बैंक DeFi नहीं, सिर्फ इसकी तकनीक अपना रहे हैं! रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग अब केवल क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं रह गया है। पारंपरिक वित्तीय संस्थान भी अपनी सेवाओं को तेज, सस्ता और अधिक कुशल बनाने के लिए चुनिंदा ब्लॉकचेन समाधानों को अपनाने पर ध्यान दे रहे हैं।

वेंचर कैपिटल फर्म a16z Crypto का कहना है कि पारंपरिक वित्तीय संस्थान (Traditional Finance) पूरी तरह विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi को अपनाने के बजाय ब्लॉकचेन तकनीक के उन हिस्सों को चुन रहे हैं, जिनसे उनकी मौजूदा वित्तीय सेवाएं अधिक तेज, सस्ती और बेहतर बन सकें।

पारंपरिक वित्तीय संस्थान ब्लॉकचेन तकनीक को कैसे अपना रहे हैं

🏦 TradFi और Blockchain की मुख्य बातें

  • फोकस: तेज, सस्ती और बेहतर वित्तीय सेवाएं
  • उद्देश्य: लेनदेन लागत कम करना और भुगतान प्रक्रिया तेज बनाना
  • ब्लॉकचेन उपयोग: चुनिंदा तकनीकों को अपनाना
  • DeFi: पूरी व्यवस्था अपनाने के बजाय उपयोगी फीचर्स पर जोर
  • लाभ: पूंजी के बेहतर उपयोग और ऑपरेशन में सुधार

कंपनी के अनुसार, बैंक और अन्य बड़े वित्तीय संस्थान फिलहाल ऐसे ब्लॉकचेन समाधान पर ध्यान दे रहे हैं, जो लेनदेन की लागत कम करें, भुगतान प्रक्रिया को तेज बनाएं और पूंजी के बेहतर उपयोग में मदद करें। इससे यह संकेत मिलता है कि पारंपरिक वित्त और DeFi एक ही सिस्टम में नहीं बदल रहे हैं, बल्कि संस्थान अपनी जरूरत के अनुसार केवल उपयोगी तकनीकों को अपना रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई संस्थान प्रोग्रामेबल मनी, टोकनाइज्ड कोलेटरल और ऑटोमेटेड प्राइसिंग जैसी ब्लॉकचेन तकनीकों का परीक्षण कर रहे हैं। इनकी मदद से ट्रेड पूरा होने और अंतिम सेटलमेंट के बीच का समय कम किया जा सकता है। साथ ही ब्याज भुगतान और मार्जिन सेटलमेंट जैसी कई प्रक्रियाओं को भी ऑटोमेट किया जा सकता है, जो पहले मैन्युअल तरीके से होती थीं।

DeFi को पूरी तरह अपनाने में क्या हैं चुनौतियां

हालांकि, a16z Crypto का मानना है कि DeFi की ओपन संरचना, यूजर्स की गुमनामी और अपरिवर्तनीय ट्रांजैक्शन मॉडल पारंपरिक वित्तीय संस्थानों के लिए कई चुनौतियां पैदा करते हैं। इसी वजह से वे पूरी DeFi व्यवस्था को अपनाने के बजाय केवल उपयोगी ब्लॉकचेन तकनीकों का इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं।

⚡ ब्लॉकचेन के प्रमुख उपयोग

  • प्रोग्रामेबल मनी: भुगतान प्रक्रियाओं को आसान बनाना
  • टोकनाइज्ड कोलेटरल: पूंजी के बेहतर उपयोग में मदद
  • ऑटोमेटेड प्राइसिंग: मैन्युअल प्रक्रियाओं को कम करना
  • स्टेबलकॉइन: तेज Cross-border Payments और फंड ट्रांसफर
  • सेटलमेंट: ट्रेड पूरा होने का समय घटाना

पारंपरिक वित्त और DeFi का भविष्य

फर्म का कहना है कि आने वाले समय में पारंपरिक वित्तीय ढांचा और ओपन DeFi इकोसिस्टम एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी बनने के बजाय पूरक सिस्टम के रूप में विकसित हो सकते हैं, जहां दोनों अपनी-अपनी भूमिका निभाएंगे।

a16z Crypto ने उदाहरण देते हुए बताया कि JPMorgan का Kinexys ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म और BlackRock तथा Franklin Templeton के टोकनाइज्ड मनी मार्केट फंड इस बात के प्रमुख उदाहरण हैं कि कैसे पारंपरिक वित्तीय संस्थान बिना पूरी तरह DeFi अपनाए ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।

स्टेबलकॉइन की बढ़ती भूमिका

रिपोर्ट में स्टेबलकॉइन का भी उल्लेख किया गया है। फर्म के अनुसार, हालांकि स्टेबलकॉइन ब्लॉकचेन पर आधारित डिजिटल मुद्रा हैं, लेकिन बैंक इन्हें DeFi टूल के रूप में नहीं देखते। इसके बजाय वे इनका उपयोग सीमा पार भुगतान (Cross-border Payments) को तेज और फंड ट्रांसफर को अधिक कुशल बनाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में कर रहे हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी निवेश या वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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