Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) ने The Sanmar Group के Chairman Vijay Sankar को 2026-27 के लिए President-Elect चुना है। 30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, FICCI की National Executive Committee Meeting में यह फैसला लिया गया। Sankar मौजूदा समय में संगठन के Senior Vice President हैं। वह नवंबर में होने वाली Annual General Meeting और Annual Convention के बाद Anant Goenka की जगह अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब FICCI अपने शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ रहा है और उद्योग जगत के सामने निवेश, रोजगार, निर्यात और तकनीकी बदलाव जैसे कई मुद्दे हैं।
Vijay Sankar को FICCI की जिम्मेदारी कब मिलेगी?
FICCI के अनुसार, Vijay Sankar 2026-27 के President-Elect होंगे। वह 18 और 19 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली Annual General Meeting और Annual Convention के बाद औपचारिक रूप से अध्यक्ष का पद संभालेंगे। तब तक Anant Goenka वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे। President-Elect का चयन संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी का हिस्सा होता है, जिससे नई टीम को आगामी प्राथमिकताओं और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर काम शुरू करने का अवसर मिलता है।
FICCI भारत के प्रमुख उद्योग संगठनों में से एक है। यह उद्योग, व्यापार, सरकार और नीति निर्माताओं के बीच संवाद का मंच उपलब्ध कराता है। संगठन के अध्यक्ष की भूमिका केवल औपचारिक नहीं होती। उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के विचारों को सामने रखना, नीतिगत चर्चाओं में भाग लेना और उद्योग के लिए बेहतर कारोबारी माहौल बनाने से जुड़े मुद्दों पर प्रतिनिधित्व करना होता है।
Vijay Sankar का कारोबारी अनुभव
Vijay Sankar Chennai स्थित The Sanmar Group के Chairman हैं। यह समूह chemicals, speciality chemicals, engineering, steel foundries और shipping जैसे क्षेत्रों में कारोबार करता है। समूह की गतिविधियां औद्योगिक उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी हैं। ऐसे विविध क्षेत्रों का अनुभव उन्हें विनिर्माण, निर्यात, ऊर्जा लागत, कच्चे माल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों की समझ देता है।
Sanmar Group का कारोबार भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी जुड़ा है। रसायन और इंजीनियरिंग जैसे उद्योगों में कंपनियों को गुणवत्ता मानक, सुरक्षा नियम, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और वैश्विक मांग में बदलाव का सामना करना पड़ता है। उद्योग संगठन के नेतृत्व में यह अनुभव उपयोगी हो सकता है, क्योंकि नीति संबंधी चर्चा में अलग-अलग क्षेत्रों की व्यावहारिक चुनौतियों को समझना जरूरी होता है।
TVS Motor और L&T से जुड़ी भूमिका
Sankar कई अन्य संस्थागत जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। वह TVS Motor Company और Larsen & Toubro के board में Independent Director हैं। इसके अलावा वह Chemplast Sanmar के Chairman भी हैं। Independent Director की भूमिका में कंपनी के संचालन, जोखिम प्रबंधन, कॉरपोरेट गवर्नेंस और शेयरधारकों के हितों से जुड़े विषयों पर निगरानी महत्वपूर्ण होती है।
इन जिम्मेदारियों से उन्हें ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, औद्योगिक उत्पादन और कॉरपोरेट प्रशासन के अलग-अलग पहलुओं का अनुभव मिलता है। FICCI के अध्यक्ष के तौर पर उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों से लेकर बड़ी कंपनियों तक के मुद्दों को समझना होगा। अलग-अलग उद्योगों की जरूरतें एक जैसी नहीं होतीं। इसलिए संगठन के नेतृत्व में व्यापक संवाद और संतुलित नीति सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।
FICCI का उद्योग जगत में महत्व
