आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर में ऐसे इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो सिर्फ कोड लिखना ही नहीं बल्कि किसी बिजनेस की जरूरतों को समझकर AI समाधान तैयार कर सकें। कंपनियां अब ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश कर रही हैं, जो बिजनेस टीम और टेक्निकल सिस्टम के बीच बेहतर तालमेल बना सकें।
AI के दौर में बढ़ रही है नए तरह के इंजीनियरों की मांग
ऐसे इंजीनियरों को Forward Deployed Engineer (FDE) कहा जाता है। यह भूमिका न तो पूरी तरह कंसल्टेंट की होती है और न ही पारंपरिक डेवलपर की। FDE सीधे ग्राहकों के साथ काम करता है, उनकी समस्याओं को समझता है और यह तय करता है कि AI का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जा सकता है।
इस भूमिका में काम करने वाले व्यक्ति को कोडिंग के साथ-साथ बिजनेस प्रक्रिया की जानकारी भी होनी चाहिए। उसे पुराने IT सिस्टम, अधूरी जानकारी और बदलती जरूरतों के बीच काम करने की क्षमता रखनी होती है। यही वजह है कि ऐसे इंजीनियरों की मांग काफी ज्यादा है।
Forward Deployed Engineer की भूमिका क्यों खास है
अमेरिका की कई AI कंपनियों में इस तरह के इंजीनियरों को सालाना 3 लाख से 4 लाख डॉलर तक का पैकेज मिल रहा है। भारत में भी बड़ी IT कंपनियां इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने करीब 8,900 Forward Deployed Engineers की टीम बनाने की योजना बताई है।
TCS के इस कदम को कंपनी की AI रणनीति का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में सिर्फ AI टूल बनाना काफी नहीं होगा, बल्कि ग्राहकों के बिजनेस में उन्हें सही तरीके से लागू करना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
AI प्रोजेक्ट में FDE क्यों जरूरी हो रहे हैं
AI प्रोजेक्ट अक्सर इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि कंपनियों की वास्तविक जरूरतें केवल एक डेमो से पूरी नहीं होतीं। बड़े संगठनों में पुराने सिस्टम, अलग-अलग जगहों पर मौजूद डेटा और जटिल प्रक्रियाएं होती हैं। FDE का काम इन समस्याओं को समझकर AI तकनीक को उपयोगी बनाना होता है।
भारतीय IT कंपनियों के लिए यह क्षेत्र एक बड़ा अवसर हो सकता है, क्योंकि इन कंपनियों ने कई वर्षों से दुनियाभर के ग्राहकों के सिस्टम और प्रक्रियाओं के साथ काम किया है। उन्हें पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम और बिजनेस जरूरतों की अच्छी समझ है।
AI Engineer Career में बड़े अवसर
- नई भूमिका: Forward Deployed Engineer (FDE)
- मुख्य काम: बिजनेस जरूरतों के अनुसार AI समाधान तैयार करना
- जरूरी Skills: Coding, AI, Business Understanding
- भारत में अवसर: IT कंपनियों में बढ़ती मांग
- बड़ा कदम: TCS की 8,900 FDE टीम बनाने की योजना
FDE बनने के लिए जरूरी कौशल
हालांकि, किसी कंपनी के कामकाज को समझना और उसे AI के हिसाब से बदलना दो अलग क्षमताएं हैं। FDE बनने के लिए इंजीनियर के पास तकनीकी ज्ञान के साथ बिजनेस समझ, ग्राहक से बातचीत करने की क्षमता और सही समाधान तैयार करने का अनुभव होना जरूरी है।
पारंपरिक IT मॉडल में ज्यादातर काम पहले से तय निर्देशों के आधार पर किया जाता था, लेकिन FDE की भूमिका अलग है। उसे समस्या को पहचानना, सही दिशा तय करना और जरूरत पड़ने पर ग्राहक को यह बताना भी होता है कि उनका विचार AI के लिए सही नहीं है।
AI को बिजनेस से जोड़ने में होगी अहम भूमिका
AI को सफल बनाने के लिए सिर्फ तकनीक होना पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को ऐसे लोगों की जरूरत है जो AI को वास्तविक बिजनेस समस्याओं से जोड़ सकें। इसी कारण Forward Deployed Engineers की मांग तेजी से बढ़ रही है।
हालांकि, इन इंजीनियरों की संख्या बढ़ाना आसान नहीं है। इस भूमिका के लिए तकनीकी विशेषज्ञता, AI implementation का अनुभव और किसी खास क्षेत्र की जानकारी जरूरी होती है। यह कौशल कुछ समय में तैयार नहीं किया जा सकता।
AI Jobs का भविष्य
- बदलाव: सामान्य IT कामों से AI आधारित समाधान की ओर बढ़ता रुझान
- मांग: बिजनेस और टेक्नोलॉजी दोनों समझने वाले प्रोफेशनल्स
- चुनौती: अनुभवी AI विशेषज्ञों की कमी
- जरूरत: वास्तविक उपयोग के लिए AI लागू करने वाले इंजीनियर
IT कंपनियों के लिए नई चुनौती और अवसर
TCS और अन्य IT कंपनियां अब अपने काम करने के तरीके में बदलाव कर रही हैं। आने वाले समय में सामान्य और दोहराए जाने वाले कामों की जगह ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ सकती है, जो ग्राहकों के लिए AI आधारित समाधान तैयार कर सकें।
लेकिन असली चुनौती यह होगी कि कितने इंजीनियर वास्तव में इस भूमिका के लिए तैयार हैं और कितनों को केवल नए पदनाम के साथ तैयार किया जा रहा है। ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण यह होगा कि उन्हें ऐसे विशेषज्ञ मिलें, जो AI को सिर्फ दिखाने के लिए नहीं बल्कि वास्तविक उपयोग के लिए लागू कर सकें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों और विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है।