वेदांता ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन 5 लाख बैरल तेल और गैस (ऑयल इक्विवेलेंट) उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। कंपनी का कहना है कि भारत अपनी तेल और गैस की लगभग 90 प्रतिशत जरूरत आयात से पूरी करता है, जिससे वैश्विक कीमतों और आपूर्ति में होने वाले बदलाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है।
कंपनी के अनुसार भारत में लगभग 300 अरब बैरल के बराबर हाइड्रोकार्बन संसाधनों की संभावना मौजूद है। वेदांता ऑयल एंड गैस (केयर्न) का कहना है कि आधुनिक तकनीक, तेज खोज अभियान और बेहतर उत्पादन तकनीकों के जरिए इन संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने पर वेदांता का फोकस
⛽ वेदांता की ऊर्जा योजना
- उत्पादन लक्ष्य: 5 लाख बैरल प्रतिदिन
- भारत की आयात निर्भरता: लगभग 90%
- संभावित संसाधन: 300 अरब बैरल हाइड्रोकार्बन
- रणनीति: आधुनिक तकनीक और तेज खोज अभियान
- उद्देश्य: ऊर्जा आत्मनिर्भरता
- फोकस: घरेलू उत्पादन बढ़ाना
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनना भारत के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि देश में उत्पादित तेल और गैस का हर अतिरिक्त बैरल आयात को कम करेगा, अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और वैश्विक संकटों के समय देश की स्थिति को बेहतर बनाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और विस्तार की तैयारी
कंपनी ने बताया कि भारत में अभी भी कई हाइड्रोकार्बन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर्याप्त खोज नहीं हो सकी है। सरकार ने गहरे और अति-गहरे समुद्री क्षेत्रों में खोज के लिए नए अवसर खोले हैं और इस दशक के अंत तक ऊर्जा क्षेत्र में करीब 500 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है। वेदांता का कहना है कि उद्योग, नई तकनीक और सरकार के सहयोग से भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
📍 वेदांता के प्रमुख ऑपरेशन
- राजस्थान: ऑनशोर ब्लॉक
- गुजरात: ऊर्जा परियोजनाएं
- असम: तेल और गैस क्षेत्र
- आंध्र प्रदेश: ऑनशोर और ऑफशोर ब्लॉक
- कुल क्षेत्र: लगभग 47 हजार वर्ग किलोमीटर
- कुल ब्लॉक: 44 ऑनशोर और ऑफशोर
कई राज्यों में जारी है विकास कार्य
वर्तमान में वेदांता ऑयल एंड गैस के पास राजस्थान, गुजरात, असम और आंध्र प्रदेश में लगभग 47 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 44 ऑनशोर और ऑफशोर ब्लॉक हैं। कंपनी इन क्षेत्रों में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह के तेल और गैस संसाधनों के विकास पर काम कर रही है।
Disclaimer: यह जानकारी कंपनी के सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध आधिकारिक विवरणों पर आधारित है। भविष्य की योजनाओं में समय के साथ बदलाव संभव है।