CBSE Re-evaluation: बिना आवेदन वाले विषय में घटे अंक, मचा विवाद

सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें दो छात्रों ने बिना आवेदन वाले विषयों में अंक घटाए जाने का आरोप लगाया है।

सीबीएसई (CBSE) की पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) प्रक्रिया को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक स्कूल के 12वीं कक्षा के दो छात्रों ने आरोप लगाया है कि जिन विषयों में उन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था, उनमें तो अंक बढ़ गए, लेकिन जिन विषयों की जांच के लिए उन्होंने आवेदन ही नहीं किया था, उनमें उनके अंक घटा दिए गए। इससे दोनों छात्रों का परिणाम ‘पास’ से बदलकर ‘रीपीट इन थ्योरी (RT)’ हो गया, जिससे उनकी कॉलेज में दाखिले की योजना पर संकट खड़ा हो गया है।

पुनर्मूल्यांकन के बाद बिना आवेदन वाले विषयों में घटे अंक

रिपोर्ट के अनुसार, पहला छात्र केवल केमिस्ट्री और होम साइंस विषय में पुनर्मूल्यांकन चाहता था। संशोधित परिणाम में केमिस्ट्री के अंक 42 से बढ़कर 52 और होम साइंस के अंक 70 से बढ़कर 79 हो गए। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि गणित के अंक, जिसकी पुनर्मूल्यांकन के लिए कोई मांग नहीं की गई थी, 46 से घटाकर 40 कर दिए गए। इसके कारण छात्र का कुल परिणाम फिर से RT हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार, दूसरा छात्र केवल फिजिक्स और कंप्यूटर साइंस विषयों में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। इन दोनों विषयों में उसके अंक बढ़ गए, लेकिन संशोधित मार्कशीट में केमिस्ट्री के अंक 52 से घटाकर 43 कर दिए गए। इस विषय की पुनर्मूल्यांकन के लिए भी कोई मांग नहीं की गई थी। अंक घटने के कारण उसका परिणाम भी RT में बदल गया।

📋 पहले छात्र का मामला

  • पुनर्मूल्यांकन विषय: केमिस्ट्री, होम साइंस
  • केमिस्ट्री: 42 → 52 अंक
  • होम साइंस: 70 → 79 अंक
  • गणित: 46 → 40 (बिना आवेदन)
  • परिणाम: RT में बदल गया

दूसरे छात्र के साथ भी सामने आई समान समस्या

दोनों छात्र फरीदाबाद के डीएवी पब्लिक स्कूल के हैं। छात्रों के परिवारों ने सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि जिन विषयों के लिए पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध नहीं किया गया था, उनके अंक बदलना पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि काउंसलिंग और कॉलेज एडमिशन की अंतिम तारीखें नजदीक हैं और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो छात्रों का एक साल बर्बाद हो सकता है।

स्कूल प्रशासन ने भी सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि बिना आवेदन वाले विषयों के अंक कैसे बदले गए। स्कूल का कहना है कि यदि यह किसी नीति के तहत किया गया है तो इसकी पहले से स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी।

⚠️ विवाद के मुख्य बिंदु

  • स्कूल: डीएवी पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद
  • समस्या: बिना आवेदन वाले विषयों के अंक घटे
  • शिकायत: सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय में दर्ज
  • प्रभाव: कॉलेज एडमिशन पर संकट
  • मांग: जल्द त्रुटि सुधार और जांच

स्कूल और परिजनों ने उठाए सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल को अनौपचारिक रूप से बताया गया कि जिन विषयों में अंक बढ़े, वहां पहले दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए गए। हालांकि स्कूल ने कहा कि उसे ऐसी किसी नीति की जानकारी नहीं है और सीबीएसई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना भी जारी नहीं की गई थी।

परिजनों का कहना है कि यह मामला केवल अंकों का नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने सीबीएसई से मांग की है कि कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने से पहले इस त्रुटि को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, ताकि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। मामले में अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगा।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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