150 साल पुराने तालाब के जीर्णोद्धार से 6 गांवों को मिलेगा लाभ

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बड़डीह गांव का लगभग 150 साल पुराना तालाब आज जीर्णोद्धार की प्रतीक्षा में है। ग्रामीणों का मानना है कि इसके पुनर्विकास से खेती, पशुपालन और जल संरक्षण को बड़ा लाभ मिलेगा।

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले के घाटशिला ब्लॉक के डंपडा इलाके के बड़डीह गाँव में एक तालाब है, जिसकी लगभग 150 सालों से अनदेखी की जा रही है। लगभग चार एकड़ में फैला यह पुराना तालाब धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है।

150 साल पुराने तालाब की बदहाल स्थिति

गाँव वालों के अनुसार, अगर इसे जल्द ठीक किया जाए, तो आस-пास के छह गाँवों के किसानों और पशुपालकों को तुरंत फ़ायदा हो सकता है। जब पानी का संकट आने वाला होता है, तब लोग अक्सर पानी की सप्लाई के बुनियादी महत्व को समझते हैं।

साफ़-सफ़ाई और देखभाल न होने की वजह से डेढ़ सदी पुराना यह तालाब बहुत बुरी हालत में है। अभी, कमल के फूल, पानी में उगने वाले पौधे और झाड़ियों ने इसे पूरी तरह से भर दिया है, जिससे इसकी पानी जमा करने की क्षमता बहुत कम हो गई है। गाँव वालों का कहना है कि अगर इसे नियमित रूप से साफ़ किया जाए और गहरा किया जाए, तो इसमें बहुत ज़्यादा पानी जमा हो सकता है।

💧 तालाब जीर्णोद्धार से संभावित लाभ

  • स्थान: बड़डीह गांव, घाटशिला ब्लॉक
  • आयु: लगभग 150 वर्ष पुराना तालाब
  • क्षेत्रफल: लगभग 4 एकड़
  • लाभार्थी गांव: 6 आसपास के गांव
  • मुख्य लाभ: सिंचाई, पशुपालन और जल संरक्षण
  • संभावना: अधिक जल भंडारण क्षमता

किसानों और पशुपालकों को होगा सीधा फायदा

तालाब के संयुक्त मालिकों – अशोक मंडल, दीपक कुमार मंडल और गाँव के मुखिया (ग्राम प्रधान) जयंत कुमार मंडल – के अनुसार, तालाब के जीर्णोद्धार से आस-पास के छह गाँवों के किसानों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि काफ़ी पानी जमा होने से 150 से 200 एकड़ ज़मीन की सिंचाई करना आसान हो सकता है, जिससे फ़सलों के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित होगा और पैदावार बढ़ेगी। गाँव वालों का मानना है कि यह तालाब इलाके में खेती-बाड़ी के सिस्टम को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों के दौरान इस इलाके में पानी की समस्या रहती है। ऐसे हालात में, तालाब को ठीक करने से मवेशियों को पानी की ज़रूरी सप्लाई मिल सकेगी। यह तालाब भूजल स्तर को बनाए रखने और पर्यावरण की रक्षा के लिए भी ज़रूरी हो सकता है।

🌱 पर्यावरण और भूजल संरक्षण में भूमिका

  • भूजल स्तर: रिचार्ज में मदद
  • पशुपालन: मवेशियों को पानी उपलब्ध
  • खेती: 150-200 एकड़ सिंचाई की संभावना
  • पर्यावरण: जल संरक्षण को बढ़ावा
  • ग्रामीण मांग: जल्द जीर्णोद्धार की अपील
  • भविष्य: क्षेत्रीय विकास का आधार बन सकता है

ग्रामीणों ने अधिकारियों से की कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोग जल्द ही संबंधित अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों को तालाब के जीर्णोद्धार का अनुरोध करते हुए एक पत्र भेजना चाहते हैं। उनका मकसद इस पुराने तालाब को फिर से ठीक करना और इसे स्थानीय लोगों और किसानों के लिए एक उपयोगी संसाधन बनाना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार और जन-प्रतिनिधियों की मदद से यह 150 साल पुराना तालाब एक नया रूप लेगा और भविष्य में इलाके के विकास का आधार बनेगा।


Disclaimer: यह जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए तथ्यों पर आधारित है। आधिकारिक निर्णय संबंधित विभागों के अधीन होगा।

Gourav Kumar Singh

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