बेलराइज इंडस्ट्रीज जुटाएगी ₹1,200 करोड़, विस्तार को मिलेगी रफ्तार

पुणे स्थित ऑटो कंपोनेंट निर्माता बेलराइज इंडस्ट्रीज ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए 1,200 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर कंपनी इस इश्यू का आकार बढ़ाकर अधिक राशि भी जुटा सकती है। इस फंड का उपयोग कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, अधिग्रहण की योजनाओं और कर्ज कम करने के लिए करेगी।

बेलराइज इंडस्ट्रीज ने 1,200 करोड़ रुपये के क्यूआईपी की शुरुआत की

14 जुलाई को कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसके निदेशक मंडल की क्यूआईपी समिति ने इस इश्यू को मंजूरी दे दी है। क्यूआईपी के लिए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस 230.79 रुपये तय किया गया है। इससे पहले 2 जुलाई को कंपनी के शेयरधारकों ने क्यूआईपी के जरिए अधिकतम 2,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दी थी। मई में हुई बोर्ड बैठक में भी इस फंड जुटाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में निवेश बैंक जेफरीज सलाहकार की भूमिका निभा रहा है। हालांकि कंपनी ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

💰 क्यूआईपी की प्रमुख बातें

  • कंपनी: बेलराइज इंडस्ट्रीज
  • क्यूआईपी आकार: 1,200 करोड़ रुपये
  • अधिकतम मंजूरी: 2,000 करोड़ रुपये
  • फ्लोर प्राइस: 230.79 रुपये प्रति शेयर
  • उद्देश्य: विस्तार, अधिग्रहण और कर्ज कम करना

शेयरधारकों की मंजूरी के बाद शुरू हुई प्रक्रिया

बेलराइज इंडस्ट्रीज का शेयर मई 2025 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ था। लिस्टिंग के बाद से अब तक कंपनी का शेयर लगभग 98 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जिससे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है।

कंपनी दोपहिया, तिपहिया, यात्री और वाणिज्यिक वाहनों के लिए ऑटो कंपोनेंट बनाती है। इसके उत्पादों में मेटल प्रोसेसिंग, पॉलिमर प्रोसेसिंग, सस्पेंशन सिस्टम, मिरर सिस्टम, फाउंड्री, ई-मोबिलिटी, घरेलू उपकरणों के पार्ट्स और सुरक्षा हार्डवेयर सहित कई श्रेणियां शामिल हैं।

🏭 कंपनी की प्रमुख जानकारी

  • मुख्यालय: पुणे
  • क्षेत्र: ऑटो कंपोनेंट निर्माण
  • विनिर्माण संयंत्र: 15 से अधिक
  • राज्य: भारत के 7 राज्यों में मौजूदगी
  • कर्मचारी: 15,000 से अधिक
  • निर्यात: अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और चीन सहित कई देशों में

नई पूंजी से कारोबार विस्तार को मिलेगी रफ्तार

बेलराइज इंडस्ट्रीज के भारत के सात राज्यों में 15 से अधिक विनिर्माण संयंत्र हैं, जहां 15,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी अपने उत्पादों का निर्यात अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और चीन सहित कई देशों में करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई पूंजी मिलने के बाद कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी और वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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