Federal Reserve Policy: फेड बैठक पर बाजार की बड़ी नजर

अमेरिका का केंद्रीय बैंक Federal Reserve आज से अपनी दो दिवसीय policy बैठक शुरू कर रहा है। 28 और 29 जुलाई तक चलने वाली इस बैठक में ब्याज दरों, महंगाई, आर्थिक वृद्धि और रोजगार जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। बाजार की नजर खास तौर पर इस बात पर टिकी है कि फेड आगे ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत देता है और चेयरमैन केविन वॉर्श अपने संबोधन में क्या कहते हैं।

Federal Reserve की बैठक पर बाजार की नजर

Federal Reserve की दो दिवसीय बैठक में ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर अहम फैसलों पर चर्चा होगी। निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि फेड भविष्य की policy को लेकर क्या संकेत देता है।

फेड की ब्याज दर तय करने वाली समिति FOMC साल में आठ बार बैठक करती है। इस बार भी समिति 29 जुलाई को अपने फैसले का ऐलान करेगी। इससे पहले सदस्य महंगाई के ताजा आंकड़ों, आर्थिक गतिविधियों और श्रम बाजार की स्थिति का आकलन करेंगे। फिलहाल अधिकांश जानकारों का मानना है कि इस बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

पिछली बैठक में भी फेड ने ब्याज दरों को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा था। वर्ष 2026 के दौरान भी केंद्रीय बैंक ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले 2024 और 2025 में कई बार ब्याज दरों में कटौती की गई थी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या इस साल के बाकी महीनों में फेड फिर से अपनी मौद्रिक नीति में बदलाव करेगा।

Federal Reserve बैठक की मुख्य बातें

  • बैठक: 28-29 जुलाई
  • समिति: FOMC
  • मुख्य मुद्दे: ब्याज दर, महंगाई और रोजगार
  • संभावना: ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम
  • घोषणा: 29 जुलाई को policy फैसला
  • फोकस: केविन वॉर्श का बयान

बैठक में किन बातों पर रहेगा फोकस

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता जारी है। हालांकि दोनों देशों के बीच स्थायी समझौते को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और महंगाई के दबाव पर भी फेड की नजर रहेगी।

अमेरिका में फेड का statement 29 जुलाई को दोपहर 2 बजे (ईटी) जारी किया जाएगा। इसके बाद केविन वॉर्श प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वे नीति के फैसले और भविष्य के संकेतों पर विस्तार से बात करेंगे। भारत में यह घोषणा रात 11:30 बजे होगी, जबकि प्रेस कॉन्फ्रेंस 30 जुलाई को रात 12 बजे से देखी जा सकेगी।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बार ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है, लेकिन फेड का रुख सख्त बना रह सकता है। उनका कहना है कि हाल के महीनों में महंगाई कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन अभी भी यह फेड के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर है। ऐसे में केंद्रीय बैंक जल्दबाजी में ब्याज दरों में कटौती के संकेत देने से बच सकता है।

निवेशकों की नजर किन संकेतों पर

  • महंगाई: फेड की अगली रणनीति का आधार
  • Policy: भविष्य के ब्याज दर संकेत
  • Statement: आधिकारिक घोषणा पर फोकस
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस: केविन वॉर्श की टिप्पणी अहम
  • बाजार: डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर असर
  • निवेशक: वैश्विक बाजार की दिशा पर नजर

विशेषज्ञ क्या मान रहे हैं

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान केविन वॉर्श की टिप्पणी पर रहेगा। यदि वह महंगाई को लेकर चिंता जताते हैं और भविष्य में दरें बढ़ाने की संभावना खुली रखते हैं, तो अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत रह सकती हैं। इसका असर उभरते बाजारों और विदेशी निवेश पर भी देखने को मिल सकता है।

वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में महंगाई लगातार घटती है और आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ती हैं, तो फेड भविष्य में ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है। फिलहाल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक आगे भी आंकड़ों के आधार पर ही फैसला लेगा और किसी भी दिशा में तुरंत कदम उठाने से बचेगा।

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Gourav Kumar Singh

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