Zoho के founder और chief scientist Sridhar Vembu ने चेतावनी दी है कि artificial intelligence यानी AI कंप्यूटर पर होने वाले कई कामों की उत्पादकता तेजी से बढ़ा सकती है। 30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, Vembu ने कहा कि AI का सही उपयोग करने वाला एक कुशल व्यक्ति कुछ ऐसे काम कर सकता है जिनके लिए पहले दस लोगों की जरूरत पड़ती थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि कंप्यूटर आधारित काम करने वाले 90 प्रतिशत लोगों की नौकरी खत्म हो जाएगी। उनके बयान ने रोजगार, कौशल और आने वाले समय में दफ्तरों के काम करने के तरीके पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
Sridhar Vembu ने AI और Jobs को लेकर क्या कहा?
Vembu के अनुसार, कंप्यूटर पर किए जाने वाले कामों में AI के कारण बदलाव का जोखिम बढ़ रहा है। एक व्यक्ति AI tools की मदद से लिखने, जानकारी खोजने, डेटा व्यवस्थित करने, कोड तैयार करने और कई नियमित प्रक्रियाएं तेज कर सकता है। इससे किसी टीम की उत्पादकता बढ़ सकती है और कुछ कामों के लिए पहले जितने कर्मचारियों की जरूरत थी, वह संख्या कम हो सकती है।
हालांकि, उनके बयान का अर्थ यह नहीं है कि हर नौकरी खत्म हो जाएगी। Vembu ने इस बात पर जोर दिया कि AI से सेवाओं की लागत कम हो सकती है और ऐसे उद्योगों को भी software या digital marketing जैसी सेवाएं उपलब्ध हो सकती हैं जो पहले उन्हें वहन नहीं कर पाते थे। इससे कुछ क्षेत्रों में नए काम और मांग भी पैदा हो सकती है। असली बदलाव यह होगा कि काम का स्वरूप और जरूरी कौशल बदलेंगे।
AI से काम करने की क्षमता कैसे बढ़ती है?
AI tools कई तरह के दोहराए जाने वाले काम जल्दी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी लंबे दस्तावेज का सार बनाना, spreadsheet में जानकारी व्यवस्थित करना, शुरुआती code लिखना, ईमेल का मसौदा तैयार करना या ग्राहक के सवालों के जवाब का प्रारूप बनाना। इन कामों में समय कम लगने से कर्मचारी अधिक महत्वपूर्ण निर्णय और गुणवत्ता जांच पर ध्यान दे सकता है।
लेकिन AI का परिणाम हमेशा सही नहीं होता। यह गलत जानकारी दे सकता है, संदर्भ को गलत समझ सकता है या किसी समस्या का अधूरा समाधान सुझा सकता है। इसलिए AI से काम करवाने वाले व्यक्ति को विषय की समझ, सही निर्देश देने की क्षमता और परिणाम जांचने का कौशल चाहिए। केवल tool खोल लेना पर्याप्त नहीं है।
Meta-level Skills क्यों जरूरी बताए गए?
Vembu ने AI के दौर में meta-level skills को महत्वपूर्ण बताया। इसका अर्थ है समस्या को समझना, लक्ष्य स्पष्ट करना, बड़े काम को छोटे हिस्सों में बांटना और AI को सही दिशा देना। यदि उपयोगकर्ता को खुद यह पता नहीं कि उसे क्या परिणाम चाहिए, तो AI से उपयोगी जवाब मिलना कठिन हो सकता है। स्पष्ट सोच और योजना बनाना इस नए कार्य वातावरण में बड़ी भूमिका निभाएगा।
एक अन्य जरूरी कौशल AI के जवाब में गलती पहचानना है। कर्मचारी को यह जांचना होगा कि तथ्य सही हैं या नहीं, परिणाम में कोई पक्षपात तो नहीं और सुझाया गया तरीका नियमों के अनुरूप है या नहीं। जटिल कामों में इंसानी निर्णय और जिम्मेदारी बनी रहेगी। AI सुझाव दे सकता है, लेकिन अंतिम फैसला और उसके परिणाम की जवाबदेही अक्सर व्यक्ति या संस्था की होगी।
किन नौकरियों पर ज्यादा असर पड़ सकता है?
