Gold loan में तेज उछाल, NBFC का पोर्टफोलियो 3.29 लाख करोड़

देश में सोने के बदले मिलने वाले कर्ज (गोल्ड लोन) की मांग तेजी से बढ़ रही है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए गोल्ड लोन रिटेल क्रेडिट का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन गया है। ऊंची सोने की कीमतों के बीच लोग अपने घर में रखे सोने का इस्तेमाल आसानी से कर्ज लेने के लिए कर रहे हैं।

गोल्ड लोन बना NBFC के लिए सबसे तेज बढ़ने वाला रिटेल क्रेडिट सेगमेंट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 तक NBFC कंपनियों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर करीब 69.9% बढ़कर 3.29 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। मई 2025 में यह आंकड़ा 1.94 लाख करोड़ रुपये था। पिछले दो वर्षों में NBFC के गोल्ड लोन में करीब 136% की बढ़ोतरी हुई है।

गोल्ड लोन अब NBFC के रिटेल लोन कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बढ़ती सोने की कीमतों के कारण लोगों के लिए यह एक सुरक्षित विकल्प बन रहा है, क्योंकि इसमें घर में रखे सोने को गिरवी रखकर जल्दी पैसा मिल जाता है।

सोने की बढ़ती कीमतों से बढ़ी गोल्ड लोन की मांग

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में परिवारों के पास बड़ी मात्रा में सोना मौजूद है। गोल्ड लोन के जरिए लोग इस संपत्ति को जरूरत के समय इस्तेमाल कर पा रहे हैं। इससे छोटे कारोबार, घरेलू जरूरतों और आजीविका से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

गोल्ड लोन की मांग अब केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रही है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी इस तरह के कर्ज में तेज वृद्धि देखने को मिली है। इससे पता चलता है कि देश के अन्य हिस्सों में भी गोल्ड लोन की स्वीकार्यता बढ़ रही है।

💰 गोल्ड लोन बाजार की मुख्य बातें

  • NBFC गोल्ड लोन: मई 2026 तक 3.29 लाख करोड़ रुपये
  • सालाना वृद्धि: करीब 69.9%
  • पिछले दो साल की बढ़ोतरी: लगभग 136%
  • मुख्य कारण: सोने की ऊंची कीमतें और आसान कर्ज सुविधा

RBI के नियमों के कारण बढ़ी निगरानी

हालांकि, गोल्ड लोन सेक्टर में कुछ नियमों को लेकर सावधानी भी बरती जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन को बार-बार बढ़ाने या बिना नए मूल्यांकन के अवधि बढ़ाने जैसी प्रक्रियाओं पर सख्ती की है। अब कर्ज देने वाली कंपनियों को नियमों का पालन करते हुए लोन की समीक्षा करनी होगी।

देश की प्रमुख गोल्ड लोन कंपनी मुथूट फाइनेंस के पास वित्त वर्ष 2026 में करीब 1.65 लाख करोड़ रुपये का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो था और ग्राहकों का लगभग 196 टन सोना सुरक्षा के रूप में रखा गया था।

गोल्ड लोन इंडस्ट्री का आकार तेजी से बढ़ा

बैंक और NBFC को मिलाकर गोल्ड लोन इंडस्ट्री का आकार भी तेजी से बढ़ा है। मार्च 2023 में यह करीब 6.3 लाख करोड़ रुपये था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 19.4 लाख करोड़ रुपये हो गया।

🏦 NBFC सेक्टर में बढ़ते कर्ज क्षेत्र

  • कमर्शियल रियल एस्टेट लोन: मई 2026 तक 1.19 लाख करोड़ रुपये
  • सालाना वृद्धि: करीब 40.2%
  • जोखिम: कुछ रिटेल और रियल एस्टेट लोन क्षेत्रों पर नजर जरूरी
  • भविष्य: गोल्ड लोन की मांग आगे भी बढ़ने की संभावना

गोल्ड लोन बना NBFC कंपनियों के लिए बड़ा विकास क्षेत्र

इसके अलावा NBFC सेक्टर में कमर्शियल रियल एस्टेट लोन में भी तेजी आई है। मई 2026 तक इस क्षेत्र में कर्ज सालाना आधार पर 40.2% बढ़कर 1.19 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट और कुछ रिटेल लोन क्षेत्रों में जोखिम पर नजर रखना जरूरी है।

कुल मिलाकर, बढ़ती सोने की कीमतों और आसान उपलब्धता के कारण गोल्ड लोन NBFC कंपनियों के लिए एक बड़ा विकास क्षेत्र बन गया है। आने वाले समय में भी लोगों द्वारा सोने को वित्तीय जरूरतों के लिए इस्तेमाल करने का चलन बढ़ सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से है, कर्ज लेने से पहले नियमों और जोखिमों को समझें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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