AI स्किलिंग पहल में 60 हजार से ज्यादा आवेदन, दूसरा चरण तैयार

राष्ट्रीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग पहल के पहले चरण में अब तक 60,253 आवेदन और नामांकन दर्ज किए गए हैं। सरकार इस पहल के दूसरे चरण की योजना को अंतिम रूप देने में जुटी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

AI स्किलिंग पहल में 60,253 आवेदन और नामांकन

लोकसभा में बुधवार को सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लिखित जवाब में बताया कि पहले चरण में अब तक कुल 60,253 आवेदन मिले हैं और इतने ही प्रतिभागियों का नामांकन हुआ है।

सरकार की इस पहल के तहत 4,600 से ज्यादा प्रतिभागियों ने पहले चरण के दो मॉड्यूल पूरे कर लिए हैं। वहीं 500 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम के सभी चार मॉड्यूल पूरे किए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मार्च 2026 में राष्ट्रीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्किलिंग पहल की शुरुआत की थी।

पहले चरण में चार मॉड्यूल शामिल

पहले चरण में चार मॉ्यूल शामिल हैं और पूरे कार्यक्रम की अवधि 33 घंटे है। इसे दो अलग-अलग शिक्षण प्लेटफॉर्म के माध्यम से कराया जा रहा है। पहले प्लेटफॉर्म पर एआई एसेंशियल्स और प्रॉम्प्टिंग एसेंशियल्स नाम के दो मॉड्यूल हैं। इनमें एआई की मदद से रोजमर्रा के काम को बेहतर करने, आंकड़ों को समझने और सामग्री तैयार करने जैसी व्यावहारिक जानकारी दी जाती है।

प्रॉम्प्टिंग एसेंशियल्स मॉड्यूल में प्रभावी और पेशेवर प्रॉम्प्ट लिखने के तरीके सिखाए जाते हैं। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को एआई उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए जरूरी तकनीक समझाना है।

दूसरे प्लेटफॉर्म पर जनरेटिव एआई का परिचय और जनरेटिव एआई लीडर नाम के दो मॉड्यूल शामिल हैं। पहले मॉड्यूल में बड़े भाषा मॉडल यानी एलएलएम की मूल जानकारी और जिम्मेदारी के साथ एआई के इस्तेमाल के बारे में बताया जाता है।

🤖 AI स्किलिंग पहल की मुख्य जानकारी

  • आवेदन: 60,253
  • नामांकन: 60,253 प्रतिभागी
  • दो मॉड्यूल पूरे: 4,600 से ज्यादा प्रतिभागी
  • चारों मॉड्यूल पूरे: 500 से अधिक प्रतिभागी
  • कुल मॉड्यूल: 4
  • कार्यक्रम की अवधि: 33 घंटे
  • शुरुआत: मार्च 2026

जनरेटिव एआई से जुड़े मॉड्यूल पर जोर

जनरेटिव एआई लीडर मॉड्यूल में काम की प्रक्रियाओं को स्वचालित करने और संस्थानों में जनरेटिव एआई का रणनीतिक इस्तेमाल करने पर ध्यान दिया जाता है। इसका मकसद संगठनों में तकनीक के बेहतर उपयोग और बदलाव को बढ़ावा देना है।

सरकार के अनुसार, पहल के दूसरे चरण में पाठ्यक्रम, मॉड्यूल और कोर्स की अवधि से जुड़ी जानकारी अभी तय की जा रही है। सरकार की भूमिका इस कार्यक्रम को सही दिशा देना और इसके संचालन में मदद करना है। यह पहल आईआईसीटी के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों में एआई की समझ बढ़ाना और छात्रों को उद्योग की जरूरत के अनुसार डिजिटल कौशल से लैस करना है।

📚 दूसरे चरण में क्या तय होना बाकी है

  • पाठ्यक्रम: नए चरण के लिए जानकारी तय की जा रही है
  • मॉड्यूल: नए मॉड्यूल से जुड़ी योजना तैयार हो रही है
  • कोर्स अवधि: अवधि को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है
  • मुख्य उद्देश्य: एआई की समझ बढ़ाना
  • डिजिटल कौशल: छात्रों को उद्योग की जरूरत के अनुसार तैयार करना
  • कार्यान्वयन: आईआईसीटी के माध्यम से पहल लागू की जा रही है

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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