े कारोबार में बढ़ता निवेश चिप, डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं की मांग को बढ़ावा दे रहा है। लेकिन कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को सही ठहराने के लिए भविष्य में वास्तविक कमाई और उत्पादकता में वृद्धि भी जरूरी होगी।

कुछ बड़ी कंपनियों पर बढ़ती निर्भरता

इस क्षेत्र में निवेश की बढ़ती रफ्तार का असर केवल कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। बड़ी तकनीकी कंपनियों के समूह और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी भारी तेजी देखने को मिली। एसएंडपी 500 की शीर्ष दस कंपनियों का कुल बाजार मूल्य अब सूचकांक के लगभग 40 प्रतिशत के बराबर है। वर्ष 2022 में तकनीकी क्षेत्र की हिस्सेदारी इससे काफी कम थी। हालांकि, बाजार में तेजी का लाभ सभी कंपनियों को समान रूप से नहीं मिला है। हाल के महीनों में कुछ बड़ी तकनीकी कंपनियों ने ही सूचकांक की बढ़त में सबसे अधिक योगदान दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की मजबूती का आकलन करने के लिए यह देखना जरूरी होगा कि तेजी में अधिक कंपनियां शामिल होती हैं या नहीं। यदि बढ़त केवल कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित रहती है, तो बाजार की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। इसके विपरीत, अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों के शेयरों में भी लगातार वृद्धि होती है, तो तेजी को अधिक टिकाऊ माना जा सकता है।

अमेरिकी शेयर बाजार के सामने कौन से जोखिम हैं?

इसके बावजूद बाजार के सामने कई जोखिम बने हुए हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, सरकारी बॉन्ड बाजार में उतार-चढ़ाव और महंगाई बढ़ने की आशंका निवेशकों को प्रभावित कर सकती है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक यदि महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरें ऊंची रखता है या उन्हें और बढ़ाता है, तो कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है। इसका असर निवेश, कारोबार और शेयरों की कीमतों पर पड़ सकता है।

कंपनियों की कमाई तय करेगी आगे की दिशा

दूसरी ओर, कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी और शेयरों के मूल्यांकन में आई कुछ नरमी बाजार को सहारा दे सकती है। निवेशक अब पहले की तुलना में कंपनियों की भविष्य की कमाई के मुकाबले कम कीमत चुकाने की स्थिति में हैं। यदि कंपनियों के नतीजे मजबूत बने रहते हैं, तो बाजार में आगे भी बढ़त की संभावना हो सकती है। हालांकि, केवल पिछली तेजी के आधार पर भविष्य के रुझान का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। आने वाले महीनों में कंपनियों की कमाई, ब्याज दरों और महंगाई से जुड़े आंकड़े तय करेंगे कि अमेरिका के शेयर बाजार की मौजूदा तेजी कितनी दूर तक जारी रह सकती है।

अमेरिकी बाजार और एसएंडपी 500 के बारे में आधिकारिक सूचकांक संबंधी जानकारी के लिए एसएंडपी डाउ जोन्स इंडिसेज की वेबसाइट देखी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. अक्टूबर 2022 के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी क्यों आई?

इस तेजी में तकनीकी कंपनियों की बढ़ती कमाई, एआई से जुड़े कारोबार में निवेश और चिप तथा डेटा सेंटर की मांग ने अहम भूमिका निभाई। बड़ी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन से एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला।

2. अमेरिकी शेयर बाजार में एनवीडिया की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?

एनवीडिया एआई से जुड़े कंप्यूटिंग उपकरणों और चिप की प्रमुख आपूर्तिकर्ता कंपनियों में शामिल है। डेटा सेंटर और एआई सेवाओं की बढ़ती मांग से उसके कारोबार को फायदा हुआ है। हालांकि, भविष्य का प्रदर्शन मांग, प्रतिस्पर्धा और कंपनी की कमाई पर निर्भर करेगा।

3. एसएंडपी 500 और नैस्डैक में क्या अंतर है?

एसएंडपी 500 अमेरिका की लगभग 500 प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाने वाला सूचकांक है। नैस्डैक कंपोजिट में नैस्डैक बाजार में सूचीबद्ध बड़ी संख्या में कंपनियां शामिल हैं और इसमें तकनीकी कंपनियों का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक है। दोनों सूचकांकों की संरचना अलग है।

4. क्या अमेरिकी शेयर बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है?

बाजार की आगे की दिशा निश्चित नहीं है। कंपनियों की कमाई में वृद्धि और एआई पर खर्च तेजी को समर्थन दे सकते हैं, जबकि महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और महंगे मूल्यांकन गिरावट का जोखिम बढ़ा सकते हैं। निवेश से पहले जोखिमों का आकलन जरूरी है।

5. अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने से पहले किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

निवेशकों को कंपनी की कमाई, शेयर का मूल्यांकन, ब्याज दरों, मुद्रा विनिमय और अपने जोखिम सहने की क्षमता को समझना चाहिए। केवल पिछली तेजी देखकर निवेश करना उचित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय निवेश में बाजार जोखिम के साथ मुद्रा में बदलाव का जोखिम भी रहता है।

निष्कर्ष

अमेरिकी शेयर बाजार की चार साल की तेजी में एआई और बड़ी तकनीकी कंपनियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। आगे बाजार की मजबूती कंपनियों की वास्तविक कमाई, ब्याज दरों और तेजी में शामिल कंपनियों की संख्या पर निर्भर करेगी। निवेशकों को संभावित अवसरों के साथ जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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