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न्यूयॉर्क की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को खारिज नहीं किया है, जिससे अमेरिकी सरकार के रुख में बदलाव को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
गौतम अडानी केस: अमेरिकी कोर्ट ने कानूनी कार्यवाही खारिज करने से किया इनकार
⚖️ मामले की प्रमुख बातें
- कोर्ट: न्यूयॉर्क ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट
- मुख्य नाम: गौतम अडानी और सागर अडानी
- कोर्ट का आदेश: DoJ से अतिरिक्त कारण और दस्तावेज मांगे
- जवाब की अंतिम तिथि: 13 जुलाई
- मुख्य आरोप: रिश्वतखोरी और अमेरिकी निवेशकों को धोखा देना
- स्थिति: कानूनी कार्यवाही फिलहाल जारी
शुक्रवार को, न्यूयॉर्क की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अमेरिकी सरकार को आदेश दिया कि वह डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) द्वारा अडानी परिवार पर लगाए गए आपराधिक आरोपों को खारिज करने के लिए कारण और सहायक दस्तावेज पेश करे।
अपने फैसले में, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गैराफिस ने कहा, “सरकार का संक्षिप्त और बिना विस्तार वाला बयान न तो कोर्ट को कोई फैसला लेने के लिए पर्याप्त आधार देता है और न ही सरकार की खारिज करने की अर्जी की जांच करने का मौका देता है।”
कोर्ट ने मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण
गैराफिस के अनुसार, अगर आरोपों को खारिज करने के लिए पर्याप्त कारण और सबूत नहीं हैं, तो कोर्ट सही न्यायिक विवेक का इस्तेमाल नहीं कर सकता। कोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार के पास जवाब देने के लिए 13 जुलाई तक का समय है।
अडानी परिवार और ग्रुप के अधिकारियों, खासकर अडानी ग्रीन एनर्जी के पूर्व CEO विनीत जैन ने अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के साथ नवंबर 2024 में अपने खिलाफ आपराधिक आरोपों को खारिज कराने के लिए एक समझौता किया था। इन आरोपों में रिश्वतखोरी और अमेरिकी निवेशकों को धोखा देना शामिल था।
इसी तरह के आरोपों से जुड़े एक सिविल मुकदमे में, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने अडानी परिवार के साथ 18 मिलियन डॉलर का समझौता किया। अडानी ग्रुप की मुख्य कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, प्रतिबंधों के बावजूद लगभग 190 मिलियन डॉलर का ईरानी तेल खरीदने के बदले अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमत हुई है।
समझौते और कानूनी प्रक्रिया
📌 आगे क्या होगा?
- DoJ: कोर्ट में अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करेगा
- अंतिम तिथि: 13 जुलाई
- SEC: पहले ही समझौते का अनुरोध
- अडानी पक्ष: आरोप खारिज करने की मांग
- प्रभाव: कानूनी अनिश्चितता बनी हुई
- अगला चरण: कोर्ट दस्तावेजों की समीक्षा करेगा
अडानी परिवार के वकीलों ने बुधवार को कोर्ट से SEC के समझौते के अनुरोध और DoJ के आरोपों को खारिज करने के अनुरोध को मंजूरी देने की मांग की थी।
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के इस फैसले ने अमेरिका में चल रहे अपने सभी कानूनी मामलों को सुलझाने की अडानी की कोशिशों में बाधा डाली है और पिछले 18 महीनों से सबसे अमीर भारतीय और उनकी कंपनी पर रेगुलेटरी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं।
AGM में गौतम अडानी का बयान
अडानी एंटरप्राइजेज की सालाना आम बैठक में शेयरधारकों से बात करते हुए, अडानी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका में चल रही कानूनी कार्यवाही का संक्षेप में जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पिछले साल ग्रुप की तरक्की “हमारे लिए शांत हालात में नहीं हुई।” इसकी कड़ी जांच-पड़ताल हुई। लेकिन हमने झुकने से इनकार कर दिया। हम रुके नहीं। जब मिंट ने टिप्पणी मांगी, तो अडानी समूह ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।
Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी कानूनी या निवेश संबंधी निर्णय से पहले आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित प्राधिकरणों की जानकारी अवश्य देखें

