भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनियों के कर्मचारियों को एक नए साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी है। इस धोखाधड़ी को “Boss Scam” कहा जा रहा है, जिसमें ठग कंपनी के CEO, मैनेजिंग डायरेक्टर या किसी बड़े अधिकारी की पहचान बनाकर कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। इस मामले में ठग कर्मचारियों को भरोसे में लेकर कंपनी के पैसे गलत खातों में ट्रांसफर करवाने की कोशिश करते हैं।
SEBI ने Boss Scam को लेकर कंपनियों को किया अलर्ट
SEBI ने यह चेतावनी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली जानकारी के बाद जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में तेजी देखी गई है। ठग खासतौर पर उन कर्मचारियों को निशाना बनाते हैं जिनके पास कंपनी के बैंक खाते या वित्तीय कामों से जुड़ी जानकारी तक पहुंच होती है।
इस फ्रॉड में अपराधी सबसे पहले खुद को कंपनी के बड़े अधिकारी के रूप में पेश करते हैं। इसके बाद WhatsApp, Microsoft Teams, ईमेल या दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कर्मचारी से संपर्क करते हैं। वे किसी जरूरी और गोपनीय काम का बहाना बनाकर तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं।
कैसे काम करता है Boss Scam
कई मामलों में ठग तकनीक का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। वे कर्मचारियों को फर्जी फाइल या लिंक भेजते हैं। जैसे ही कर्मचारी उस फाइल को खोलता है, उसमें मौजूद खतरनाक सॉफ्टवेयर डिवाइस में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद ठग WhatsApp Web जैसे अकाउंट का नियंत्रण हासिल कर सकते हैं और असली अधिकारी की तरह संदेश भेज सकते हैं।
जब किसी कर्मचारी को अपने वरिष्ठ अधिकारी के अकाउंट से पैसे भेजने का निर्देश मिलता है, तो वह अक्सर बिना ज्यादा जांच किए आदेश मान लेता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर अपराधी कंपनी के पैसे को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा देते हैं।
कंपनियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सलाह
SEBI ने सभी संबंधित संस्थानों, जिसमें ब्रोकरेज कंपनियां, म्यूचुअल फंड संस्थान और सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं, को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों को भी सलाह दी गई है कि केवल WhatsApp या किसी चैट मैसेज के आधार पर पैसों का लेनदेन न करें।
अगर कोई व्यक्ति अचानक और जल्दबाजी में पैसे भेजने के लिए कहता है, तो उसकी पुष्टि कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जरूर करनी चाहिए। इसके लिए सीधे फोन कॉल या आमने-सामने बातचीत जैसे सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
फर्जी लिंक और फाइल से रहें सावधान
SEBI ने यह भी कहा है कि अनजान फाइल, लिंक या अटैचमेंट को खोलने से बचना चाहिए, भले ही वह किसी परिचित व्यक्ति या कंपनी के अधिकारी के नाम से आया हो। डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ऐसे साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है, इसलिए कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को सतर्क रहना जरूरी है।

