पश्चिम बंगाल सरकार अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। जिन लोगों के आवेदन रिजेक्ट हो गए हैं या अभी जांच के लिए लंबित हैं, उन्हें जल्द ही पुराने आवेदन में सुधार करने का मौका मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही अन्नपूर्णा योजना के तहत आवेदन करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत दे सकती है। जिन लोगों के आवेदन खारिज हो गए हैं या अभी तक जांच के लिए लंबित हैं, उन्हें दोबारा नया आवेदन करने की बजाय अपने पुराने आवेदन में गलती सुधारने का मौका मिल सकता है। इसके लिए सरकार योजना के पोर्टल पर जल्द ही ‘एडिट’ का नया विकल्प शुरू करने की तैयारी कर रही है।
अन्नपूर्णा योजना के आवेदन में सुधार का मिलेगा मौका
अन्नपूर्णा योजना: बड़ी अपडेट
- नई सुविधा: पुराने आवेदन में Edit का विकल्प
- किन्हें लाभ: रिजेक्ट और अंडर रिव्यू आवेदन वाले लोग
- उद्देश्य: दस्तावेज और जानकारी की गलती सुधारना
- फायदा: नया आवेदन भरने की जरूरत नहीं
- माध्यम: ऑनलाइन पोर्टल
- स्थिति: सुविधा जल्द शुरू होने की संभावना
सरकारी अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में आवेदन आधार और मोबाइल नंबर से जुड़ी गलतियों के कारण अस्वीकार हुए हैं। कई लोगों ने शिकायत की थी कि वे योजना के पात्र होने के बावजूद केवल तकनीकी या दस्तावेजों में छोटी-मोटी त्रुटियों की वजह से लाभ से वंचित रह गए।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अन्नपूर्णा योजना के तहत करीब 1.6 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 1.2 करोड़ आवेदन मंजूर किए जा चुके हैं, जबकि करीब 27.8 लाख आवेदन खारिज कर दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कई आवेदन पात्रता की कमी के कारण नहीं, बल्कि जानकारी में गलती होने की वजह से अस्वीकार हुए।
आवेदन रिजेक्ट होने की प्रमुख वजहें
क्यों खारिज हुए लाखों आवेदन
- आधार: मोबाइल नंबर से सही लिंक नहीं
- मोबाइल नंबर: अलग-अलग योजनाओं में अलग नंबर
- एक नंबर: कई लोगों के आवेदन दर्ज
- सत्यापन: तकनीकी कारणों से पूरा नहीं हो सका
- प्रभाव: पात्र लोग भी लाभ से वंचित रहे
- समाधान: Edit विकल्प के जरिए सुधार
सबसे ज्यादा दिक्कत आधार नंबर का मोबाइल नंबर से सही तरीके से लिंक न होना, अलग-अलग सरकारी योजनाओं में अलग मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करना और एक ही मोबाइल नंबर से कई लोगों के आवेदन दर्ज होने जैसी वजहों से आई। इन कारणों से आवेदन का सत्यापन पूरा नहीं हो सका।
नई सुविधा शुरू होने के बाद जिन लोगों के आवेदन ‘रिजेक्ट’ या ‘अंडर रिव्यू’ की स्थिति में हैं, वे पोर्टल पर लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति देख सकेंगे। यदि किसी जानकारी में गलती होगी तो उसे ठीक करके दोबारा सत्यापन के लिए आवेदन जमा कर सकेंगे। इससे लोगों को नया आवेदन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
सरकार का लक्ष्य और आगे की तैयारी
राज्य सरकार ने 10 जुलाई 2026 तक खारिज हुए आवेदनों की जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा था। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सुधार के लिए पोर्टल पर नई सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
इस बीच कई आवेदकों ने बताया है कि सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके आवेदन की स्थिति अभी भी “Application Under Process” दिखा रही है। ऐसे कई लोग सरकार से जल्द फैसला होने का इंतजार कर रहे हैं।
अन्नपूर्णा योजना पश्चिम बंगाल सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक है। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए अपने बजट में 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य है कि दस्तावेजों या तकनीकी गलतियों के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। यही वजह है कि आवेदन में सुधार की सुविधा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
अस्वीकरण: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों और सरकारी अपडेट पर आधारित है। आधिकारिक सूचना के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल की पुष्टि अवश्य करें।
