CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई दूसरी दौर की बातचीत में परीक्षा सुधार और छात्रों से जुड़ी मांगों पर चर्चा हुई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर स्पष्ट रुख रखा है।
केंद्र सरकार और कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के बीच शुक्रवार को हुई दूसरी दौर की बातचीत में प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपना रुख साफ कर दिया। CJP ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET-UG पीड़ितों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेना उनकी ऐसी मांगें हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
CJP की तीन प्रमुख मांगों पर सरकार से चर्चा
सरकार की ओर से बातचीत के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन मुख्य मांगों के साथ परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े पांच सुझाव भी रखे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी बातें सुनी हैं और शनिवार को दोबारा चर्चा कर अपना पक्ष साझा किया जाएगा।
बैठक को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों की दो मांगों पर सहमति के संकेत दिए हैं। इसमें कथित पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की बात शामिल है।
📌 CJP की मुख्य मांगें
- पहली मांग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- दूसरी मांग: NEET-UG पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा
- तीसरी मांग: छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी
- स्थिति: मांगों पर समझौता नहीं करने का ऐलान
- बैठक: केंद्र सरकार के साथ दूसरे दौर की बातचीत
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार का रुख
हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार फिलहाल सहमत होती नहीं दिख रही है। केंद्र का फोकस परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव करने और छात्रों का भरोसा वापस लाने पर है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने, भविष्य में पेपर लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नए कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कानून और प्रशासनिक स्तर पर कई सुधार किए जा सकते हैं।
📝 परीक्षा व्यवस्था में संभावित बदलाव
- मुख्य उद्देश्य: पेपर लीक रोकना
- कार्रवाई: दोषियों के खिलाफ सख्त कदम
- सुधार: परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना
- NTA बदलाव: अधिकारियों में फेरबदल
- लक्ष्य: छात्रों का विश्वास बहाल करना
NTA में पहले ही किए गए बदलाव
केंद्र सरकार पहले ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े बदलाव कर चुकी है। इसके तहत शीर्ष अधिकारियों में फेरबदल किया गया है और कई अधिकारियों को हटाया गया है। NTA ही NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन करती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर भविष्य में मंत्रिमंडल में बदलाव होता है तो धर्मेंद्र प्रधान के विभाग में परिवर्तन संभव है, लेकिन फिलहाल ऐसी किसी प्रक्रिया के जल्द होने के संकेत नहीं हैं। सरकार की प्राथमिकता परीक्षा व्यवस्था में सुधार करके छात्रों के बीच विश्वास बहाल करना है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध सूत्रों और रिपोर्टों पर आधारित है। अंतिम निर्णय सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगा।
