कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत में प्रगति की खबरें हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि इन वार्ताओं के सकारात्मक नतीजे सामने आते हैं, तो अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता घटने की संभावना बढ़ी है।
ईरान-ओमान वार्ता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
शुरुआती कारोबार में Brent crude की कीमत लगभग 0.5 प्रतिशत गिरकर 79.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं WTI कच्चा तेल करीब 0.7 प्रतिशत टूटकर 74.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। एक दिन पहले दोनों प्रमुख तेल बेंचमार्क में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।
बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशक इस समय पश्चिम एशिया की राजनीतिक स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यदि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी समझौता होता है और समुद्री व्यापार सामान्य होता है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बेहतर हो सकती है। इसी संभावना ने तेल की कीमतों पर दबाव बनाया है।
🛢️ कच्चे तेल बाजार की मुख्य बातें
- Brent Crude: 79.08 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude: 74.69 डॉलर प्रति बैरल
- मुख्य कारण: ईरान-ओमान वार्ता में प्रगति की खबरें
- बाजार फोकस: अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आपूर्ति
- प्रभाव: तेल की कीमतों पर दबाव
पश्चिम एशिया की स्थिति पर बनी हुई है नजर
रिपोर्टों के अनुसार, एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है जिसके तहत समुद्री मार्गों के संचालन से जुड़े कुछ मुद्दों पर नई व्यवस्था बनाई जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर और अदन की खाड़ी के पास सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे घटनाक्रमों के कारण बाजार में जोखिम की भावना अभी भी बनी हुई है।
📊 निवेशकों के लिए प्रमुख संकेत
- अमेरिकी Crude Oil Stock: लगभग 25 लाख बैरल की बढ़ोतरी
- आपूर्ति: पर्याप्त सप्लाई से कीमतों पर दबाव
- जोखिम: पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी घटनाक्रम
- बाजार फोकस: अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति
- संभावना: तनाव घटने पर कीमतों में और नरमी
आगे किस दिशा में जा सकती हैं तेल की कीमतें
इस बीच अमेरिका से जारी आंकड़ों में बताया गया कि वहां crude oil का भंडार बढ़ा है। पिछले सप्ताह अमेरिकी तेल भंडार में लगभग 25 लाख बैरल की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बाजार को भंडार में कमी आने की उम्मीद थी। अधिक भंडार का मतलब यह माना जाता है कि फिलहाल आपूर्ति पर्याप्त है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया की राजनीतिक स्थिति, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति पर निर्भर करेगी। यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो कीमतों में नरमी जारी रह सकती है, जबकि किसी नए तनाव की स्थिति में बाजार फिर से तेजी दिखा सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और बाजार के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। निवेश से पहले वित्तीय सलाह अवश्य लें।

