चिदंबरम का दावा, मानसून सत्र में फिर आ सकता है 131वां संशोधन विधेयक

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने दावा किया है कि केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को फिर से पेश करने की तैयारी कर रही है। उनका आरोप है कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए भाजपा विपक्षी दलों एनसीपी (शरद पवार गुट) और डीएमके का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। चिदंबरम ने दोनों दलों से इस विधेयक का समर्थन नहीं करने की अपील की है।

चिदंबरम ने संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अप्रैल 2026 में यह विधेयक संसद में पास नहीं हो सका था और अब इसे नए रूप में फिर लाया जा सकता है। उनके अनुसार, इस विधेयक को महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने के नाम पर पेश किया गया था, लेकिन इसका असली उद्देश्य परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया शुरू करना और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव करना था।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देने के लिए संविधान में पहले ही 106वां संशोधन किया जा चुका है। ऐसे में महिलाओं के आरक्षण के लिए नए विधेयक की कोई जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि इस नए प्रस्ताव के पीछे वास्तविक मकसद परिसीमन को लागू करना है।

📌 चिदंबरम के प्रमुख दावे

  • विधेयक: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक
  • आरोप: परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी
  • अपील: एनसीपी (एसपी) और डीएमके समर्थन न करें
  • दावा: महिलाओं के आरक्षण के लिए नया कानून आवश्यक नहीं
  • मुख्य चिंता: राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर

परिसीमन को लेकर जताई चिंता

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भाजपा अब एनसीपी (एसपी) और डीएमके का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों ने पहले भी इस विधेयक के उद्देश्य को समझते हुए इसका समर्थन नहीं किया था और उम्मीद है कि वे आगे भी अपने रुख पर कायम रहेंगे।

चिदंबरम ने कहा कि यदि इन दलों ने विधेयक के नए संस्करण का समर्थन किया तो यह उनके पहले के रुख और सिद्धांतों के खिलाफ होगा। उनका मानना है कि मौजूदा परिसीमन के फार्मूले से उन राज्यों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का पालन करते हुए जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है।

🏛️ प्रस्तावित विधेयक की मुख्य बातें

  • संभावित सत्र: संसद का मानसून सत्र
  • संभावित शुरुआत: 20 जुलाई
  • चर्चा: लोकसभा सीटें 850 तक बढ़ाने का प्रस्ताव
  • प्रावधान: नए परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने की संभावना
  • स्थिति: सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं

सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार

उन्होंने कहा कि राज्यों के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है और परिसीमन के मुद्दे पर सभी संबंधित राज्यों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। खबरों के अनुसार, सरकार इस सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश कर सकती है। प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और नए परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान शामिल होने की चर्चा है। सरकार की ओर से इस विषय पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और संबंधित नेताओं के बयानों पर आधारित है। सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद विवरण बदल सकते हैं।

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