दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। निर्वाचन आयोग ने अब इस प्रक्रिया को पूरा करने की नई अंतिम तिथि 17 अगस्त तय की है। पहले मतदाता सूची का प्रारूप 17 अगस्त को जारी होना था, लेकिन संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब इसे 24 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। आयोग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य अधिक से अधिक मतदाताओं को अपने विवरण सही कराने का अवसर देना है।
दिल्ली SIR अभियान की नई समय-सीमा और अहम बदलाव
नए कार्यक्रम के अनुसार 24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच मतदाताओं की ओर से भेजे गए दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। इसके बाद सभी आवश्यक सुधार पूरे होने पर अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी। पहले यह सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी थी।
दिल्ली में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने लगभग 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचा दिए हैं। अब तक 62 प्रतिशत से अधिक भरे हुए फॉर्म का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जा चुका है। इससे पहले घर-घर जाकर सत्यापन करने की अंतिम तिथि 8 अगस्त निर्धारित की गई थी।
🗳️ SIR अभियान की प्रमुख तारीखें
- नई अंतिम तिथि: 17 अगस्त
- प्रारूप मतदाता सूची: 24 अगस्त
- दावे और आपत्तियां: 24 अगस्त से 22 अक्टूबर
- अंतिम मतदाता सूची: 27 अक्टूबर
- उद्देश्य: अधिक मतदाताओं को सुधार का अवसर
फॉर्म भरते समय किन बातों का ध्यान रखें
मतदाताओं को फॉर्म भरते समय वर्ष 2002 से 2005 के बीच हुए पिछले विशेष पुनरीक्षण के रिकॉर्ड से अपने विवरण का मिलान करना होगा। यदि उस अवधि में उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में था, तो उसी के आधार पर जानकारी भरनी होगी। जो लोग उस समय किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज थे, उन्हें उस राज्य के रिकॉर्ड का विवरण देना होगा।
फॉर्म में मतदाता का नाम, EPIC नंबर, रिश्तेदार का नाम, संबंध, राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर, भाग संख्या, क्रम संख्या तथा हाल की पासपोर्ट आकार की फोटो देना आवश्यक होगा। अगर किसी व्यक्ति का नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं मिलता है, तो वह अपने माता-पिता या दादा-दादी जैसे किसी ऐसे रिश्तेदार का विवरण दे सकता है जिनका नाम उस समय की मतदाता सूची में दर्ज था।
📋 फॉर्म में जरूरी जानकारी
- जरूरी विवरण: नाम और EPIC नंबर
- रिकॉर्ड: 2002-2005 की मतदाता सूची से मिलान
- फोटो: हाल की पासपोर्ट आकार की फोटो
- आधार: देना पूरी तरह वैकल्पिक
- जमा: हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान के साथ BLO को दें
पुराने रिकॉर्ड और फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया
फॉर्म के अंतिम भाग में जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, माता-पिता, अभिभावक या जीवनसाथी का नाम और उनका वर्तमान EPIC नंबर भरना होगा। आधार नंबर देना पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है。
जो लोग वर्ष 2002 से पहले से दिल्ली में रह रहे हैं, वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दिल्ली की वेबसाइट पर उपलब्ध पुरानी मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। यदि नाम नहीं मिलता है, तो सूची में दर्ज किसी रिश्तेदार की जानकारी देकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। फॉर्म भरने के बाद उस पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाकर संबंधित BLO को जमा करना होगा, जिसके बाद रसीद दी जाएगी।
Disclaimer: यह जानकारी निर्वाचन आयोग के सार्वजनिक कार्यक्रम पर आधारित है। अंतिम प्रक्रिया और तिथियों में आधिकारिक संशोधन संभव है।