बुधवार, 12 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार पर दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वित्तीय तथा तकनीकी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर बाजार पर पड़ा। निफ्टी 0.15 प्रतिशत गिरकर 24,435 अंक पर आ गया, जबकि सेंसेक्स में 0.34 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 77,889 अंक पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ अगस्त महीने में बाजार का अब तक का प्रदर्शन भी नकारात्मक हो गया।
शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी फिसले
बाजार के बड़े हिस्से में कमजोरी रही। सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी, उपभोक्ता सामान और वाहन कंपनियों के शेयरों में ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, मीडिया, धातु और तेल-गैस से जुड़ी कंपनियों में तेजी रही। लगातार छठे कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं। इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों देशों के बीच मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर तत्काल समझौते की उम्मीद कमजोर हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और अमेरिका में आने वाले महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई बाजार की चिंता
कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गई। इससे निवेशकों में चिंता बढ़ी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
जून तिमाही के कमजोर नतीजों का असर भी कई कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन के बाद एक कंपनी के शेयर में 11.2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और कीमत 910 रुपये तक पहुंच गई। पीआई इंडस्ट्रीज, जुबिलेंट फार्मोवा, आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया और एआईए इंजीनियरिंग के शेयर भी पांच प्रतिशत से ज्यादा टूटे।
हाल की तेजी के बाद रेडिंगटन के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। इसका शेयर 4.3 प्रतिशत गिरकर 339 रुपये पर आ गया। हालांकि, अगस्त में अब तक इसमें 5.52 प्रतिशत की बढ़त बनी हुई है। गोदरेज इंडस्ट्रीज के शेयर में भी गिरावट बढ़ी और यह एक महीने से अधिक समय के निचले स्तर पर पहुंच गया।
📉 बाजार में गिरावट की मुख्य वजह
- निफ्टी: 0.15 प्रतिशत गिरकर 24,435 अंक
- सेंसेक्स: 0.34 प्रतिशत गिरकर 77,889 अंक
- कच्चा तेल: कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब
- महंगाई: बढ़ती कीमतों से चिंता
- वैश्विक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर अनिश्चितता
- कंपनियों के नतीजे: कमजोर तिमाही प्रदर्शन का असर
टाटा समूह की कंपनियों में भी बिकवाली
टाटा समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली रही। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद समूह की कंपनियों पर दबाव बढ़ा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में करीब चार प्रतिशत की गिरावट आई। टाटा टेक्नोलॉजीज में 2.2 प्रतिशत और टाटा एलेक्सी में 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा फोर्टिस हेल्थकेयर, दीपक नाइट्राइट, बलरामपुर चीनी मिल्स, यूएनओ मिंडा, ग्लोबल हेल्थ, एनएलसी इंडिया, वॉकहार्ट, सोनाटा सॉफ्टवेयर और एक्यूटास के शेयरों में भी तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। बाजार में कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक तनाव और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले दिनों में निवेशकों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
📊 आगे बाजार के लिए अहम संकेत
- कच्चे तेल: कीमतों की दिशा बाजार पर असर डाल सकती है
- महंगाई आंकड़े: भारत और अमेरिका के आंकड़ों पर नजर
- वैश्विक तनाव: अमेरिका और ईरान की बातचीत महत्वपूर्ण
- तिमाही नतीजे: कंपनियों के प्रदर्शन से शेयरों की चाल तय हो सकती है
- मुनाफावसूली: हाल की तेजी वाले शेयरों में दबाव रह सकता है
- निवेशक: बाजार में सावधानी का माहौल बना हुआ है
