यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास जबल जुकर द्वीप के नजदीक 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नाव पर हमला हुआ। समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी के अनुसार, हूती नाव में सवार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और उसने इस घटना के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।
Bab el-Mandeb Boat Attack: घटना को लेकर क्या दावा किया गया?
यह मामला सऊदी अरब और हूती समूह के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। हाल के दिनों में सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं। सऊदी अधिकारियों ने कथित नाव हमले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इसलिए नाव पर हमले से जुड़ी जानकारी को फिलहाल हूती समूह के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
भारत ने सऊदी अरब में नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय ने नागरिक ठिकानों पर हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और तुरंत इन्हें रोकने की मांग की।
🇮🇳 भारतीय नागरिकों से जुड़ी अहम जानकारी
- नाव में नागरिक: हूतियों के अनुसार 14 भारतीय
- घटना का स्थान: जबल जुकर द्वीप के पास, बाब-अल-मंदेब क्षेत्र
- दावा: हूती समूह ने सऊदी अरब को जिम्मेदार बताया
- पुष्टि: उपलब्ध जानकारी में स्वतंत्र पुष्टि नहीं
- मुख्य चिंता: समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सलामती
Saudi Arabia पर हमलों में भारतीय नागरिकों को नुकसान
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दमाम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए। शायबा तेल क्षेत्र पर हमले में भी एक भारतीय नागरिक घायल हुआ। मंत्रालय ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मंत्रालय ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों को हर संभव मदद दी जाएगी। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता भी जताई।
Saudi Aramco ने कर्मचारियों को मुख्यालय खाली करने को कहा
इस बीच, समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने धहरान स्थित अपने मुख्यालय के कर्मचारियों को परिसर खाली कर दूर से काम करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में इस जानकारी से जुड़े छह लोगों का हवाला दिया गया। मुख्यालय खाली कराने की वजह स्पष्ट नहीं थी और कंपनी ने तत्काल टिप्पणी नहीं की।
हूतियों ने लाल सागर के तटीय शहर यानबू में Aramco की सुविधाओं और रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय पर हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया है। सऊदी अधिकारियों ने इन कथित हमलों की पुष्टि नहीं की। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने गुरुवार को रियाद और मदीना के ऊपर ड्रोन रोकने की बात कही।
⚠️ क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा पर असर
- ऊर्जा ठिकाने: सऊदी तेल सुविधाओं पर हमलों की खबरें
- हवाई अड्डे: दमाम में हमले के बाद उड़ान संचालन सामान्य होने की जानकारी
- तेल बाजार: तनाव के बीच तेल कीमतों में तेजी की रिपोर्ट
- शेयर बाजार: सऊदी बेंचमार्क सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई
- अनिश्चितता: कुछ हमलों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई
तेल कीमतों और बाजार पर असर की आशंका
क्षेत्र में दोबारा बढ़ती लड़ाई से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को सऊदी अरब का प्रमुख शेयर सूचकांक 2.5 प्रतिशत गिरा, जबकि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका के कारण तेल कीमतें मई के बाद के उच्च स्तर तक पहुंच गईं। हालात आगे कैसे बदलेंगे, इसका असर ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
Indian Embassy ने भारतीयों के लिए जारी की सुरक्षा सलाह
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने पहले जारी सलाह में सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों से शांत और सतर्क रहने को कहा था। 13 अक्टूबर की सलाह के मुताबिक, हवाई हमले की स्थिति में लोगों को घर के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों के आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई थी। दूतावास ने मौजूदा घटनाओं से जुड़े वीडियो या खबरें बिना पुष्टि के आगे साझा न करने को भी कहा।
दूतावास ने भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष शुरू करने की जानकारी दी थी। यात्रियों से अपनी एयरलाइन के संपर्क में रहने और यात्रा से पहले उड़ानों की स्थिति जांचने को कहा गया। सऊदी अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उड़ान उपलब्ध न होने के कारण जिन भारतीयों के विजिट, टूरिस्ट, उमराह या बिजनेस वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी, उन्हें जुर्माना दिए बिना देश छोड़ने की अनुमति दी जाएगी।
आधिकारिक अपडेट के लिए भारत के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट और भारतीय दूतावास की सलाह देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. बाब-अल-मंदेब के पास नाव पर हमले के बारे में क्या दावा है?
हूती समूह के प्रवक्ता ने दावा किया कि 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही नाव पर जबल जुकर द्वीप के पास हमला हुआ। समूह ने बचाव अभियान चलाने की बात कही, लेकिन उपलब्ध जानकारी में घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
2. हूतियों ने इस घटना के लिए किसे जिम्मेदार बताया?
हूती समूह ने कथित नाव हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी अधिकारियों की तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी, इसलिए इस आरोप को स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।
3. सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों को किन हमलों में नुकसान हुआ?
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, दमाम हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हुई और दो घायल हुए। शायबा तेल क्षेत्र पर हमले में एक अन्य भारतीय घायल हुआ। दूतावास प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अधिकारियों के संपर्क में है।
4. सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
भारतीय नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए, आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए और अपुष्ट वीडियो या खबरें साझा नहीं करनी चाहिए। यात्रा से पहले एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करना भी जरूरी है।
5. इस तनाव का तेल बाजार पर क्या असर हो सकता है?
सऊदी ऊर्जा ठिकानों और अहम समुद्री मार्गों के आसपास तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। ऐसी अनिश्चितता कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकती है, हालांकि वास्तविक असर घटनाओं के आगे के विकास पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
बाब-अल-मंदेब के पास भारतीय नागरिकों वाली नाव पर हमले का दावा क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है, लेकिन घटना की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। भारतीय नागरिकों को आधिकारिक सलाह पर भरोसा करना चाहिए और सऊदी अरब तथा यमन से जुड़े हालात पर विश्वसनीय अपडेट देखते रहना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। कथित नाव हमले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
