पिछले तीन वर्षों में कई म्यूचुअल फंड योजनाओं ने एचडीएफसी बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2023 और जुलाई 2026 दोनों में एचडीएफसी बैंक को अपने पोर्टफोलियो में रखने वाली 464 योजनाओं में से 377 ने बैंक में निवेश का वजन कम किया। यानी करीब 81 प्रतिशत योजनाओं ने इस अवधि में अपनी हिस्सेदारी घटाई, जबकि केवल 86 योजनाओं ने इसे बढ़ाया और एक योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ।
म्यूचुअल फंड योजनाओं ने एचडीएफसी बैंक में घटाई हिस्सेदारी
एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद भी एचडीएफसी बैंक लंबे समय तक म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाले शेयरों में शामिल रहा। हालांकि, पिछले तीन साल में तस्वीर काफी बदली है। खासतौर पर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं ने एचडीएफसी बैंक में अपना निवेश काफी कम किया है। इन योजनाओं में पहले बैंक का हिस्सा पोर्टफोलियो में काफी ज्यादा था, इसलिए कटौती भी बड़ी दिखाई देती है।
एचडीएफसी बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने जुलाई 2023 में बैंक में अपने पोर्टफोलियो का 26.61 प्रतिशत हिस्सा रखा था, जो जुलाई 2026 में घटकर 13.01 प्रतिशत रह गया। इसी तरह कोटक बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने अपनी हिस्सेदारी 13.45 प्रतिशत अंक घटाकर 10.48 प्रतिशत कर दी। बड़ौदा बीएनपी पारिबा बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड में भी बैंक का वजन 13.42 प्रतिशत अंक कम होकर 7.71 प्रतिशत रह गया।
आईटीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड में एचडीएफसी बैंक की हिस्सेदारी 21.26 प्रतिशत से घटकर 8.08 प्रतिशत हो गई। एलआईसी एमएफ बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने भी बैंक में अपना हिस्सा 19.86 प्रतिशत से घटाकर 8.22 प्रतिशत कर दिया। इससे पता चलता है कि बैंकिंग क्षेत्र पर केंद्रित योजनाओं में एचडीएफसी बैंक को लेकर निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव आया है।
एचडीएफसी बैंक में म्यूचुअल फंड निवेश
- कुल योजनाएं: 464 म्यूचुअल फंड योजनाएं
- हिस्सेदारी घटाने वाली: 377 योजनाएं
- हिस्सेदारी बढ़ाने वाली: 86 योजनाएं
- कोई बदलाव नहीं: 1 योजना
- कमी का अनुपात: करीब 81 प्रतिशत योजनाओं ने वजन घटाया
- अवधि: जुलाई 2023 से जुलाई 2026
बैंकिंग फंड में सबसे ज्यादा बदलाव
यह कमी केवल बैंकिंग क्षेत्र की योजनाओं तक सीमित नहीं रही। आदित्य बिड़ला सन लाइफ बिजनेस साइकिल फंड ने जुलाई 2023 में एचडीएफसी बैंक में 13.51 प्रतिशत निवेश रखा था, जो तीन साल बाद घटकर केवल 1.39 प्रतिशत रह गया। टाटा वैल्यू फंड में भी बैंक की हिस्सेदारी 13.36 प्रतिशत से घटकर 2.16 प्रतिशत हो गई। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने अपना हिस्सा 11.51 प्रतिशत अंक घटाकर 11.82 प्रतिशत कर दिया, जबकि टाटा बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड में यह 20.99 प्रतिशत से घटकर 10.02 प्रतिशत रह गया।
इस बदलाव के बीच निजी क्षेत्र के बैंकों में म्यूचुअल फंड निवेश की स्थिति भी बदली है। जुलाई में आईसीआईसीआई बैंक ने एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़ते हुए म्यूचुअल फंड के पास सबसे ज्यादा मूल्य वाली हिस्सेदारी वाला बैंक का स्थान हासिल किया। आईसीआईसीआई बैंक में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी करीब 2.90 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि एचडीएफसी बैंक में यह लगभग 2.86 लाख करोड़ रुपये थी।
आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक की स्थिति
- आईसीआईसीआई बैंक: म्यूचुअल फंड हिस्सेदारी का मूल्य करीब 2.90 लाख करोड़ रुपये
- एचडीएफसी बैंक: म्यूचुअल फंड हिस्सेदारी का मूल्य लगभग 2.86 लाख करोड़ रुपये
- एचडीएफसी बैंक में बदलाव: जुलाई में कुल हिस्सेदारी का मूल्य करीब 5.6 प्रतिशत घटा
- आईसीआईसीआई बैंक में बदलाव: जुलाई में हिस्सेदारी का मूल्य करीब 3 प्रतिशत बढ़ा
- बाजार की स्थिति: दोनों निजी बैंकों में निवेश की तस्वीर बदली
एचडीएफसी बैंक के शेयर पर भी बाजार की नजर
जुलाई में एचडीएफसी बैंक में म्यूचुअल फंड की कुल हिस्सेदारी का मूल्य महीने के आधार पर करीब 5.6 प्रतिशत घटा, जबकि आईसीआईसीआई बैंक में यह करीब 3 प्रतिशत बढ़ा। एचडीएफसी बैंक के शेयर पर भी हाल में बाजार की नजर रही है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सशिधर जगदीशन के 26 अक्टूबर को पद से हटने और दोबारा नियुक्ति की जरूरत की खबर के बाद शेयर चर्चा में आया। इस साल अब तक बैंक के शेयर में करीब 28 प्रतिशत की गिरावट बताई गई है।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना उचित है।