Laser Power & Infra IPO: 9 जुलाई से खुलेगा, जानें GMP और कीमत

Laser Power & Infra IPO निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस आईपीओ का प्राइस बैंड, लॉट साइज, कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम, जीएमपी और लिस्टिंग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।

Laser Power & Infra IPO: लेजर पावर एंड इंफ्रा का आईपीओ 9 जुलाई 2026 से निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है और इसमें 13 जुलाई तक आवेदन किया जा सकेगा।

Laser Power & Infra IPO की मुख्य जानकारी

कंपनी ने अपने शेयर का प्राइस बैंड ₹203 से ₹214 प्रति शेयर तय किया है। शेयरों का आवंटन 14 जुलाई को होने की संभावना है, जबकि कंपनी के शेयर 16 जुलाई 2026 को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 70 शेयर होंगे, जिसके लिए अधिकतम कीमत के हिसाब से कम से कम ₹14,980 का निवेश करना होगा।

यह आईपीओ कुल ₹742 करोड़ का है। कंपनी इस राशि का उपयोग अपने कुछ कर्ज चुकाने, कारोबार के लिए कार्यशील पूंजी बढ़ाने, नए निवेश करने और अन्य सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में करेगी। आईपीओ में कुछ मौजूदा शेयरधारक भी अपने शेयर बेच रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इससे उसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी तथा भविष्य में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

📌 Laser Power & Infra IPO Highlights

  • IPO Size: ₹742 करोड़
  • Price Band: ₹203–₹214 प्रति शेयर
  • IPO Open: 9 जुलाई 2026
  • IPO Close: 13 जुलाई 2026
  • Lot Size: 70 शेयर
  • Minimum Investment: ₹14,980
  • Expected Listing: 16 जुलाई 2026

कंपनी का कारोबार और बिजनेस मॉडल

साल 1988 में शुरू हुई लेजर पावर एंड इंफ्रा बिजली से जुड़े उत्पाद जैसे पावर केबल, कंडक्टर और ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के अन्य उपकरण बनाती है। इसके अलावा कंपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) परियोजनाओं पर भी काम करती है। कंपनी का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसकी आय तेजी से बढ़ी है और उसके पास कई बड़े ऑर्डर हैं, जिससे आने वाले समय में कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के कारोबार और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की परिचालन आय लगभग ₹1,314 करोड़ थी, जो वित्त वर्ष 2025 तक बढ़कर करीब ₹2,570 करोड़ हो गई। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ भी कई गुना बढ़ा है। साथ ही कंपनी की कमाई और लाभ से जुड़े प्रमुख वित्तीय आंकड़ों में भी सुधार दर्ज किया गया है, जिससे उसकी कारोबारी स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है।

⚠️ निवेश से पहले जानें जरूरी बातें

  • मुख्य जोखिम: सरकारी ठेकों पर अधिक निर्भरता
  • GMP: लगभग ₹14 प्रति शेयर (7 जुलाई)
  • संकेत: संभावित प्रीमियम लिस्टिंग की उम्मीद
  • ध्यान रखें: GMP लिस्टिंग की गारंटी नहीं देता
  • निवेश से पहले: कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और जोखिम का मूल्यांकन करें

निवेश से पहले जोखिम और GMP

हालांकि निवेश से पहले कुछ जोखिमों को भी समझना जरूरी है। कंपनी का बड़ा हिस्सा सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और बिजली बोर्डों से मिलने वाले ठेकों पर निर्भर करता है। यदि नए प्रोजेक्ट मिलने में देरी होती है या सरकारी खर्च कम होता है, तो इसका असर कंपनी के कारोबार और आय पर पड़ सकता है।

बाजार में आईपीओ खुलने से पहले इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की भी चर्चा है। 7 जुलाई को इसका जीएमपी लगभग ₹14 प्रति शेयर बताया गया, जिससे संकेत मिलता है कि शेयर की संभावित लिस्टिंग ऑफर प्राइस से कुछ ऊपर हो सकती है। हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल बाजार की धारणा को दिखाता है और इससे वास्तविक लिस्टिंग कीमत की कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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