गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को देश की राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश-विदेश के निवेशकों, उद्योगपतियों और कारोबारियों से गुजरात में निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में विनिर्माण, नई तकनीक और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं। उनके अनुसार, गुजरात निवेश के लिए स्थिर नीतियों, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता, कुशल युवाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे के कारण आकर्षक स्थान बन चुका है।
गुजरात में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2000 से मार्च 2026 के बीच गुजरात में करीब 74.6 अरब डॉलर का निवेश आया है। उन्होंने कहा कि राज्य अब एक प्रमुख वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। पटेल ने कारोबारियों से गुजरात के विकास में भागीदार बनने और नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के साथ भविष्य की तकनीक तथा हरित विकास से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
यह कार्यक्रम 11वें वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन की तैयारी के तहत आयोजित किया गया था। यह सम्मेलन 10 जनवरी 2027 से तीन दिनों तक चलेगा। वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ यह आयोजन अब कारोबार, ज्ञान साझा करने और रणनीतिक साझेदारी के लिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित हो चुका है।
भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात सूत्रीय सुधार ढांचे ‘सप्त धारा’ का भी उल्लेख किया। इसमें विनिर्माण, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, हरित एवं समुद्री अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात इन सभी क्षेत्रों में देश के विकास में योगदान देने के लिए तैयार है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में अपनी भूमिका निभाएगा।
गुजरात में निवेश के प्रमुख क्षेत्र
- विनिर्माण: नई उत्पादन इकाइयों के लिए अवसर
- नई तकनीक: तकनीक और नवाचार पर जोर
- हरित ऊर्जा: हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा क्षेत्र पर ध्यान
- लॉजिस्टिक्स: मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ विकास
- रक्षा: रक्षा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं
- सेमीकंडक्टर: राज्य में छह संयंत्र स्थापित होने की जानकारी
निवेशकों के भरोसे को लेकर क्या बोले पटेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात केवल एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि यह राज्य में निवेशकों के भरोसे को भी दर्शाता है। उनके अनुसार, निवेशक किसी राज्य में पैसा लगाने से पहले केवल बाजार नहीं देखते, बल्कि नेतृत्व, सरकारी नीतियां, प्रशासन, बुनियादी ढांचा और अगले 10 से 20 वर्षों की विकास योजना को भी ध्यान में रखते हैं। गुजरात ने इन क्षेत्रों में निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश की है।
राज्य सरकार अब पारंपरिक उद्योगों के साथ भविष्य से जुड़े क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रही है। इस बार सम्मेलन की थीम ‘विकसित गुजरात – शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर’ रखी गई है। सरकार हरित हाइड्रोजन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ गुजरात को देश की सॉफ्ट पावर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
सेमीकंडक्टर संयंत्रों पर भी सरकार का जोर
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि राज्य निवेशकों के साथ साझेदार की तरह काम करेगा। उन्होंने बताया कि देश में मंजूर किए गए 12 सेमीकंडक्टर संयंत्रों में से छह गुजरात में स्थापित हो रहे हैं और इनमें से तीन ने उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे तेजी और प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है।
वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन की खास बातें
- आयोजन: 11वां वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन
- तारीख: 10 जनवरी 2027 से तीन दिनों तक
- शुरुआत: वर्ष 2003 में आयोजन की शुरुआत
- थीम: ‘विकसित गुजरात – शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर’
- निवेश: जनवरी 2000 से मार्च 2026 तक करीब 74.6 अरब डॉलर
- लक्ष्य: वैश्विक निवेश और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना
अस्वीकरण: यह जानकारी उपलब्ध विवरण पर आधारित है और निवेश संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।