आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन Claude बनाने वाली कंपनी Anthropic के एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि ज्यादातर लोग AI से बेहतर नतीजे इसलिए नहीं ले पाते क्योंकि वे उसे जरूरत से ज्यादा निर्देश देते हैं। Claude Code के प्रमुख बोरिस चेर्नी ने कहा कि बहुत से यूजर्स लंबे और बेहद विस्तार से लिखे हुए prompt का इस्तेमाल करते हैं, जिससे एआई की क्षमता सीमित हो जाती है।
AI से बेहतर नतीजे कैसे मिल सकते हैं
बोरिस चेर्नी के अनुसार, AI को जरूरत से ज्यादा निर्देश देने के बजाय केवल स्पष्ट उद्देश्य बताना अधिक प्रभावी हो सकता है। उनका मानना है कि आधुनिक AI मॉडल कई काम अपने स्तर पर बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान चेर्नी ने बताया कि कई लोग एआई को हर छोटा कदम पहले से ही बता देते हैं। वे यह तय कर देते हैं कि कौन-सा काम पहले होगा और कौन-सा बाद में। उनके अनुसार, नई पीढ़ी के एआई मॉडल पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्षम हैं और वे अपने तरीके से किसी काम को बेहतर ढंग से पूरा कर सकते हैं। ऐसे में जरूरत से ज्यादा निर्देश देना हमेशा फायदेमंद नहीं होता।
चेर्नी का कहना है कि लोगों को एआई को ऐसे काम भी सौंपने चाहिए, जिन्हें वे खुद उसके लिए मुश्किल मानते हों। उनका मानना है कि हर नए मॉडल के साथ उसकी क्षमता बढ़ती है और वह ऐसे कार्य भी कर सकता है, जो पहले संभव नहीं थे।
बोरिस चेर्नी की मुख्य सलाह
- Prompt: जरूरत से ज्यादा लंबा न रखें
- AI: काम का स्पष्ट उद्देश्य बताएं
- निर्देश: हर छोटे कदम को नियंत्रित न करें
- भरोसा: AI को अपने तरीके से काम करने दें
- लक्ष्य: बेहतर और तेज परिणाम प्राप्त करना
- फोकस: परिणाम की सही जांच का तरीका बताएं
Claude Code प्रमुख ने क्या कहा
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Claude ने हाल ही में एक बड़े code प्रोजेक्ट को एक प्रोग्रामिंग भाषा से दूसरी भाषा में बदलने का काम लगभग 11 दिनों में पूरा किया। उनके मुताबिक यही काम इंजीनियरों की टीम को पूरा करने में एक साल से भी अधिक समय लग सकता था।
बोरिस चेर्नी ने यह भी कहा कि भविष्य केवल बेहतर प्रॉम्प्ट लिखने का नहीं है। उनके अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एआई को ऐसा तरीका दिया जाए, जिससे वह अपने जवाब की जांच और पुष्टि खुद कर सके। यदि उपयोगकर्ता सही परिणाम की जांच करने का तरीका बताते हैं, तो एआई अधिक भरोसेमंद उत्तर दे सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि एआई के साथ उसी तरह व्यवहार करें, जैसे किसी अनुभवी सहकर्मी के साथ किया जाता है। यानी उसे काम का उद्देश्य बताइए, लेकिन हर छोटे कदम को नियंत्रित करने की कोशिश मत कीजिए। इससे कई बार बेहतर और तेज नतीजे मिल सकते हैं।
AI का बेहतर उपयोग करने के तरीके
- स्पष्ट लक्ष्य: केवल उद्देश्य बताएं
- Prompt: छोटा और सरल रखें
- Editing: जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी जोड़ें
- Code: परिणाम की जांच का तरीका बताएं
- सुधार: पहले उत्तर के बाद निर्देश बढ़ाएं
- फायदा: समय की बचत और बेहतर परिणाम
विशेषज्ञों की राय
इस सोच का समर्थन पहले भी कई विशेषज्ञ कर चुके हैं। Google Brain के सह-संस्थापक एंड्रयू एनजी ने भी पिछले वर्ष कहा था कि शुरुआत में छोटा और सामान्य निर्देश देना कई बार अधिक उपयोगी होता है। यदि पहला जवाब उम्मीद के मुताबिक न हो, तभी उसमें अतिरिक्त जानकारी जोड़नी चाहिए।
एंड्रयू एनजी के अनुसार, जब किसी काम का सही या गलत परिणाम जल्दी समझ में आ जाता है, जैसे editing या प्रोग्रामिंग से जुड़े कार्य, तब छोटा निर्देश देकर शुरुआत करना समय बचा सकता है। जरूरत पड़ने पर बाद में अतिरिक्त जानकारी जोड़कर एआई से और बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। ऐसे में उपयोगकर्ताओं को भी अपनी कार्यशैली बदलनी होगी। जरूरत से ज्यादा निर्देश देने के बजाय स्पष्ट लक्ष्य बताना और परिणाम की सही जांच करना भविष्य में एआई का बेहतर उपयोग करने का सबसे प्रभावी तरीका साबित हो सकता है।
अस्वीकरण: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित है। AI का उपयोग करते समय अपने उद्देश्य के अनुसार परिणामों की जांच अवश्य करें।

