असम सरकार ने हाल की Flood से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए शिवसागर और चराइदेव जिलों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि इन दोनों जिलों के लोगों को एक वर्ष तक भूमि राजस्व यानी माटी खजाना नहीं देना होगा। यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी और इसका उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत देना है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत
🌊 सरकार की प्रमुख राहत घोषणाएं
- प्रभावित जिले: शिवसागर और चराइदेव
- भूमि राजस्व: एक वर्ष तक माटी खजाना माफ
- लागू तिथि: 1 अप्रैल 2026 से
- उद्देश्य: Flood प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत
- घोषणा: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
- माध्यम: Facebook Live
मुख्यमंत्री ने Facebook Live के दौरान कहा कि हाल की बाढ़ में शिवसागर और चराइदेव सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल रहे। इस आपदा में बड़ी संख्या में घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी राहत की घोषणा की है। जिन परिवारों ने जुलाई महीने में 300 यूनिट तक बिजली की खपत की है, उनका पूरा बिल सरकार की ओर से भरा जाएगा। इसके लिए राशि मुख्यमंत्री Relief Fund से दी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के घर Smart Meter लगे हैं, उनके खाते में सरकार 300 यूनिट तक का रिचार्ज करेगी। यदि किसी परिवार ने इससे अधिक बिजली खर्च की है तो अतिरिक्त यूनिट का भुगतान उन्हें स्वयं करना होगा।
बिजली बिल और बीमा सहायता
📋 अन्य महत्वपूर्ण राहत उपाय
- बिजली राहत: 300 यूनिट तक का बिल सरकार देगी
- Smart Meter: 300 यूनिट तक रिचार्ज किया जाएगा
- Insurance: दावा प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी
- लाभार्थी जिले: शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट
- उद्देश्य: जल्द मुआवजा और आर्थिक सहायता
- प्रशासन: राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी जारी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बीमा कंपनियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता दिलाने का प्रयास कर रही है। शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के पात्र परिवारों को Insurance का दावा जल्दी मिले, इसके लिए प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। दस्तावेजों की संख्या कम करने और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी काम चल रहा है ताकि प्रभावित लोगों को मुआवजा मिलने में देरी न हो।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करना है। साथ ही प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि सभी पात्र लोगों तक सरकारी सहायता समय पर पहुंच सके।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सरकारी घोषणा के आधार पर है। राहत योजनाओं का लाभ संबंधित नियमों और पात्रता के अनुसार मिलेगा।