वे काम जिनमें अधिकतर समय कंप्यूटर पर नियमित और दोहराए जाने वाले कार्य होते हैं, AI से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें शुरुआती स्तर का content drafting, data entry, साधारण रिपोर्ट बनाना, basic coding, customer support के कुछ सवाल और दस्तावेजों का वर्गीकरण शामिल हो सकता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन क्षेत्रों की हर नौकरी समाप्त हो जाएगी। कई जगह AI कर्मचारी की मदद करेगा, जबकि कुछ प्रक्रियाओं में कर्मचारियों की संख्या या जिम्मेदारियां बदल सकती हैं।
ऐसे काम जिनमें मानवीय संपर्क, जटिल निर्णय, वास्तविक दुनिया में कार्रवाई, भरोसा, बातचीत और विशेषज्ञता जरूरी है, उनमें बदलाव अलग तरीके से हो सकता है। शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रबंधक और सलाहकार जैसे पेशों में AI सहायक भूमिका निभा सकता है, लेकिन पेशेवर निर्णय और जिम्मेदारी का महत्व बना रहेगा। हर उद्योग में प्रभाव उसकी प्रक्रिया और ग्राहकों की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
कर्मचारियों को कौन-से कौशल सीखने चाहिए?
सबसे पहले, कर्मचारियों को अपने क्षेत्र के AI tools का व्यावहारिक उपयोग सीखना चाहिए। केवल prompt लिखना ही कौशल नहीं है। उन्हें यह समझना होगा कि किस काम के लिए कौन-सा tool उपयोगी है, डेटा कैसे सुरक्षित रखा जाए और परिणाम की जांच कैसे की जाए। अपने काम के वास्तविक उदाहरणों पर अभ्यास करने से सीखना अधिक उपयोगी होगा।
दूसरा, communication, problem solving, critical thinking और domain knowledge को मजबूत करना चाहिए। AI से अच्छा परिणाम पाने के लिए समस्या को सही तरीके से समझना जरूरी है। ग्राहक की जरूरत पहचानना, सही सवाल पूछना और कई विकल्पों में से उचित रास्ता चुनना ऐसे कौशल हैं जिनका महत्व बना रहेगा। तीसरा, कर्मचारियों को लगातार सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए, क्योंकि tools और काम की प्रक्रियाएं तेजी से बदल रही हैं।
Students और नए नौकरी तलाशने वालों के लिए क्या मतलब?
छात्रों को केवल डिग्री या एक software की जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने विषय की बुनियादी समझ के साथ digital skills और AI tools का इस्तेमाल सीखना चाहिए। उदाहरण के लिए, commerce के छात्र spreadsheet, accounting software और data analysis के साथ AI की मदद से रिपोर्ट तैयार करना सीख सकते हैं। कंप्यूटर विज्ञान के छात्र coding के साथ system design, testing और security पर ध्यान दे सकते हैं।
नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए portfolio और practical projects उपयोगी हो सकते हैं। किसी समस्या को पहचानकर AI की मदद से समाधान तैयार करना और फिर उसकी गुणवत्ता जांचना वास्तविक कौशल दिखा सकता है। इंटरव्यू में केवल यह बताना कि कौन-सा tool इस्तेमाल किया, पर्याप्त नहीं होगा। यह समझाना अधिक महत्वपूर्ण है कि उस tool से काम का समय, गुणवत्ता या ग्राहक अनुभव कैसे बेहतर हुआ।
कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी
AI अपनाने का पूरा बोझ कर्मचारियों पर नहीं डाला जा सकता। कंपनियों को प्रशिक्षण, स्पष्ट नीतियां और सुरक्षित तकनीकी व्यवस्था देनी होगी। कर्मचारियों को यह पता होना चाहिए कि कौन-सा डेटा AI platform पर डालना सुरक्षित है, ग्राहक की निजी जानकारी कैसे बचानी है और AI द्वारा तैयार सामग्री की जांच कौन करेगा। बिना प्रशिक्षण के AI tools लागू करने से गलतियां और सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।
कंपनियों को यह भी देखना चाहिए कि AI से बचा समय कर्मचारियों को अधिक उपयोगी काम करने में कैसे लगाया जा सकता है। यदि AI केवल कर्मचारियों की संख्या घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो संगठन को अल्पकालीन बचत मिल सकती है, लेकिन ज्ञान, अनुभव और ग्राहक सेवा पर असर पड़ सकता है। बेहतर रणनीति में तकनीक और कर्मचारियों की क्षमता दोनों को साथ विकसित करना शामिल है।
