IBM की गिरावट के बाद भी संभले भारतीय IT शेयर, जानें वजह

अमेरिका की प्रमुख टेक कंपनी आईबीएम के दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के संकेत देने के बाद उसके शेयरों में एक दिन में 25.5% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे शुरुआत में वैश्विक टेक शेयरों पर दबाव बना और भारतीय आईटी कंपनियों के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADR) भी कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे। हालांकि कारोबार के अंत तक माहौल बदल गया और अमेरिकी महंगाई के उम्मीद से कम रहने के आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे भारतीय आईटी एडीआर में अच्छी रिकवरी देखने को मिली।

आईबीएम के कमजोर संकेतों से टेक शेयरों पर दबाव

इन्फोसिस का एडीआर शुरुआती कारोबार में गिरने के बाद संभल गया और आखिर में 5.12% की बढ़त के साथ बंद हुआ। विप्रो का एडीआर भी दिन की शुरुआत में दबाव में रहा, लेकिन बाद में रिकवरी करते हुए 1.6% की बढ़त के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती कमजोरी केवल आईबीएम के नतीजों की वजह से नहीं थी, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में पहले से मौजूद सतर्कता का भी असर था।

आईबीएम ने दूसरी तिमाही में अनुमान से कम आय और राजस्व का संकेत दिया। कंपनी के अनुसार, कई बड़े ग्राहक अब पारंपरिक सॉफ्टवेयर पर खर्च कम करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीकों, जैसे सर्वर, नेटवर्किंग उपकरण और मेमोरी चिप्स पर अधिक निवेश कर रहे हैं। इससे बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या एआई पर बढ़ता खर्च फिलहाल पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग को प्रभावित कर रहा है।

💻 बाजार की प्रमुख बातें

  • आईबीएम शेयर: 25.5% की गिरावट
  • इन्फोसिस एडीआर: 5.12% की बढ़त
  • विप्रो एडीआर: 1.6% की बढ़त
  • मुख्य वजह: अमेरिकी महंगाई के नरम आंकड़े
  • बाजार संकेत: टेक शेयरों में रिकवरी

भारतीय आईटी कंपनियों की स्थिति आईबीएम से अलग

हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों की स्थिति आईबीएम से अलग है। आईबीएम का कारोबार मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर, कंसल्टिंग और हाइब्रिड क्लाउड सेवाओं पर आधारित है, जबकि इन्फोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएलटेक जैसी भारतीय कंपनियां आउटसोर्सिंग, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, मैनेज्ड सर्विसेज और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से अधिक कमाई करती हैं। इसलिए आईबीएम की कमजोरी का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार पर नहीं माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारतीय आईटी सेक्टर पिछले करीब दो वर्षों से कमजोर मांग, धीमी डील और कमाई के दबाव का सामना कर रहा है। इसी कारण इस सेक्टर के शेयरों में पहले ही काफी गिरावट आ चुकी है और बाजार में अधिकांश नकारात्मक बातें पहले से शामिल हो चुकी हैं।

📈 रिकवरी के प्रमुख कारण

  • अमेरिकी महंगाई: 3.5%
  • बाजार अनुमान: 3.8%
  • डॉलर पर असर: ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद घटी
  • फायदा: वैश्विक टेक शेयरों में मजबूती
  • असर: भारतीय आईटी एडीआर में रिकवरी

महंगाई के नरम आंकड़ों से लौटा निवेशकों का भरोसा

भारतीय आईटी एडीआर में रिकवरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की उम्मीद से कम महंगाई रही। जून में अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई दर घटकर 3.5% पर आ गई, जबकि बाजार को 3.8% रहने की उम्मीद थी। इससे यह संभावना बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर ज्यादा सख्त रुख नहीं अपनाएगा। इसी उम्मीद ने वैश्विक शेयर बाजारों और खासकर टेक शेयरों को मजबूती दी, जिसका फायदा भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर को भी मिला।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश का निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी और वित्तीय सलाह अवश्य लें।

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