तमिलनाडु के इरोड स्थित डेयरी उत्पाद बनाने वाली कंपनी मिल्की मिस्ट को बाजार में नकली या दूध से अलग तरीके से तैयार किए जाने वाले पनीर पर हो रही कार्रवाई से कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि इस कार्रवाई से असली और पैक किए गए पनीर की मांग बढ़ सकती है। मिल्की मिस्ट के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. रत्नम ने कहा कि मौजूदा समय कंपनी के लिए पनीर कारोबार बढ़ाने का अच्छा अवसर है।
नकली पनीर पर कार्रवाई से मिल्की मिस्ट को फायदा मिलने की उम्मीद
कंपनी के अनुसार, वह हर दिन करीब 150 टन पनीर बनाने की क्षमता रखती है, जो इस क्षेत्र में कई अन्य कंपनियों की तुलना में अधिक है। देश में पनीर की ज्यादातर बिक्री अभी भी छोटे और असंगठित कारोबारियों के जरिए होती है। पैक किए गए और ब्रांडेड उत्पादों की हिस्सेदारी केवल करीब 6 से 7 प्रतिशत बताई गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में ग्राहक ब्रांडेड पनीर की ओर अधिक रुख कर सकते हैं।
मिल्की मिस्ट के लिए पनीर सबसे बड़ा कारोबार वाला उत्पाद है। जून तिमाही में इससे कंपनी को 248.29 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले साल की इसी अवधि में 185 करोड़ रुपये थी। यानी इस कारोबार में करीब 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। संगठित बाजार में पैक किए गए पनीर के निजी ब्रांडों में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत बताई गई है।
कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी बिस्वजीत मिश्रा के मुताबिक, पनीर को लेकर चल रही कार्रवाई से इसकी मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे कुल आय को भी फायदा मिलेगा। हालांकि, भविष्य में पनीर का योगदान सबसे ज्यादा रहने की संभावना है, लेकिन दूसरे उत्पादों की हिस्सेदारी भी धीरे-धीरे बढ़ सकती है।
मिल्की मिस्ट के पनीर कारोबार की मुख्य जानकारी
- उत्पादन क्षमता: हर दिन करीब 150 टन पनीर
- जून तिमाही आय: 248.29 करोड़ रुपये
- पिछले साल की आय: 185 करोड़ रुपये
- बढ़ोतरी: करीब 34 प्रतिशत
- ब्रांडेड पनीर बाजार: करीब 6 से 7 प्रतिशत हिस्सेदारी
- निजी ब्रांड हिस्सेदारी: करीब 19 प्रतिशत
चीज कारोबार में भी तेज बढ़ोतरी
कंपनी के अधिकारी ने बताया कि पनीर के साथ चीज का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। जून तिमाही में चीज के मूल्य के आधार पर कारोबार में करीब 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का मानना है कि आगे उत्पादों के बीच हिस्सेदारी में बदलाव देखने को मिल सकता है और चीज कारोबार का महत्व बढ़ सकता है।
पनीर की गुणवत्ता को लेकर सरकारी स्तर पर भी सख्ती बढ़ी है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस महीने नकली पनीर के निर्माण, वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी थी। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे उत्पादों के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं, खासकर तब जब ग्राहक को यह जानकारी न हो कि वह वास्तव में किस तरह का उत्पाद खरीद रहा है। गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी इस तरह के उत्पाद पर एक साल की रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसी बीच खाद्य डिलीवरी मंच जोमैटो ने भी अपने मंच से जुड़े रेस्तरां के लिए नकली चीज, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की बिक्री को लेकर सख्त नीति की घोषणा की। इससे पैक और प्रमाणित डेयरी उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नकली पनीर पर बढ़ती सख्ती और कंपनी का प्रदर्शन
- सरकारी कार्रवाई: महाराष्ट्र में नकली पनीर पर रोक
- अन्य राज्य: गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी रोक की जानकारी
- जोमैटो: नकली चीज, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों को लेकर सख्त नीति
- शुद्ध लाभ: जून 2026 तिमाही में 64.5 करोड़ रुपये
- कुल आय: 973 करोड़ रुपये
- आय में बढ़ोतरी: पिछले साल के 673 करोड़ रुपये से 45 प्रतिशत अधिक
मिल्की मिस्ट के तिमाही नतीजे मजबूत
शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद मिल्की मिस्ट के पहले नतीजों में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 64.5 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 5.7 करोड़ रुपये था। कंपनी की आय भी 45 प्रतिशत बढ़कर 973 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल 673 करोड़ रुपये थी।
दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी ने कहा है कि वह कच्चे माल की बढ़ी लागत को कुछ हद तक खुद संभालने की क्षमता रखती है। इसका मतलब है कि कंपनी तुरंत पूरा अतिरिक्त खर्च ग्राहकों पर डालने के बजाय अपनी लागत को संतुलित करने की कोशिश करेगी।
अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है और निवेश निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना उचित है।