Commodity Market: Gold, Silver और Crude Oil में बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव

अगले सप्ताह कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध का असर कच्चे तेल, सोने और चांदी जैसी प्रमुख वस्तुओं पर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें भी कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

कमोडिटी बाजार में अगले सप्ताह बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव

पिछले सप्ताह बाजार में कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए। अमेरिका में महंगाई से जुड़े आंकड़े अपेक्षाकृत नरम रहे, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और कम हुई। इसके अलावा उपभोक्ता भरोसे में गिरावट और खुदरा बिक्री के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों ने भी दरों को स्थिर रखने की उम्मीद मजबूत की।

Commodity Market में Gold Silver और Crude Oil पर Hormuz तनाव का असर
Commodity Market में Gold, Silver और Crude Oil की दिशा पर Hormuz तनाव और Fed की नीति की नजर।

 

अमेरिकी डॉलर में भी सप्ताह के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। लंबे समय वाले अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की नीलामी में ब्याज दर काफी ऊंचे स्तर पर पहुंची, जिससे सरकारी कर्ज को लेकर चिंता बढ़ी। इसके बाद कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण डॉलर में आई तेजी कुछ कम हो गई और सप्ताह का अंत लगभग 99.63 के स्तर पर हुआ।

अमेरिकी बाजार और फेड की नीति पर नजर

अमेरिकी शेयर बाजार में नरम आर्थिक आंकड़ों को निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि डॉव जोंस में हल्की गिरावट रही। बाजार को उम्मीद है कि अगर महंगाई का दबाव कम बना रहता है तो फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है।

🪙 सोना-चांदी पर बाजार की नजर

  • हाजिर सोना: 4,440 डॉलर प्रति औंस के ऊपर
  • चांदी: करीब आठ सप्ताह के उच्च स्तर 66.8 डॉलर प्रति औंस
  • सोने की साप्ताहिक बढ़त: करीब 1 प्रतिशत
  • चांदी की साप्ताहिक बढ़त: लगभग 3 प्रतिशत
  • भारतीय सोना: 1,51,461 से 1,48,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का समर्थन क्षेत्र
  • अगला स्तर: 1,55,835 रुपये के ऊपर 1,58,600 रुपये

सोने और चांदी में बनी हुई है मजबूती

सोने की कीमत भी मजबूत बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,440 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जो जून की शुरुआत के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर था। चांदी भी करीब आठ सप्ताह के उच्च स्तर 66.8 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची। सप्ताह के दौरान सोने में करीब 1 प्रतिशत और चांदी में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सोने और चांदी से जुड़े निवेश उत्पादों में पैसा आने से भी इन धातुओं को सहारा मिला।

भारतीय बाजार में सोने का रुझान भी सकारात्मक बना हुआ है। सोना 1,51,461 से 1,48,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के समर्थन क्षेत्र से ऊपर कारोबार कर रहा है। यह पिछली तेजी के बाद बना महत्वपूर्ण स्तर माना जा रहा है। तकनीकी संकेतों के अनुसार कीमत में तेजी की स्थिति अभी बनी हुई है। अगर सोना 1,55,835 रुपये के ऊपर मजबूती से टिकता है तो यह 1,58,600 रुपये के अगले स्तर की ओर बढ़ सकता है।

औद्योगिक धातुओं में मिला-जुला कारोबार

औद्योगिक धातुओं में पिछले सप्ताह मिला-जुला कारोबार रहा। तांबे की कीमत करीब 0.6 प्रतिशत बढ़कर 14,160 डॉलर प्रति टन पहुंच गई। बाजार में उपलब्ध तांबे की मात्रा कम होने और भंडार में लगातार गिरावट से कीमत को समर्थन मिला। हालांकि चीन से मांग कमजोर रहने के कारण तेजी पर कुछ दबाव रहा।

दूसरी ओर, एल्युमिनियम करीब 1 प्रतिशत गिरकर 3,252 डॉलर प्रति टन पर आ गया। ऑस्ट्रेलिया से आपूर्ति बेहतर होने और संयुक्त अरब अमीरात की एक बड़ी कंपनी द्वारा उत्पादन दोबारा बढ़ाने की योजना से बाजार में कमी की चिंता कुछ कम हुई।

🛢️ कच्चे तेल पर होर्मुज संकट का असर

  • ब्रेंट तेल: 90 डॉलर प्रति बैरल
  • डब्ल्यूटीआई: करीब 83.2 डॉलर प्रति बैरल
  • मुख्य चिंता: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव
  • तेजी सीमित होने की वजह: कमजोर मांग और बढ़ता अमेरिकी तेल भंडार
  • अमेरिकी भंडार: 1.74 करोड़ बैरल की बढ़ोतरी
  • संभावित जोखिम: तनाव बढ़ने पर तेल की कीमतों में तेज उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, होर्मुज पर नजर

कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी रही। ब्रेंट तेल 90 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई करीब 83.2 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिकी प्रतिबंध हटने तक वह जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलेगा। इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है।

हालांकि तेल की तेजी करीब 5 प्रतिशत के आसपास सीमित रही। इसका कारण कमजोर मांग का अनुमान और अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में अचानक हुई बड़ी बढ़ोतरी रही। ओपेक ने 2026 के लिए तेल की मांग बढ़ने का अनुमान घटाकर 5.8 लाख बैरल प्रतिदिन कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने भी खपत में कमी का अनुमान बढ़ाया है। अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार 1.74 करोड़ बैरल बढ़ना भी कीमतों के लिए दबाव वाला संकेत रहा।

अगले सप्ताह तेल में दोनों दिशाओं में बदलाव संभव

आने वाले सप्ताह में तेल की कीमतों में दोनों दिशाओं में तेज बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर होर्मुज को लेकर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमत तेजी से ऊपर जा सकती है। वहीं तनाव कम होने या बातचीत में कोई सकारात्मक प्रगति होने पर कीमतों में राहत आ सकती है। कमजोर मांग और बढ़ते भंडार भी तेल की तेजी को सीमित कर सकते हैं।

फेड के फैसले से सोने-चांदी की दिशा तय होगी

सोने और चांदी के लिए भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को स्थिर रखने के संकेत देता है तो कीमती धातुओं को और समर्थन मिल सकता है। लेकिन अगर होर्मुज संकट के कारण महंगाई का खतरा फिर बढ़ता है और अमेरिकी केंद्रीय बैंक सख्त रुख अपनाता है, तो सोने और चांदी की तेजी पर दबाव आ सकता है।

अगले सप्ताह इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

अगले सप्ताह चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की बैठक का विवरण और अलग-अलग देशों के शुरुआती कारोबारी गतिविधि आंकड़े बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। ऐसे में निवेशकों के लिए सिर्फ महंगाई के आंकड़ों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। अब बाजार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि भू-राजनीतिक तनाव कमजोर होती महंगाई की स्थिति को कितना प्रभावित करता है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य के लिए है। इसे निवेश सलाह न मानें और निवेश से पहले विशेषज्ञ की राय लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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