यूरोपीय आयोग ने ऑनलाइन होटल और ठहरने की जगह बुक करने वाले प्लेटफॉर्म Booking.com की जांच शुरू की है। आयोग को चिंता है कि प्लेटफॉर्म पर नकली प्रॉपर्टी लिस्टिंग, फिशिंग स्कैम और बुकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं या नहीं। जांच का उद्देश्य यह देखना है कि कंपनी यूरोपीय संघ के Digital Services Act (DSA) के नियमों का पालन कर रही है या नहीं।
Booking.com पर EU की जांच क्यों शुरू हुई?
जांच में ऐसी प्रॉपर्टी लिस्टिंग देखी जाएंगी जो असल में मौजूद नहीं हैं या जिनके बारे में गलत जानकारी दी गई है। अधिकारी यह भी जांचेंगे कि Booking.com ऐसे जोखिमों को पहचानने और ग्राहकों को नुकसान से बचाने के लिए क्या कदम उठाता है। जांच शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी को नियम तोड़ने का दोषी पाया जा चुका है। अंतिम नतीजा जांच में मिले सबूतों पर निर्भर करेगा।
यूरोपीय आयोग यह भी देखेगा कि क्या Booking.com पर भुगतान करके ऊपर दिखाई जाने वाली लिस्टिंग को साफ तौर पर चिह्नित किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक समझ सकें कि कोई होटल खोज परिणामों में ऊपर इसलिए दिख रहा है क्योंकि उसने इसके लिए भुगतान किया है। डिजिटल सेवा कानून के बारे में अधिक जानकारी यूरोपीय आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
🔎 जांच में किन बातों पर ध्यान?
- नकली लिस्टिंग: ऐसी जगहें जो मौजूद नहीं हैं या गलत तरीके से दिखाई गई हैं।
- फिशिंग स्कैम: ग्राहकों से धोखे से भुगतान कराने की कोशिश।
- पेड लिस्टिंग: भुगतान के कारण ऊपर दिखाई जाने वाली जगहों की स्पष्ट पहचान।
- कंपनी की जिम्मेदारी: जोखिम पहचानने और धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाए गए कदम।
नकली होटल और बुकिंग पर कब्जे के मामले
नकली लिस्टिंग वाले मामलों में ग्राहक को लगता है कि उसने सही होटल या ठहरने की जगह बुक की है, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चल सकता है कि वह जगह मौजूद ही नहीं है या विज्ञापन में दी गई जानकारी गलत थी। ब्रिटेन के उपभोक्ता समूह Which? ने भी प्लेटफॉर्म की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। उसके शोधकर्ताओं ने 10 Downing Street के नाम से एक नकली लिस्टिंग बनाई और बताया कि वे Booking.com के जरिए भुगतान स्वीकार करने में सफल रहे।
धोखाधड़ी का दूसरा तरीका बुकिंग पर कब्जा करना है। इसमें अपराधी चोरी किए गए या हैक हुए डेटा का इस्तेमाल करके खुद को होटल या ठहरने की जगह का असली प्रतिनिधि बताते हैं। फिर वे मेहमानों से WhatsApp या Booking.com के जरिए संपर्क करके बुकिंग पक्की करने के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांग सकते हैं। यात्रियों को ऐसे संदेशों और भुगतान के अनुरोधों को ध्यान से जांचना चाहिए।
⚠️ यात्रियों के लिए सुरक्षा सुझाव
- भुगतान से पहले: होटल की आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क जानकारी जांचें।
- संदिग्ध संदेश: WhatsApp या ईमेल पर आए अचानक भुगतान अनुरोध पर भरोसा न करें।
- बुकिंग विवरण: पुष्टि और भुगतान की जानकारी ऐप में खुद खोलकर देखें।
- व्यक्तिगत डेटा: पासवर्ड, बैंक विवरण या सत्यापन कोड किसी के साथ साझा न करें।
यूरोप में Booking.com की बड़ी मौजूदगी
यूरोपीय संघ की Instagram पोस्ट के अनुसार, यूरोप में ऑनलाइन होटल बुकिंग का 66 प्रतिशत हिस्सा Booking.com के पास है। आयोग ने यह भी कहा कि 2022 से 2024 के बीच प्लेटफॉर्म पर स्कैम की संख्या में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एम्स्टर्डम में मुख्यालय वाली कंपनी का कहना है कि दुनिया भर में उसके पास 2.8 करोड़ ठहरने की जगहों की लिस्टिंग हैं।
Booking.com ने कहा है कि वह यूरोपीय आयोग की जांच में सहयोग कर रहा है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, सुरक्षा, भरोसा और व्यक्तिगत जानकारी की रक्षा उसकी प्राथमिकताएं हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि वह साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने के लिए सरकारों, नियामकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उद्योग के अन्य भागीदारों के साथ काम करती रहेगी।
उपभोक्ता समूह ने जांच का स्वागत किया
यूरोपीय उपभोक्ता संगठन BEUC के महानिदेशक अगुस्तीन रेयना ने जांच के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि डिजिटल नियमों का पालन न करने से जुड़ी चिंताओं की जांच होना जरूरी है। हालांकि, यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच शुरू होना अपने आप में नियमों के उल्लंघन का अंतिम फैसला नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. EU ने Booking.com की जांच क्यों शुरू की?
यूरोपीय आयोग यह जांच रहा है कि Booking.com नकली होटल लिस्टिंग, फिशिंग स्कैम और बुकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहा है या नहीं। जांच में डिजिटल सेवा कानून के पालन की भी समीक्षा होगी।
2. क्या Booking.com को नियम तोड़ने का दोषी पाया गया है?
नहीं। जांच शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनी दोषी साबित हो गई है। यूरोपीय आयोग जांच के दौरान सबूतों और कंपनी के कदमों की समीक्षा करेगा। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
3. बुकिंग पर कब्जा करने वाला स्कैम क्या है?
इस तरह के स्कैम में अपराधी चोरी या हैक किए गए डेटा के जरिए खुद को होटल का प्रतिनिधि बताते हैं। वे ग्राहक से संदेश भेजकर अतिरिक्त भुगतान मांग सकते हैं। किसी भी ऐसे अनुरोध को आधिकारिक बुकिंग विवरण से मिलाकर जांचना जरूरी है।
4. Booking.com पर नकली लिस्टिंग से कैसे बचें?
बुकिंग से पहले प्रॉपर्टी की समीक्षा, पता, संपर्क विवरण और आधिकारिक वेबसाइट जांचें। बहुत असामान्य ऑफर या अचानक अतिरिक्त भुगतान की मांग पर सतर्क रहें। भुगतान से जुड़ी जानकारी सीधे अपने बुकिंग खाते में खोलकर सत्यापित करें।
5. जांच में पेड लिस्टिंग की समीक्षा क्यों होगी?
आयोग यह जानना चाहता है कि ग्राहक साफ तौर पर समझ पाते हैं या नहीं कि कुछ होटल भुगतान करके खोज परिणामों में ऊपर दिखाई देते हैं। स्पष्ट लेबल से यात्रियों को विकल्पों की तुलना करने और जानकारी के आधार पर फैसला लेने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
Booking.com की जांच ऑनलाइन बुकिंग में भरोसे और ग्राहक सुरक्षा के महत्व को दिखाती है। जांच का नतीजा अभी सामने नहीं आया है, इसलिए कंपनी पर नियम तोड़ने का अंतिम आरोप नहीं लगाया जा सकता। यात्रियों को बुकिंग और भुगतान के अनुरोधों की सावधानी से जांच करनी चाहिए।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। जांच जारी है, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
