दिल्ली यूनिवर्सिटी ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे CJP Protest के बीच छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने कहा कि वह छात्रों की परेशानी और चिंता को समझता है और सभी पक्षों को मिलकर माहौल शांत करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मंगलवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग छात्रों की चिंताओं का फायदा उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्रों के डर को बढ़ाने के बजाय उनकी समस्याओं को कम करने की जरूरत है।
यह बयान संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के एक दिन बाद आया है। CJP के प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर छह FIR दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, दो मामले संसद मार्ग थाने में दर्ज किए गए हैं, जबकि एक-एक FIR कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थाने में दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। वह लंबे समय से अनशन पर हैं और प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।
CJP Protest को मिला राजनीतिक समर्थन
CJP Protest को लेकर राजनीतिक समर्थन भी बढ़ता जा रहा है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार जिस तरह से प्रदर्शन को संभाल रही है, उसकी उम्मीद नहीं थी।
इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे। शरद पवार ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
सरकार ने संसद में चर्चा के लिए जताई तैयारी
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को समझना और उनके मुद्दों पर बातचीत करना जरूरी है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह संसद में NEET से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध बयानों और घटनाओं पर आधारित है।