FICCI उद्योग और सरकार के बीच संवाद का एक प्रमुख माध्यम है। संगठन व्यापार नीति, निवेश, कर व्यवस्था, श्रम, कौशल विकास, निर्यात, बुनियादी ढांचे और तकनीकी बदलाव जैसे विषयों पर सुझाव देता है। उद्योग जगत को कई बार नई नीति लागू करने में समय, स्पष्टता और बेहतर समन्वय की जरूरत होती है। FICCI ऐसे मुद्दों को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाने का काम करता है।
भारत की अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र निवेश, रोजगार और उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए स्थिर नीतियां, बेहतर logistics, कुशल कर्मचारी, वित्त तक पहुंच और प्रतिस्पर्धी लागत जरूरी हैं। FICCI के अध्यक्ष से उम्मीद रहती है कि वह उद्योग की चिंताओं को रचनात्मक तरीके से सामने रखें और नीति निर्माताओं के साथ चर्चा को आगे बढ़ाएं।
2026-27 में उद्योग के सामने प्रमुख चुनौतियां
नई अध्यक्षीय अवधि में वैश्विक व्यापार की अनिश्चितता, कच्चे माल की कीमतें, ऊर्जा लागत और निर्यात बाजारों की मांग महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे। कई भारतीय कंपनियां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा हैं। किसी बड़े देश की व्यापार नीति या अंतरराष्ट्रीय तनाव से उनके ऑर्डर, माल ढुलाई और लागत प्रभावित हो सकती है। उद्योग संगठनों को ऐसी नीतियों की जरूरत बतानी होगी जो घरेलू उत्पादन को मजबूत बनाएं और निर्यात प्रतिस्पर्धा बनाए रखें।
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा technology adoption है। Artificial intelligence, automation और digital systems से उत्पादन और सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ सकती है। लेकिन कंपनियों को नई तकनीक अपनाने के लिए निवेश, प्रशिक्षित कर्मचारी और साइबर सुरक्षा की जरूरत होती है। छोटे कारोबार के लिए यह खर्च अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। FICCI उद्योगों के बीच प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और नीति समर्थन को बढ़ावा देने में भूमिका निभा सकता है।
MSME और रोजगार पर ध्यान जरूरी
भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME बड़ी संख्या में रोजगार देते हैं और बड़ी कंपनियों की supply chain में योगदान करते हैं। इन कारोबारों को सस्ता कर्ज, समय पर भुगतान, तकनीकी सहायता और बाजार तक पहुंच की जरूरत होती है। कई छोटे उद्योगों के लिए नियमों का पालन और डिजिटल बदलाव भी चुनौती बन सकता है। FICCI के मंच से इन समस्याओं को सामने रखकर व्यावहारिक समाधान सुझाए जा सकते हैं।
रोजगार के लिए केवल नई फैक्ट्री या निवेश की घोषणा पर्याप्त नहीं है। उद्योगों को ऐसे कौशल वाले कर्मचारी चाहिए जो बदलती तकनीक और उत्पादन प्रक्रियाओं के साथ काम कर सकें। शिक्षा संस्थानों, प्रशिक्षण केंद्रों और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल से युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जा सकता है। Sankar के नेतृत्व में कौशल विकास और उद्योग की जरूरतों के बीच संबंध एक अहम चर्चा का विषय हो सकता है।
निर्यात और विनिर्माण को बढ़ावा
भारत की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए गुणवत्ता, लागत और समय पर आपूर्ति महत्वपूर्ण हैं। वैश्विक खरीदार ऐसे आपूर्तिकर्ताओं को प्राथमिकता देते हैं जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें और समय पर माल पहुंचाएं। रसायन, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजारों के अवसर हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा भी तेज है। उद्योग संगठनों को व्यापार समझौतों, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और logistics लागत जैसे विषयों पर सुझाव देने होंगे।
निर्यात बढ़ाने के लिए छोटे और मध्यम उद्योगों को भी वैश्विक बाजार से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए गुणवत्ता प्रमाणन, वित्त, बाजार जानकारी और डिजिटल व्यापार प्लेटफॉर्म तक पहुंच मददगार हो सकती है। FICCI अलग-अलग उद्योग समूहों को साथ लाकर साझा समस्याओं की पहचान कर सकता है। अध्यक्ष के रूप में Sankar का औद्योगिक अनुभव इन चर्चाओं में उपयोगी हो सकता है।
FICCI के शताब्दी वर्ष का महत्व
