13 जुलाई तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.4% बढ़कर 6.51 लाख करोड़

चालू वित्त वर्ष में 13 जुलाई तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) संग्रह 16.40 प्रतिशत बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान कॉरपोरेट टैक्स संग्रह का रहा है, जिससे कंपनियों की मजबूत आय और बेहतर कर अनुपालन का संकेत मिलता है।

कॉरपोरेट टैक्स में बढ़ोतरी से मजबूत हुआ प्रत्यक्ष कर संग्रह

इस अवधि में शुद्ध कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 2.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वहीं गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह, जिसमें व्यक्तिगत आयकर, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्मों द्वारा चुकाया गया कर शामिल है, करीब 12 प्रतिशत बढ़कर 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) संग्रह में भी 48 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 26,429 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

सरकार ने इस दौरान करदाताओं को 1.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड भी जारी किए, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14.57 प्रतिशत अधिक है। रिफंड जारी होने के बावजूद शुद्ध कर संग्रह में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

📊 प्रत्यक्ष कर संग्रह की प्रमुख बातें

  • शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह: 6.51 लाख करोड़ रुपये
  • वृद्धि: 16.40 प्रतिशत
  • कॉरपोरेट टैक्स: 2.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  • गैर-कॉरपोरेट टैक्स: 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  • एसटीटी संग्रह: 26,429 करोड़ रुपये
  • रिफंड: 1.22 लाख करोड़ रुपये

सकल कर संग्रह और बजट लक्ष्य पर नजर

सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह भी 16.11 प्रतिशत बढ़कर 7.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसमें कॉरपोरेट टैक्स से 3.35 लाख करोड़ रुपये और गैर-कॉरपोरेट टैक्स से लगभग 4.12 लाख करोड़ रुपये का योगदान रहा।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में प्राप्त 23.40 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।

🎯 सरकार का कर संग्रह लक्ष्य

  • वित्त वर्ष: 2026-27
  • प्रत्यक्ष कर लक्ष्य: 26.97 लाख करोड़ रुपये
  • पिछला संग्रह: 23.40 लाख करोड़ रुपये
  • कॉरपोरेट टैक्स प्रगति: बजट अनुमान का करीब 19.5%
  • गैर-कॉरपोरेट टैक्स प्रगति: बजट अनुमान का करीब 27.6%
  • संकेत: लक्ष्य हासिल होने की मजबूत संभावना

विशेषज्ञों ने अर्थव्यवस्था और कर अनुपालन को बताया मजबूत

कर विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक तनाव और आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं के बावजूद भारतीय कंपनियों के मुनाफे पर बड़ा असर नहीं पड़ा है। इससे कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कॉरपोरेट टैक्स के साथ-साथ व्यक्तिगत आयकर संग्रह में भी लगातार सुधार हो रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि कर अनुपालन बेहतर हुआ है और देश की अर्थव्यवस्था में औपचारिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।

मजबूत रफ्तार से पूरा हो सकता है सरकार का लक्ष्य

विश्लेषकों के अनुसार अब तक के आंकड़े बताते हैं कि इस वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह मजबूत स्थिति में है। कॉरपोरेट टैक्स बजट अनुमान का करीब 19.5 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट टैक्स लगभग 27.6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है तो सरकार के लिए चालू वित्त वर्ष का कर संग्रह लक्ष्य हासिल करना आसान हो सकता है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय या कर संबंधी निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य देखें।

Gourav Kumar Singh

About the Author

Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

Read More →

Leave a Comment