समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की “धर्म और पैसे की राजनीति” अब खत्म हो चुकी है।
राम मंदिर चढ़ावे मामले पर अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले के बाद भाजपा समर्थकों को भी यह समझ आने लगा है कि पार्टी के नेताओं के लिए धर्म से ज्यादा पैसा महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा केवल पैसों की राजनीति पर ध्यान देगी और देश में भ्रष्टाचार और महंगाई बढ़ती रहेगी।
सपा प्रमुख ने अपने बयान के अंत में भाजपा पर हमला करते हुए एक नारा भी लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि जो भाजपा का साथ दे रहे हैं, वे भगवान राम के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
सपा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को भेजा कानूनी नोटिस
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को कानूनी नोटिस भी भेजा है। सपा का आरोप है कि निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अयोध्या में दान राशि चोरी मामले के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को अखिलेश यादव से जोड़ने की कोशिश की।
⚖️ राम मंदिर चढ़ावा विवाद: मुख्य बातें
- आरोप: राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताएं
- राजनीतिक हमला: अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा
- कानूनी कदम: सपा ने भाजपा सांसद को नोटिस भेजा
- विवाद: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
मानहानि और छवि खराब करने का लगाया आरोप
समाजवादी अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल ने बताया कि भाजपा सांसद को मानहानि, छवि खराब करने और गलत सामग्री प्रकाशित करने के आरोप में नोटिस भेजा गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की गई।
सपा ने मांग की है कि भाजपा सांसद दो हफ्ते के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और पार्टी व अखिलेश यादव के पक्ष में अपना बयान जारी करें।
📌 विवाद से जुड़े प्रमुख बिंदु
- पक्ष: समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप
- मुद्दा: सोशल मीडिया पोस्ट और राम मंदिर चढ़ावा मामला
- सपा की मांग: सार्वजनिक माफी और बयान जारी करना
- आगे: कानूनी प्रक्रिया पर नजर
Disclaimer: यह जानकारी समाचार रिपोर्टों पर आधारित है, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

