केंद्र सरकार और CJP के बीच परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का दौर जारी है। शुक्रवार को हुई बैठक के बाद सरकार ने कहा कि सभी प्रस्तावों पर आंतरिक विचार-विमर्श के बाद शनिवार को अगली बैठक में अपना पक्ष रखा जाएगा।
केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को हुई बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक शनिवार को होगी। सरकार ने बताया कि पहले आज हुई चर्चा के सभी मुद्दों पर आंतरिक स्तर पर विचार किया जाएगा, जिसके बाद अगले दौर की बातचीत में अपना पक्ष रखा जाएगा। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली और इसमें परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार और CJP के बीच परीक्षा सुधार पर बातचीत जारी
नई दिल्ली में हुई इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच यह दूसरी औपचारिक बैठक थी। जानकारी के अनुसार संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। सरकार ने इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए समय मांगा है।
बैठक के बाद आशुतोष रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग पर सकारात्मक फैसला ले सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने सिद्धांत रूप में दो अन्य मांगों पर सहमति दिखाई है। इनमें परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज FIR व अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने का प्रस्ताव शामिल है।
बैठक की प्रमुख बातें
- बैठक: सरकार और CJP के बीच दूसरी औपचारिक वार्ता
- अवधि: लगभग दो घंटे
- मुख्य मुद्दा: परीक्षा सुधार और जवाबदेही
- सरकार का रुख: प्रस्तावों पर आंतरिक विचार
- अगली बैठक: शनिवार को प्रस्तावित
- फोकस: परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सुधार
संगठन की मांगें और सरकार का रुख
हालांकि संगठन ने साफ किया कि उसकी सबसे बड़ी मांग अभी भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनका कहना है कि जब तक इस मांग पर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन से जुड़े मुद्दे पूरी तरह समाप्त नहीं माने जाएंगे। संगठन का दावा है कि परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।
सरकार और संगठन के बीच बातचीत ऐसे समय हो रही है जब परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर पूरे देश में चर्चा जारी है। हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिन का अनशन समाप्त किया था। सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए कई कदम उठाने का भरोसा भी दिया है।
परीक्षा सुधार से जुड़े प्रमुख बिंदु
- मुख्य मांग: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर निर्णय
- मुआवजा: प्रभावित छात्रों के परिवारों के लिए सहायता
- कानूनी कार्रवाई: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने का प्रस्ताव
- सुधार: परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
- उद्देश्य: छात्रों का भरोसा बहाल करना
- अगला कदम: सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रश्नपत्र लीक पर सरकार की तैयारी
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को गंभीर बताते हुए कहा कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामलों की जल्द सुनवाई के लिए Cabinet में नए कानून का प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई है। हालांकि शुक्रवार को हुई नियमित कैबिनेट ब्रीफिंग में इस प्रस्ताव को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई।
Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या घोषणा के लिए संबंधित सरकारी सूचना का इंतजार करें।
