आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की मदद से नई दवाओं की खोज तेज करने वाली नई कंपनी Warp Sciences ने Series A फंडिंग में 215 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस स्टार्टअप को OpenAI के पूर्व चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर Kevin Weil, Meta के पूर्व AI लीडर Manohar Paluri और अमेरिका के पहले चीफ डेटा साइंटिस्ट रह चुके DJ Patil ने मिलकर शुरू किया है। फंडिंग राउंड में कई बड़ी निवेश कंपनियों और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के जाने-माने लोगों ने हिस्सा लिया।
Warp Sciences को $215 Million की फंडिंग
इस फंडिंग राउंड की अगुवाई वेंचर कैपिटल कंपनी Lightspeed ने की। Premji Invest, Mayfield, IVP, Lux Capital और Menlo Ventures समेत कई निवेशकों ने भी इसमें पैसा लगाया। Kevin Weil के OpenAI के कुछ पूर्व सहयोगियों ने भी निवेश किया। इसके अलावा LinkedIn के सह-संस्थापक Reid Hoffman, Figma के सह-संस्थापक Dylan Field, Coinbase के सह-संस्थापक Brian Armstrong और Instagram के सह-संस्थापक Mike Krieger जैसे टेक जगत के लोगों ने भी फंडिंग में हिस्सा लिया।
इस निवेश से Warp Sciences अपनी प्रयोगशाला और तकनीकी व्यवस्था तैयार करने पर काम करेगी। कंपनी का लक्ष्य दवा बनाने वाली कंपनियों को नए अणुओं की पहचान करने, उनका परीक्षण करने और शुरुआती शोध को तेज करने में मदद देना है।
Warp Sciences फंडिंग की मुख्य बातें
- फंडिंग: 215 मिलियन डॉलर
- राउंड: Series A
- प्रमुख निवेशक: Lightspeed और Premji Invest
- मुख्य तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स
- उद्देश्य: नई दवाओं की खोज और शुरुआती परीक्षण को तेज करना
कंपनी दवा खोजने की प्रक्रिया को कैसे बदलेगी?
Warp Sciences अमेरिका में एक आधुनिक प्री-क्लिनिकल कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च संगठन बनाने की योजना पर काम कर रही है। ऐसी संस्था दवा विकसित करने वाली कंपनियों के लिए अणु तैयार करने और उनका परीक्षण करने में मदद करती है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO Kevin Weil का कहना है कि AI ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और गणित में तेजी से प्रगति की है, लेकिन रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे क्षेत्रों में इसका असर अभी उतना व्यापक नहीं हुआ है।
इन क्षेत्रों में किसी विचार को परखने के लिए वास्तविक प्रयोग करना जरूरी होता है। वैज्ञानिक किसी अणु या प्रक्रिया का परीक्षण करते हैं, परिणाम देखते हैं और उसके आधार पर अगला कदम तय करते हैं। Warp Sciences का मानना है कि बड़े स्तर पर वास्तविक प्रयोगों से मिलने वाला डेटा बेहतर AI मॉडल बनाने में मदद कर सकता है।
AI और रोबोट मिलकर करेंगे प्रयोग
कंपनी ऐसी प्रयोगशालाएँ विकसित करना चाहती है जहाँ रोबोट लगातार प्रयोग कर सकें। AI प्रयोगों की योजना बनाने और परिणामों से सीखने में मदद करेगा, जबकि रोबोट तय किए गए काम करेंगे। इससे वैज्ञानिक अधिक विचारों को कम समय में परख सकेंगे और संभावित दवाओं के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
हालाँकि, कंपनी का कहना है कि वैज्ञानिकों की भूमिका अहम बनी रहेगी। वे तय करेंगे कि किस समस्या पर काम करना है, किन प्रयोगों को प्राथमिकता देनी है और किस नतीजे को सफल माना जाएगा। तकनीक का उद्देश्य विशेषज्ञों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनके काम को अधिक प्रभावी बनाना है।
कंपनी के COO DJ Patil के मुताबिक, दवा कंपनियाँ खुद तय करेंगी कि किन अणुओं पर काम करना है और अपने दवा कार्यक्रमों पर उनका नियंत्रण बना रहेगा। Warp Sciences फिलहाल अपनी ओर से दवाएँ विकसित करने के बजाय दूसरी कंपनियों को शोध से जुड़ी सुविधाएँ देने पर ध्यान दे रही है।
दवा शोध में AI की भूमिका
- प्रयोगों की योजना: AI वैज्ञानिकों को प्रयोग तैयार करने में मदद करेगा
- रोबोटिक्स: रोबोट प्रयोगशाला के तय काम कर सकेंगे
- डेटा: हर परीक्षण से नए नतीजे और जानकारी मिलेगी
- वैज्ञानिकों की भूमिका: शोध की दिशा और सफलता के मानक विशेषज्ञ तय करेंगे
- संभावित फायदा: शुरुआती शोध में समय और मेहनत कम हो सकती है
Manohar Paluri की क्या होगी भूमिका?
