ONGC Investment: गहरे समुद्र में ₹1 लाख करोड़ का निवेश

ONGC ने देश में तेल और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने तथा विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए बड़ा निवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

ओएनजीसी गहरे समुद्र में करेगी 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश

ओएनजीसी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अगले पांच वर्षों के दौरान हर साल लगभग 20,000 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।

कंपनी का यह Invest Deeper और बेहद गहरे समुद्री क्षेत्रों में स्थित तेल एवं गैस भंडार की खोज पर केंद्रित रहेगा। इन क्षेत्रों में करीब 5,600 मिलियन मीट्रिक टन तेल के बराबर संभावित भंडार होने का अनुमान है। खास बात यह है कि कंपनी इस पूरे अभियान के लिए सरकार की ओर से हाल में मंजूर की गई 84,000 करोड़ रुपये की समुद्री क्षेत्र प्रोत्साहन योजना पर निर्भर नहीं रहेगी। ओएनजीसी अपने संसाधनों से इस निवेश को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

ONGC Investment और Deep Sea Oil Exploration की योजना
ONGC Investment के तहत Deep Sea Oil और Gas Exploration पर बड़ा खर्च होगा।

 

कंपनी विदेशों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रही है। ओएनजीसी वर्ष 2026 के अंत तक दुबई या Singapore में समुद्र से जुड़े तेल कारोबार के लिए एक नया व्यापारिक केंद्र शुरू कर सकती है। इसे अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ विकसित किया जा रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि बेहतर कच्चे तेल की खरीद, माल ढुलाई और जोखिम प्रबंधन के जरिए यह कारोबार हर साल करीब 1 अरब डॉलर तक का लाभ दे सकता है। कंपनी के अनुसार इस परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

ओएनजीसी के बड़े निवेश की मुख्य बातें

  • कुल निवेश: करीब 1 लाख करोड़ रुपये
  • सालाना निवेश: लगभग 20,000 करोड़ रुपये
  • मुख्य क्षेत्र: गहरे और बेहद गहरे समुद्री क्षेत्र
  • संभावित भंडार: करीब 5,600 मिलियन मीट्रिक टन तेल के बराबर
  • विदेशी केंद्र: दुबई या Singapore
  • संभावित लाभ: हर साल करीब 1 अरब डॉलर तक

वेनेजुएला में भी गतिविधियां फिर शुरू करने की तैयारी

ओएनजीसी की सहायक कंपनी ONGC Videsh Limited भी वेनेजुएला में अपनी गतिविधियां फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी को जुलाई में अमेरिका के संबंधित विभाग से वहां काम करने की अनुमति मिल चुकी है। इसके बाद अब वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ काम शुरू करने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में इससे जुड़ा ढांचा तैयार हो जाएगा।

देश के भीतर ओएनजीसी ने गहरे समुद्री क्षेत्रों में काफी बड़ा हिस्सा हासिल किया है। खुला क्षेत्र लाइसेंस नीति के तहत नौवें दौर की बोली तक कंपनी को कुल गहरे समुद्री क्षेत्र का करीब 68 प्रतिशत हिस्सा मिल चुका है। वित्त वर्ष 2028 में ऐसे क्षेत्रों में 10 कुओं की खोज करने की योजना है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2031 तक जमीन और समुद्र दोनों क्षेत्रों में 350 से अधिक नए खोजी कुएं खोदे जाने की उम्मीद है।

कर्नाटक में बनेगा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार

कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए Karnataka में 17.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी बनाने जा रही है। इसके लिए मैंगलोर विशेष आर्थिक क्षेत्र में जमीन पहले से उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार परियोजना का कारोबारी ढांचा तैयार किया जा रहा है और जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे भंडार आपूर्ति में अचानक आने वाली परेशानी या अंतरराष्ट्रीय बाजार में संकट के समय देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई योजनाएं

  • वेनेजुएला: गतिविधियां दोबारा शुरू करने की तैयारी
  • गहरे समुद्री क्षेत्र: करीब 68 प्रतिशत हिस्सा ओएनजीसी के पास
  • वित्त वर्ष 2028: 10 कुओं की खोज की योजना
  • वित्त वर्ष 2031: 350 से अधिक नए खोजी कुएं
  • रणनीतिक भंडार: 17.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता
  • स्थान: मैंगलोर विशेष आर्थिक क्षेत्र

घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर कंपनी का जोर

ओएनजीसी का यह पूरा विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब भारत घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है। deep sea में मौजूद संसाधनों की खोज, विदेशों में कारोबार का विस्तार और रणनीतिक तेल भंडार बनाने की योजनाएं कंपनी के साथ-साथ देश की लंबी अवधि की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। सोमवार को ओएनजीसी के शेयर बीएसई पर 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 232 रुपये पर बंद हुए।

Conclusion

ओएनजीसी का नया निवेश भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। गहरे समुद्र में खोज, विदेशों में कारोबार और strategic oil reserves से कंपनी अपनी गतिविधियां बढ़ाने के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

Frequently asked questions

1. ओएनजीसी अगले पांच वर्षों में कितना निवेश करेगी?

ओएनजीसी वित्त वर्ष 2031 तक गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। कंपनी हर साल लगभग 20,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।

2. ओएनजीसी गहरे समुद्र में तेल खोज क्यों बढ़ा रही है?

कंपनी का उद्देश्य देश में कच्चे तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाना है। इससे भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता कम हो सकती है। गहरे समुद्री क्षेत्रों में बड़े संभावित भंडार होने के कारण यहां खोज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

3. ओएनजीसी का नया तेल कारोबार कहां शुरू होगा?

ओएनजीसी दुबई या सिंगापुर में समुद्री तेल कारोबार से जुड़ा नया केंद्र शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसे अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ विकसित किया जाएगा। कंपनी को खरीद, परिवहन और जोखिम प्रबंधन से सालाना 1 अरब डॉलर तक कमाई की उम्मीद है।

4. ONGC Venezuela में दोबारा काम कब शुरू करेगी?

ओएनजीसी विदेश को जुलाई में वेनेजुएला में काम करने की अनुमति मिल चुकी है। अब वहां की सरकार के साथ परिचालन व्यवस्था पर बातचीत चल रही है। कंपनी के अनुसार अगले तीन महीनों में काम शुरू करने से जुड़ा ढांचा तैयार हो सकता है।

5. कर्नाटक में ओएनजीसी क्या बनाने जा रही है?

ओएनजीसी कर्नाटक में 17.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए मैंगलोर विशेष आर्थिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध है। निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है और निवेश निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना उचित है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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