FICCI का शताब्दी वर्ष संगठन के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है। ऐसे समय में नेतृत्व परिवर्तन केवल पद बदलने का मामला नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए उद्योग की प्राथमिकताओं को तय करने का अवसर भी है। भारत की अर्थव्यवस्था डिजिटल सेवाओं, विनिर्माण, ऊर्जा परिवर्तन और वैश्विक व्यापार के बीच तेजी से बदल रही है। उद्योग जगत को इन बदलावों के अनुरूप निवेश और कौशल विकास करना होगा।
संगठन की भूमिका तभी प्रभावी होगी जब वह बड़े उद्योगों के साथ छोटे उद्यमों, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों की आवाज भी शामिल करे। नीति सुझाव तथ्यों और व्यावहारिक अनुभव पर आधारित होने चाहिए। सरकार और उद्योग के बीच भरोसेमंद संवाद से निवेश और रोजगार के लिए बेहतर माहौल बनाने में मदद मिल सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
अब ध्यान 18-19 नवंबर को होने वाले FICCI Annual General Meeting और Annual Convention पर रहेगा। इसके बाद Sankar अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। उद्योग जगत यह देखेगा कि नई टीम किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और सरकार के साथ किन नीतिगत सुझावों पर काम करती है। व्यापार, निवेश, रोजगार, कौशल, ऊर्जा और तकनीकी बदलाव जैसे विषय आने वाले वर्ष में चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
Vijay Sankar के सामने अलग-अलग क्षेत्रों की मांगों को संतुलित करने की चुनौती होगी। उद्योगों को नियमों में स्पष्टता और कारोबारी सुविधा चाहिए, जबकि सरकार को रोजगार, निवेश, राजस्व और सार्वजनिक हित के लक्ष्यों का ध्यान रखना होता है। इन प्राथमिकताओं के बीच संवाद और व्यावहारिक सुझाव FICCI की प्रभावशीलता तय करेंगे।
महत्वपूर्ण जानकारी
यह लेख 30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित FICCI की नियुक्ति संबंधी रिपोर्टों पर आधारित है। Sankar को 2026-27 के लिए President-Elect चुना गया है और वह नवंबर में वार्षिक सम्मेलन के बाद पद संभालेंगे। संगठन की आधिकारिक घोषणा से कार्यक्रम और पदभार की जानकारी की पुष्टि करें।
यह लेख सामान्य व्यावसायिक जानकारी के लिए है। किसी व्यक्ति या कंपनी के बारे में निर्णय लेने से पहले आधिकारिक और अद्यतन स्रोतों की जांच करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Vijay Sankar को FICCI में कौन-सा पद मिला है?
Vijay Sankar को 2026-27 के लिए FICCI का President-Elect चुना गया है। वह वर्तमान में संगठन के Senior Vice President हैं और नवंबर 2026 में वार्षिक सम्मेलन के बाद अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।
2. Vijay Sankar किस कंपनी के Chairman हैं?
Vijay Sankar Chennai स्थित The Sanmar Group के Chairman हैं। समूह chemicals, speciality chemicals, engineering, steel foundries और shipping जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कारोबार करता है।
3. वह FICCI President का पद कब संभालेंगे?
FICCI का Annual General Meeting और Annual Convention 18-19 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में निर्धारित है। कार्यक्रम के समापन के बाद Sankar Anant Goenka की जगह अध्यक्ष पद संभालेंगे।
4. FICCI का मुख्य काम क्या है?
FICCI उद्योग और सरकार के बीच संवाद का मंच है। यह व्यापार, निवेश, निर्यात, रोजगार, कौशल विकास और कारोबारी नियमों जैसे विषयों पर उद्योग की राय और नीति सुझाव सामने रखता है।
5. FICCI के नए अध्यक्ष के सामने कौन-से मुद्दे होंगे?
नई अवधि में MSME की चुनौतियां, निवेश, रोजगार, निर्यात, ऊर्जा लागत, तकनीकी बदलाव और वैश्विक व्यापार की अनिश्चितता अहम मुद्दे रह सकते हैं। उद्योग और सरकार के बीच प्रभावी संवाद भी जरूरी होगा।
निष्कर्ष
Vijay Sankar का FICCI President-Elect चुना जाना उद्योग संगठन में नेतृत्व परिवर्तन है। Sanmar Group और अन्य कंपनियों में उनका अनुभव नई जिम्मेदारी में उपयोगी हो सकता है। नवंबर के सम्मेलन के बाद उनकी प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।
स्रोत: FICCI appointment report