बोकारो में रेत संकट खत्म होने की उम्मीद, दो नए बालू घाटों के लिए हुआ समझौता

अब यह उम्मीद की जा रही है कि बोकारो ज़िले में लंबे समय से चली आ रही रेत की कमी जल्द ही दूर हो जाएगी। राज्य सरकार द्वारा रेत घाटों की लीज़ प्रक्रिया को आसान बनाने के बाद, ज़िले में रेत घाटों को चालू करने का काम तेज़ हो गया है। इसी सिलसिले में, शुक्रवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने दो रेत घाटों के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर ज़िला खनन अधिकारी और बोली लगाने वाली कंपनी, समर्थ AD प्रोटैक्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी मौजूद थे। प्रशासनिक स्तर पर इस कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि इसे ज़िले में रेत की कानूनी आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जिन दो रेत घाटों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, वे हैं पिंडराजोरी-2 रेत घाट (4.72 हेक्टेयर) और खेतको चलकारी रेत घाट (26.14 हेक्टेयर)। ज़िला प्रशासन के मुताबिक, ज़िले के सात रेत घाटों की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऑनलाइन नीलामी में समर्थ AD प्रोटैक्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्रुप A और ग्रुप B के तहत तीन-तीन रेत घाट हासिल किए।

सरकार के अनुसार, बाकी बचे पाँच रेत घाटों के लिए ज़रूरी कानूनी प्रक्रियाएँ अभी चल रही हैं। जैसे ही सभी औपचारिकताएँ पूरी हो जाएँगी, इन घाटों पर काम शुरू हो जाएगा।

एक बार रेत घाटों के चालू हो जाने के बाद, ज़िले में कानूनी रूप से प्राप्त रेत की उपलब्धता बढ़ जाएगी। इससे आम जनता को फ़ायदा होने की उम्मीद है, और इससे निर्माण कार्यों की गति भी तेज़ होगी।

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