AI से नए अवसर भी बन सकते हैं
AI सेवाओं की लागत कम कर सकता है। छोटे कारोबार भी ऐसी तकनीकी सहायता ले सकते हैं जो पहले केवल बड़ी कंपनियों के लिए उपलब्ध थी। इससे स्थानीय व्यवसायों, शिक्षा संस्थानों और नए उद्यमों को डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने का अवसर मिल सकता है। नए उत्पाद, automation, data security, AI integration और training जैसे क्षेत्रों में नए काम पैदा हो सकते हैं।
फिर भी नए अवसर अपने आप हर प्रभावित कर्मचारी तक नहीं पहुंचेंगे। लोगों को नए कौशल सीखने और बदलते काम के अनुसार खुद को तैयार करने की जरूरत होगी। शिक्षा संस्थानों और कंपनियों को प्रशिक्षण को वास्तविक जरूरतों से जोड़ना होगा। सरकार और उद्योग के बीच सहयोग से skill development programmes को बेहतर बनाया जा सकता है।
आने वाले समय में नौकरी का स्वरूप
AI के कारण कई भूमिकाओं में कर्मचारी का काम tool चलाने से आगे बढ़कर परिणाम की योजना, समीक्षा और निर्णय लेने की ओर जा सकता है। पहले कोई कर्मचारी कई घंटे लगाकर रिपोर्ट तैयार करता था, अब AI शुरुआती मसौदा बना सकता है। कर्मचारी को आंकड़ों की पुष्टि, निष्कर्ष की जांच और प्रबंधन के लिए सही सुझाव तैयार करने पर अधिक समय देना होगा।
इस बदलाव की गति हर कंपनी और क्षेत्र में अलग होगी। कुछ संस्थान जल्दी AI अपनाएंगे, जबकि अन्य को लागत, नियम, डेटा सुरक्षा या तकनीकी ढांचे के कारण समय लगेगा। इसलिए किसी एक बयान को सभी नौकरियों का भविष्य नहीं मानना चाहिए। कर्मचारियों के लिए सबसे उपयोगी तरीका है कि वे अपने क्षेत्र में AI के वास्तविक उपयोग को समझें और सीखने की प्रक्रिया जारी रखें।
महत्वपूर्ण जानकारी
यह लेख 30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित Hindustan Times और NewsBytes की रिपोर्टों में दिए गए Sridhar Vembu के बयानों पर आधारित है। AI के रोजगार पर वास्तविक प्रभाव उद्योग, कंपनी और काम की प्रकृति के अनुसार अलग हो सकता है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। नौकरी या करियर से जुड़े फैसले लेते समय अपने क्षेत्र की मांग, कौशल और विश्वसनीय जानकारी का मूल्यांकन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Sridhar Vembu ने AI और नौकरी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि AI का कुशल उपयोग करने वाला एक व्यक्ति कंप्यूटर आधारित कुछ कामों में दस लोगों जितना काम कर सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि 90 प्रतिशत कर्मचारियों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
2. Meta-level skills का क्या अर्थ है?
Meta-level skills में लक्ष्य स्पष्ट करना, समस्या को छोटे हिस्सों में बांटना, AI को सही निर्देश देना और उसके जवाब की जांच करना शामिल है। ये कौशल AI से उपयोगी और भरोसेमंद परिणाम पाने में मदद करते हैं।
3. क्या AI से सभी computer jobs खत्म हो जाएंगी?
नहीं। कुछ काम बदल सकते हैं या automate हो सकते हैं, जबकि कई भूमिकाओं में AI कर्मचारियों की सहायता करेगा। नए उत्पाद और सेवाओं से नए अवसर भी बन सकते हैं। असर हर क्षेत्र में अलग होगा।
4. नौकरी करने वाले लोग AI के दौर में क्या सीखें?
कर्मचारियों को अपने क्षेत्र के AI tools, data handling, problem solving, communication और critical thinking सीखनी चाहिए। साथ ही AI से बने परिणाम की तथ्य-जांच और सुरक्षा संबंधी सावधानियां समझना भी जरूरी है।
5. क्या छात्रों को AI tools सीखना चाहिए?
हां, छात्रों को अपने विषय की मजबूत बुनियाद के साथ AI tools का जिम्मेदारी से उपयोग सीखना चाहिए। Practical projects और वास्तविक समस्याओं पर अभ्यास उन्हें नौकरी के बदलते स्वरूप के लिए तैयार कर सकता है।
निष्कर्ष
Sridhar Vembu का बयान AI से बदलते काम और कौशल की जरूरत पर ध्यान दिलाता है। नौकरी का भविष्य केवल tool इस्तेमाल करने से नहीं, बल्कि स्पष्ट सोच, विषय ज्ञान और परिणाम जांचने की क्षमता से तय होगा।
स्रोत: Hindustan Times की रिपोर्ट