Manohar Paluri Warp Sciences में CTO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने IIIT Hyderabad से पढ़ाई की है और Facebook AI Research के सह-संस्थापकों में शामिल रहे हैं। Meta में उन्होंने AI से जुड़े कई कामों का नेतृत्व किया, जिनमें Llama संगठन और तस्वीरों तथा वीडियो को समझने वाली तकनीकें शामिल थीं। बाद में उन्होंने Meta Superintelligence Labs में Media Applied Research टीम का नेतृत्व भी किया।
Paluri के अनुसार, कंपनी की शुरुआती प्राथमिकता छोटे अणुओं से जुड़ी दवा खोज में lead optimisation पर होगी। इस प्रक्रिया में संभावित दवा के अणुओं को बेहतर बनाने और उनके गुणों का परीक्षण करने पर ध्यान दिया जाता है। Warp Sciences अनुभवी रसायन वैज्ञानिकों के साथ वास्तविक परियोजनाओं पर काम करेगी और धीरे-धीरे प्रयोगशाला के कार्यप्रवाह को अधिक स्वचालित बनाने की कोशिश करेगी।
दवा खोज के क्षेत्र में बढ़ रही AI कंपनियों की दिलचस्पी
दवाओं की खोज और विकास में AI का इस्तेमाल करने की कोशिश कई बड़ी टेक कंपनियाँ भी कर रही हैं। खबरों के अनुसार, OpenAI ने Orchestra Bio को खरीदा है। यह कंपनी दवा कंपनियों को दवा विकास की प्रक्रिया संभालने में AI एजेंट की मदद देती है। OpenAI की योजना इसकी टीम और तकनीक को जीवन विज्ञान के शोध के लिए अपने AI मॉडल और टूल Rosalind में शामिल करने की है। अधिक जानकारी के लिए OpenAI की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
Anthropic ने भी शोधकर्ताओं के लिए Claude for Life Sciences नाम से AI टूल पेश किए हैं। वहीं, Google DeepMind से जुड़ी Isomorphic Labs ने AI आधारित दवा खोज के लिए बड़ी फंडिंग जुटाई है। इन प्रयासों से पता चलता है कि तकनीकी कंपनियाँ दवा शोध में AI और प्रयोगशाला तकनीक के मेल को एक अहम अवसर मान रही हैं।
फिर भी नई दवा तैयार करने में वैज्ञानिक परीक्षण, सुरक्षा जाँच और नियामकीय मंजूरी जैसे कई चरण होते हैं। AI और रोबोटिक्स इन कामों के कुछ हिस्सों को तेज कर सकते हैं, लेकिन किसी दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा साबित करने के लिए विशेषज्ञों और जरूरी परीक्षणों की भूमिका बनी रहेगी।
निष्कर्ष
Warp Sciences की फंडिंग AI और रोबोटिक्स आधारित दवा शोध में निवेशकों की बढ़ती रुचि दिखाती है। कंपनी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर प्रयोगों को तेज करने और बेहतर डेटा जुटाने की कोशिश करेगी। इसका वास्तविक असर आने वाले समय में इसके शोध परिणामों और विकसित किए गए तरीकों से स्पष्ट होगा।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें दी गई जानकारी निवेश, चिकित्सा या किसी दवा के उपयोग की सलाह नहीं है।
