कच्चे तेल की कीमत बढ़ी, US-Iran तनाव से बढ़ी सप्लाई की चिंता

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े तनाव ने दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ा दी है। इसी चिंता के कारण ब्रेंट क्रूड 56 सेंट यानी 0.6 प्रतिशत बढ़कर 91.05 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 83 सेंट यानी 1 प्रतिशत चढ़कर 86.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

इससे पहले सोमवार को भी तेल की कीमतों में अच्छी तेजी आई थी। ब्रेंट क्रूड 2.7 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ और कारोबार के दौरान 25 अगस्त के बाद के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई में भी 2.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 21 अगस्त के बाद के उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

तेल की कीमतों में मौजूदा तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के खिलाफ आगे भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इससे निवेशकों में यह चिंता बढ़ गई कि संघर्ष लंबा खिंचने पर तेल की आपूर्ति और समुद्री परिवहन प्रभावित हो सकता है।

तेल बाजार के मुख्य आंकड़े

  • ब्रेंट क्रूड: 91.05 डॉलर प्रति बैरल
  • ब्रेंट बढ़त: 56 सेंट यानी 0.6 प्रतिशत
  • डब्ल्यूटीआई क्रूड: 86.59 डॉलर प्रति बैरल
  • डब्ल्यूटीआई बढ़त: 83 सेंट यानी 1 प्रतिशत
  • मुख्य वजह: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
  • महत्वपूर्ण मार्ग: होर्मुज जलडमरूमध्य

होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी चिंता बढ़ी

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। यह मार्ग वैश्विक तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सप्ताहांत में इस रास्ते से गुजरने वाले दिखाई देने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या घटकर केवल पांच प्रतिदिन रह गई। कतर और ओमान सहित मध्यस्थ देशों की ओर से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया की करीब पांचवीं हिस्से की तेल आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरती थी। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले के बाद ईरान ने इस मार्ग को बंद कर दिया था। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बड़ी रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

तेल टैंकर पर हमले की सूचना

समुद्री सुरक्षा को लेकर भी नई चिंता सामने आई है। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संचालन संस्था के अनुसार, एक तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलते समय तीन प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने की सूचना दी। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की जानकारी नहीं मिली।

ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी चिंताएं

  • मुख्य जोखिम: तेल आपूर्ति में रुकावट
  • समुद्री मार्ग: होर्मुज जलडमरूमध्य
  • जहाजों की आवाजाही: पांच प्रतिदिन तक घटी
  • सुरक्षा चिंता: तेल टैंकर पर तीन प्रोजेक्टाइल की सूचना
  • अमेरिकी भंडार: करीब 44 साल के निचले स्तर के आसपास
  • आगे नजर: अमेरिका-ईरान तनाव और तेल आपूर्ति

वेनेजुएला के तेल भंडार पर भी बाजार की नजर

अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के तेल भंडार को लेकर हुए समझौते को भी ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि इससे अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार को फिर भरने में मदद मिल सकती है। यह भंडार इस समय करीब 44 साल के निचले स्तर के आसपास बताया जा रहा है।

इसके अलावा कई बड़ी ऊर्जा कंपनियों के वेनेजुएला में समझौते अंतिम रूप देने की उम्मीद है। इनमें अमेरिकी कंपनियों के साथ भारत की ओएनजीसी, इटली की एनी और कोलंबिया की जियोपार्क जैसी कंपनियां शामिल हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज मार्ग की स्थिति और तेल आपूर्ति से जुड़ी खबरें कीमतों की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Gourav Kumar Singh

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