FIFA World Cup 2026 से कंपनियों को 17 अरब डॉलर नुकसान का अनुमान

फीफा वर्ल्ड कप 2026 केवल खेल प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि दुनियाभर की कंपनियों और कर्मचारियों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि टूर्नामेंट के दौरान कर्मचारियों के कामकाज में बदलाव से कंपनियों की उत्पादकता पर बड़ा असर पड़ सकता है।

फीफा वर्ल्ड कप दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक है, लेकिन इस बार यह कंपनियों के लिए कामकाज पर असर डालने वाली बड़ी चुनौती भी बन सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान दुनियाभर में करीब 17 अरब डॉलर तक की उत्पादकता का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। इसमें अकेले अमेरिका को लगभग 11.7 अरब डॉलर का नुकसान होने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट में क्या सामने आया

वर्कफोर्स मैनेजमेंट कंपनी UKG के सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। इस सर्वे में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के 8,000 कर्मचारियों को शामिल किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि टूर्नामेंट के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने काम के समय में बदलाव कर सकते हैं, छुट्टी ले सकते हैं या ऑफिस के समय में मैच देख सकते हैं।

सर्वे के अनुसार, दुनियाभर में करीब 37 प्रतिशत कर्मचारियों ने माना कि वे वर्ल्ड कप के कारण अपने काम के शेड्यूल में बदलाव करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 27 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि वे देर से ऑफिस पहुंच सकते हैं, जल्दी जा सकते हैं या काम से छुट्टी ले सकते हैं।

⚽ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का कामकाज पर असर

  • अनुमानित वैश्विक नुकसान: 17 अरब डॉलर
  • अमेरिका: 11.7 अरब डॉलर
  • सर्वे: UKG द्वारा 8 देशों के 8,000 कर्मचारी
  • 37% कर्मचारी: काम का शेड्यूल बदलने की योजना
  • 27% कर्मचारी: देर से आना, जल्दी जाना या छुट्टी लेना
  • मुख्य कारण: फीफा वर्ल्ड कप मैच देखना

कर्मचारियों की काम करने की आदतों में बदलाव

कई कर्मचारियों ने यह भी संकेत दिया कि वे ऑफिस में मौजूद रहेंगे, लेकिन उनकी काम करने की क्षमता कम हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारी मैच देखने के लिए ऑफिस में ऑनलाइन स्ट्रीमिंग करने की योजना बना रहे थे, जबकि कुछ ने थकान के साथ काम करने की बात कही।

UKG के अनुसार, करीब 26 प्रतिशत कर्मचारी अपने मैनेजर की सहनशीलता की सीमा को परखने की योजना बना रहे थे। वहीं, 14 प्रतिशत कर्मचारियों ने माना कि वे काम के दौरान छिपकर मैच या उसके मुख्य अंश देख सकते हैं। लगभग 22 प्रतिशत लोगों को मैच के कारण थकान के साथ ऑफिस आने की उम्मीद थी और 11 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि वे हैंगओवर की स्थिति में काम कर सकते हैं।

कंपनी के मुख्य उत्पाद अधिकारी सुरेश विट्टल ने कहा कि जब बड़ी संख्या में कर्मचारी काम से दूर रहते हैं या कम प्रभावी तरीके से काम करते हैं, तो इसका सीधा असर कंपनी की कार्यक्षमता और ग्राहकों की सेवाओं पर पड़ता है।

📊 किन देशों को सबसे ज्यादा नुकसान

  • अमेरिका: 11.7 अरब डॉलर
  • जर्मनी: 1.34 अरब डॉलर
  • ब्रिटेन: 912 मिलियन डॉलर
  • फ्रांस: 749 मिलियन डॉलर
  • ऑस्ट्रेलिया: 653 मिलियन डॉलर
  • मुख्य वजह: कर्मचारियों की घटती उत्पादकता और बदला हुआ कार्य समय

अमेरिका समेत कई देशों पर सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में सबसे ज्यादा 11.7 अरब डॉलर की उत्पादकता हानि का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद जर्मनी में 1.34 अरब डॉलर, ब्रिटेन में 912 मिलियन डॉलर, फ्रांस में 749 मिलियन डॉलर और ऑस्ट्रेलिया में 653 मिलियन डॉलर के नुकसान की संभावना जताई गई है।

वर्ल्ड कप को लेकर केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि मैनेजर भी बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। सर्वे में पाया गया कि कई मैनेजर टूर्नामेंट के दौरान छुट्टी लेने या काम के समय में बदलाव की मांग करने की योजना बना रहे हैं।

ऑफिस उपस्थिति और कंपनियों की तैयारी

अमेरिका में ऑफिस उपस्थिति पर भी इसका असर दिखाई दिया। एक ऑफिस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म Envoy के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका की टीम की हार के अगले दिन 7 जुलाई को ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस स्थिति को कंपनी ने “Knockout Tuesday” नाम दिया।

कुछ बड़ी कंपनियों ने पहले ही मैच वाले दिनों में कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने की योजना बनाई है, ताकि ट्रैफिक और आने-जाने की परेशानी से बचा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को कर्मचारियों की रुचि और काम की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा, ताकि बड़े खेल आयोजन का असर कारोबार पर कम हो।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों और अपडेट के लिए संबंधित स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

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